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मध्यप्रदेश स्वास्थ्य बीमा योजना: MP बजट में कर्मचारियों को 5 लाख तक कैशलेस इलाज की तैयारी!

By : Narendra Singh
मध्यप्रदेश स्वास्थ्य बीमा योजना: MP बजट में कर्मचारियों को 5 लाख तक कैशलेस इलाज की तैयारी!

मध्यप्रदेश स्वास्थ्य बीमा योजना: मध्यप्रदेश के सरकारी कर्मचारियों और पेंशनरों के लिए बजट से पहले राहत की खबर है. राजस्थान और हरियाणा की तर्ज पर राज्य सरकार अब अपनी स्वास्थ्य बीमा योजना लाने की तैयारी में है, जिसका ऐलान आगामी राज्य बजट में हो सकता है अगर प्रस्ताव को मंजूरी मिलती है, तो इलाज के खर्च को लेकर लाखों परिवारों की चिंता काफी हद तक कम हो जाएगी.

मध्यप्रदेश स्वास्थ्य बीमा योजना: 10 लाख से ज्यादा लोग दायरे में

प्रस्तावित योजना के तहत प्रदेश के 10 लाख से अधिक अधिकारी, कर्मचारी और पेंशनर शामिल किए जाएंगे। योजना का लाभ कर्मचारी स्वयं के साथ-साथ पति या पत्नी और आश्रित बच्चों को भी मिलेगा। सभी लाभार्थियों को फोटोयुक्त स्वास्थ्य कार्ड जारी किए जाने की तैयारी है, ताकि इलाज के दौरान पहचान और सत्यापन आसान रहे. सरकार की मंशा पेंशनरों को भी इस योजना के दायरे में लाने की है, जिससे सेवानिवृत्त कर्मियों को बुढ़ापे में बेहतर स्वास्थ्य सुरक्षा मिल सके।

मध्यप्रदेश स्वास्थ्य बीमा योजना: कैशलेस इलाज पर फोकस

योजना को अंशदायी और पूरी तरह कैशलेस रखने का प्रस्ताव है। शुरुआती मसौदे में सामान्य इलाज के लिए 5 लाख रुपये तक की कैशलेस सुविधा का प्रावधान बताया जा रहा है। वहीं गंभीर बीमारियों के मामलों में अधिक कवर की संभावना भी तलाशी जा रही है, जिसे लेकर विभाग स्तर पर मंथन जारी है. यही वजह है कि बजट में इस योजना को लेकर अंतिम तस्वीर साफ होने की उम्मीद की जा रही है। Also Read-मध्यप्रदेश देश के सबसे कम बेरोजगारी वाले राज्यों में शामिल-CM डॉ मोहन यादव

क्लेम से अस्पताल तक सख्त निगरानी

योजना के संचालन को लेकर सरकार कोई ढिलाई नहीं छोड़ना चाहती। प्रस्ताव में क्लेम प्रोसेसिंग से लेकर अस्पतालों की संबद्धता तक हर स्तर पर निगरानी की व्यवस्था रखी गई है। इसके लिए अलग से तकनीकी टीम तैनात करने का खाका तैयार किया गया है, जो डिजिटल सिस्टम, हेल्थ पैकेज और क्लेम निपटान की निगरानी करेगी. इस पूरे सिस्टम का मकसद यही है कि कर्मचारियों को इलाज के समय दफ्तरों और फाइलों के चक्कर न काटने पड़ें।

बजट पर टिकी निगाहें

फिलहाल यह योजना प्रस्ताव के स्तर पर है, लेकिन जिस तरह से तैयारियां चल रही हैं, उससे संकेत साफ हैं कि सरकार इसे बजट में पेश कर सकती है.अगर ऐसा होता है, तो यह प्रदेश के कर्मचारियों और पेंशनरों के लिए बड़ी सौगात मानी जाएगी. अब सबकी नजरें बजट भाषण पर टिकी हैं।  

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