विद्यार्थियों और नागरिकों की सुरक्षा सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकता है। किसी भी संभावित दुर्घटना से पहले खतरे की पहचान कर उसे दूर करना प्रशासन की जिम्मेदारी है। दिल्ली में भवन ढहने की घटना के बाद मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने रायपुर स्थित मुख्यमंत्री निवास कार्यालय से वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए प्रदेश के वरिष्ठ प्रशासनिक और पुलिस अधिकारियों के साथ उच्च स्तरीय समीक्षा बैठक की। बैठक में सभी संभागायुक्तों, पुलिस महानिरीक्षकों, कलेक्टरों और पुलिस अधीक्षकों को सुरक्षा व्यवस्था को लेकर आवश्यक दिशा-निर्देश दिए गए। मुख्यमंत्री ने साफ कहा कि किसी घटना का इंतजार करने के बजाय संभावित जोखिमों की पहले से पहचान करना जरूरी है।
हॉस्टल, PG, कोचिंग और स्कूलों का होगा सेफ्टी ऑडिट
मुख्यमंत्री साय ने सभी जिलों में हॉस्टल, पीजी, कोचिंग सेंटर, स्कूल और बड़े शैक्षणिक भवनों का तत्काल निरीक्षण कराने के निर्देश दिए हैं। इन भवनों का सेफ्टी ऑडिट कर यह सुनिश्चित करने को कहा गया है कि विद्यार्थियों और आम नागरिकों की सुरक्षा से किसी भी तरह का समझौता न हो। निरीक्षण के दौरान यदि किसी भवन में सुरक्षा संबंधी कमी सामने आती है तो उसे दूर करने के लिए समय-सीमा निर्धारित की जाएगी। प्रशासन को यह भी सुनिश्चित करना होगा कि चिन्हित कमियों पर केवल कागजी कार्रवाई न हो, बल्कि जमीनी स्तर पर सुधार दिखाई दे।
पुराने और जर्जर भवनों की होगी पहचान, खतरा मिला तो तत्काल कार्रवाई
मुख्यमंत्री ने स्कूलों, पुस्तकालयों, छात्रावासों और अन्य सार्वजनिक स्थानों पर मौजूद पुराने तथा जर्जर भवनों की वास्तविक स्थिति का आकलन करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि जिन भवनों से किसी भी प्रकार की जनहानि की आशंका है, उनकी पहचान कर तत्काल आवश्यक कार्रवाई की जाए। विशेष रूप से बच्चों और विद्यार्थियों से जुड़े संस्थानों में सुरक्षा मानकों का पालन सर्वोच्च प्राथमिकता के साथ सुनिश्चित किया जाए। प्रशासन को भवनों की स्थिति की नियमित निगरानी करने और संभावित खतरे को दुर्घटना में बदलने से पहले ही रोकने पर जोर दिया गया है।
अवैध और मिलावटी शराब के खिलाफ चलेगा सख्त अभियान
समीक्षा बैठक में मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने अवैध एवं मिलावटी शराब के निर्माण, बिक्री, भंडारण और परिवहन के खिलाफ भी कठोर कार्रवाई के निर्देश दिए। उन्होंने आबकारी विभाग, पुलिस और जिला प्रशासन को आपसी समन्वय के साथ विशेष अभियान चलाने को कहा। जिन क्षेत्रों में अवैध शराब के निर्माण, भंडारण या बिक्री की आशंका है, वहां संयुक्त टीमों के माध्यम से छापेमारी करने के निर्देश दिए गए हैं। मुख्यमंत्री ने स्पष्ट किया कि मिलावटी या अवैध शराब के जरिए लोगों की जान से खिलवाड़ करने वालों के खिलाफ सख्त वैधानिक कार्रवाई की जानी चाहिए।
सीमावर्ती इलाकों में बढ़ेगी निगरानी, सूचना साझा करने के निर्देश
मुख्यमंत्री ने पुलिस और आबकारी विभाग को आपसी समन्वय बढ़ाने और सूचनाओं का नियमित आदान-प्रदान करने के निर्देश दिए। खासतौर पर सीमावर्ती क्षेत्रों में अवैध शराब की आवाजाही रोकने के लिए निगरानी मजबूत करने पर जोर दिया गया। उन्होंने कहा कि अवैध शराब के निर्माण अथवा मिलावट में संलिप्त पाए जाने वाले लोगों के खिलाफ कठोरतम वैधानिक कार्रवाई सुनिश्चित की जाए। साथ ही प्रशासन को ऐसे मामलों में कार्रवाई को प्रभावी बनाने के लिए विभागों के बीच बेहतर तालमेल रखने के निर्देश दिए गए।
लापरवाही हुई तो अधिकारियों की भी तय होगी जिम्मेदारी
मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने बैठक में अधिकारियों को स्पष्ट संदेश देते हुए कहा कि शासन के निर्देशों के पालन में किसी भी स्तर पर लापरवाही या उदासीनता सामने आती है तो संबंधित अधिकारियों की जवाबदेही तय की जाएगी। उन्होंने कलेक्टरों और पुलिस अधीक्षकों को निर्देश दिया कि बैठक में दिए गए निर्देशों पर तत्काल अमल शुरू किया जाए। साथ ही जिलों में की गई कार्रवाई की नियमित समीक्षा भी की जाए। मुख्यमंत्री ने ऐसी प्रशासनिक व्यवस्था विकसित करने पर जोर दिया जिसमें शिकायत या दुर्घटना के बाद कार्रवाई करने के बजाय संभावित खतरे की समय रहते पहचान कर उसे समाप्त किया जा सके।