पंजाब की भगवंत मान सरकार ने बाल भिक्षावृत्ति के खिलाफ अभियान तेज कर दिया है। प्रोजेक्ट ‘जीवनजोत’ के तहत राज्यभर में चलाए गए विशेष अभियान के दौरान भिक्षावृत्ति में शामिल 39 बच्चों को रेस्क्यू किया गया। इस दौरान अलग-अलग समय में 195 हॉटस्पॉट की जांच की गई और 82 विशेष रेड की गईं।
रेस्क्यू किए गए सभी बच्चों को संबंधित बाल कल्याण समितियों के सामने पेश किया गया, जहां बच्चों की सुरक्षा और उनके भविष्य को ध्यान में रखते हुए आगे की प्रक्रिया शुरू की गई।
27 बच्चों को माता-पिता के सुपुर्द किया गया
अभियान के दौरान रेस्क्यू किए गए बच्चों के दस्तावेज और पारिवारिक पहचान की जांच की गई। सत्यापन के बाद 27 बच्चों को मौके पर ही उनके माता-पिता के सुपुर्द कर दिया गया।
वहीं, 12 बच्चों को फिलहाल बाल गृहों में सुरक्षित रखा गया है। अधिकारियों के मुताबिक, इन बच्चों को परिवार और पहचान की पूरी पुष्टि होने के बाद ही स्वजन को सौंपा जाएगा। इसका उद्देश्य बच्चों की सुरक्षा और उनके सर्वोत्तम हित को सुनिश्चित करना है।
6 बच्चों का स्कूलों में होगा दाखिला
सरकार की ओर से सिर्फ बच्चों को भिक्षावृत्ति से बाहर निकालने तक अभियान को सीमित नहीं रखा गया है। बच्चों के पुनर्वास, शिक्षा, पोषण और सुरक्षित भविष्य पर भी काम किया जा रहा है।
इसी क्रम में रेस्क्यू किए गए छह बच्चों के स्कूलों में दाखिले की प्रक्रिया शुरू कर दी गई है। इसके अलावा छह अन्य बच्चों को आंगनवाड़ी केंद्रों से जोड़ने की कार्रवाई की जा रही है। इससे उन्हें पोषण, प्रारंभिक शिक्षा और समुचित विकास का लाभ मिल सकेगा।
‘सुरक्षित बचपन देना सरकार की प्राथमिकता’
महिला एवं बाल विकास मंत्री डॉ. बलजीत कौर ने कहा कि मान सरकार हर बच्चे को भिक्षावृत्ति, शोषण और असुरक्षा से मुक्त कर सुरक्षित बचपन देने के लिए प्रतिबद्ध है।
उन्होंने कहा कि सरकार का उद्देश्य केवल बच्चों को सड़कों से हटाना नहीं है, बल्कि उन्हें शिक्षा, पोषण, सुरक्षा और सम्मान के साथ समाज की मुख्यधारा से जोड़ना भी है।
भिक्षावृत्ति के खिलाफ अभियान जारी
मुख्यमंत्री भगवंत मान के निर्देशन में राज्य सरकार भिक्षावृत्ति, नशे और अपराध जैसी समस्याओं के खिलाफ लगातार अभियान चला रही है। प्रोजेक्ट ‘जीवनजोत’ के तहत बच्चों को भिक्षावृत्ति से बाहर निकालने के साथ-साथ उनके पुनर्वास और शिक्षा पर भी जोर दिया जा रहा है।
सरकार का फोकस अब रेस्क्यू किए गए बच्चों को सुरक्षित वातावरण देने के साथ उन्हें शिक्षा और बेहतर भविष्य की ओर आगे बढ़ाने पर है।