मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने मंत्रालय में हुई उच्चस्तरीय समीक्षा बैठक के दौरान अधिकारियों और कर्मचारियों की कार्यप्रणाली को लेकर सख्त रुख अपनाया है। उन्होंने स्पष्ट निर्देश दिए कि सभी अधिकारी समय पर कार्यालय पहुंचे और निर्धारित कार्य समय का पूरी गंभीरता से पालन सुनिश्चित किया जाए। मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य सरकार द्वारा कार्यालय समय सुबह 10 बजे से शाम 6 बजे तक तय किया गया है, इसलिए इसकी अनदेखी किसी भी स्थिति में स्वीकार्य नहीं होगी। इस व्यवस्था को प्रभावी बनाने के लिए मंत्रालय, विंध्याचल भवन और सतपुड़ा भवन में बायोमेट्रिक अटेंडेंस सिस्टम लागू करने के निर्देश भी दिए गए हैं। साथ ही, नियमों का उल्लंघन करने वालों पर आवश्यकतानुसार कार्रवाई करने की बात कही गई है।
अंतिम रूप देने की तैयारी..
मुख्यमंत्री ने यह भी कहा कि अनुशासन की शुरुआत वरिष्ठ अधिकारियों से होनी चाहिए, ताकि नीचे तक इसका सही संदेश जाए। उन्होंने सभी विभागों को प्राथमिकता वाली योजनाओं को तय समयसीमा में पूरा करने के लिए अभियान चलाने के निर्देश दिए।
बैठक में धार्मिक और पर्यटन स्थलों के विकास पर भी विशेष जोर दिया गया। चित्रकूट में सती अनुसुईया मंदिर परिसर, मल्टी फैसिलिटी सेंटर और गुप्त गोदावरी मंदिर के निर्माण कार्यों में तेजी लाने के निर्देश दिए गए। मंदाकिनी नदी जोड़ो परियोजना को लेकर उत्तर प्रदेश सरकार से सहमति बन चुकी है और जल्द ही दोनों राज्यों के बीच बैठक कर इसे अंतिम रूप देने की तैयारी है।
रियायतों पर विचार करने को कहा गया
इसके अलावा अमरकंटक, ओंकारेश्वर, महेश्वर, दतिया, ओरछा और मैहर जैसे धार्मिक स्थलों पर धर्मशाला, सराय, अन्न क्षेत्र, पेयजल और स्वास्थ्य सुविधाओं के विस्तार की योजना पर भी चर्चा हुई। धार्मिक एवं सामाजिक संस्थाओं को सहयोग देने के लिए रियायतों पर विचार करने को कहा गया है।
मुख्यमंत्री ने भेल को आवंटित अनुपयोगी भूमि वापस लेने, यूनियन कार्बाइड क्षेत्र में स्मारक विकसित करने, और चित्रकूट व अन्य विकास परियोजनाओं को समय पर पूरा करने के निर्देश भी दिए। उज्जैन में नए हवाई अड्डे के निर्माण की प्रक्रिया भी तेज करने को कहा गया है, जहां भूमि अधिग्रहण पूरा हो चुका है और जल्द ही निर्माण कार्य शुरू होने की संभावना है।