नर्मदापुरम जिले के इटारसी स्थित ‘मुस्कान’ बालिका गृह से पांच नाबालिग लड़कियों के रहस्यमय तरीके से लापता होने का मामला सामने आया है। इस घटना ने प्रशासन और पुलिस महकमे में हड़कंप मचा दिया है। मामले की गंभीरता को देखते हुए पुलिस अधीक्षक साई कृष्णा थोटा ने तत्काल विशेष जांच दल (SIT) का गठन कर पूरे मामले की गहन जांच के निर्देश दिए हैं। पुलिस लापता बालिकाओं की तलाश के साथ-साथ घटना के हर पहलू की जांच कर रही है।
सुरक्षा व्यवस्था पर उठे गंभीर सवाल
जानकारी के अनुसार, बालिका गृह में रह रही पांचों नाबालिग लड़कियां अचानक लापता हो गईं। घटना के बाद संस्था की सुरक्षा व्यवस्था और निगरानी प्रणाली पर गंभीर सवाल खड़े हो गए हैं। आखिर सख्त निगरानी और सुरक्षा के दावों के बीच पांच नाबालिग बालिकाएं कैसे गायब हो गईं, यह सबसे बड़ा सवाल बना हुआ है। मामले की जांच के लिए अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक अभिषेक राजन के नेतृत्व और एसडीओपी इटारसी वीरेंद्र मिश्रा के पर्यवेक्षण में हाई-लेवल एसआईटी गठित की गई है। टीम में एक निरीक्षक और तीन उपनिरीक्षक शामिल हैं, जिन्होंने बालिका गृह का निरीक्षण कर सुरक्षा व्यवस्थाओं की जांच शुरू कर दी है।
सूचना नहीं देने पर प्रबंधन पर बढ़ा संदेह
जांच के दौरान एक चौंकाने वाली बात सामने आई कि संस्था की ओर से पुलिस को बालिकाओं के लापता होने की तत्काल सूचना दिए जाने का कोई स्पष्ट रिकॉर्ड नहीं मिला। इस तथ्य ने बालिका गृह प्रबंधन की कार्यप्रणाली और जिम्मेदारी पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। पुलिस यह भी जांच कर रही है कि कहीं घटना को छिपाने या देर से सूचना देने की कोशिश तो नहीं की गई।
हर एंगल से जांच में जुटी पुलिस
पुलिस ने भारतीय न्याय संहिता (BNS) की धारा 137(2) के तहत मामला दर्ज कर लिया है। साइबर सेल की मदद से तकनीकी साक्ष्य जुटाए जा रहे हैं और आसपास के सीसीटीवी फुटेज, मोबाइल लोकेशन तथा अन्य सुरागों की जांच की जा रही है। पुलिस यह पता लगाने का प्रयास कर रही है कि मामला केवल लापरवाही का है या इसके पीछे किसी संगठित गिरोह या अन्य आपराधिक गतिविधि की भूमिका है। फिलहाल लापता बालिकाओं की तलाश तेज कर दी गई है और पुलिस का कहना है कि मामले की निष्पक्ष जांच कर दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी।