मध्य प्रदेश के धार जिले के सरदारपुर विधानसभा क्षेत्र अंतर्गत रिंगनोद की तारा घाटी में सोमवार को दर्दनाक सड़क हादसा हो गया। यहां एक यात्री बस और कार की आमने-सामने जोरदार टक्कर हो गई। हादसा इतना भीषण था कि कार पूरी तरह क्षतिग्रस्त हो गई। दुर्घटना में 20 वर्षीय युवक की मौके पर ही मौत हो गई, जबकि कार में सवार एक अन्य युवक गंभीर रूप से घायल हो गया। घटना के बाद मौके पर अफरा-तफरी मच गई और स्थानीय लोगों ने तुरंत पुलिस और एंबुलेंस को सूचना दी।
ओवरस्पीडिंग बनी हादसे की मुख्य वजह
प्रारंभिक जानकारी के अनुसार दुर्घटना का मुख्य कारण दोनों वाहनों की तेज रफ्तार बताया जा रहा है। यात्री बस राजगढ़ से कुक्षी की ओर जा रही थी, जबकि कार कुक्षी से सुसनेर (जिला राजगढ़) की तरफ जा रही थी। तारा घाटी के मोड़ पर दोनों वाहन तेज गति में थे, जिसके चलते चालक नियंत्रण खो बैठे और आमने-सामने की जोरदार भिड़ंत हो गई। पुलिस का मानना है कि ओवरस्पीडिंग और घाटी क्षेत्र की सड़क दुर्घटना की बड़ी वजह हो सकती है। मामले की विस्तृत जांच जारी है।
20 वर्षीय हैदर की मौके पर मौत
हादसे में कार सवार हैदर पिता काई जौहर (20 वर्ष), निवासी कुक्षी की घटनास्थल पर ही मौत हो गई। टक्कर इतनी भीषण थी कि उसे संभलने का मौका तक नहीं मिला। वहीं कार में मौजूद अली अजगर, निवासी कुक्षी गंभीर रूप से घायल हो गया। स्थानीय लोगों की मदद से उसे तत्काल अस्पताल पहुंचाया गया, जहां उसका उपचार जारी है। चिकित्सकों के अनुसार घायल की स्थिति गंभीर बनी हुई है।
पुलिस ने शुरू की जांच
घटना की सूचना मिलते ही स्थानीय पुलिस मौके पर पहुंची और राहत एवं बचाव कार्य शुरू कराया। पुलिस ने घायल को अस्पताल पहुंचाने के साथ मृतक के शव का पंचनामा तैयार कर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया। हादसे के संबंध में मर्ग कायम कर लिया गया है और दुर्घटना के वास्तविक कारणों की जांच की जा रही है। पुलिस बस चालक और प्रत्यक्षदर्शियों के बयान भी दर्ज कर रही है।
सड़क सुरक्षा नियमों के पालन की अपील
इस हादसे ने एक बार फिर तेज रफ्तार के खतरों को उजागर कर दिया है। पुलिस और प्रशासन ने वाहन चालकों से अपील की है कि विशेष रूप से घाटी और मोड़ वाले क्षेत्रों में निर्धारित गति सीमा का पालन करें तथा सावधानी से वाहन चलाएं। थोड़ी सी लापरवाही न केवल चालक बल्कि अन्य यात्रियों की जान भी जोखिम में डाल सकती है। सड़क सुरक्षा नियमों का पालन ही ऐसे दर्दनाक हादसों को रोकने का सबसे प्रभावी उपाय है।