सीएम डॉ.मोहन यादव का बड़ा फैसला: तीन साल में 22 हजार पुलिसकर्मियों की भर्ती होग...

मध्यप्रदेश पुलिस भर्ती योजना

सीएम डॉ.मोहन यादव का बड़ा फैसला: तीन साल में 22 हजार पुलिसकर्मियों की भर्ती होगी, हर साल चलेगी नियुक्ति प्रक्रिया

मध्यप्रदेश सरकार ने अगले तीन वर्षों में 22 हजार पुलिस पदों पर भर्ती का ऐलान किया है। मुख्यमंत्री Mohan Yadav ने यह जानकारी दी।

सीएम  डॉमोहन यादव का बड़ा फैसला तीन साल में 22 हजार पुलिसकर्मियों की भर्ती होगी हर साल चलेगी नियुक्ति प्रक्रिया

मध्यप्रदेश में पुलिस बल को मजबूत करने के लिए राज्य सरकार ने बड़ा फैसला लिया है। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने घोषणा की है कि अगले तीन वर्षों में प्रदेश पुलिस में 22 हजार पदों पर भर्ती की जाएगी। इसके लिए हर साल नियमित भर्ती प्रक्रिया संचालित की जाएगी, ताकि पुलिस बल की क्षमता और प्रभावशीलता को बढ़ाया जा सके।

आईजी कॉन्फ्रेंस में मुख्यमंत्री का बड़ा ऐलान

भोपाल स्थित पुलिस मुख्यालय में आयोजित आईजी कॉन्फ्रेंस के उद्घाटन सत्र को संबोधित करते हुए मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा कि प्रदेश में कानून-व्यवस्था को और मजबूत बनाने के लिए पुलिस बल में लगातार नई नियुक्तियां की जाएंगी। उन्होंने बताया कि मध्यप्रदेश में आठ वर्षों बाद सब-इंस्पेक्टर भर्ती प्रक्रिया भी शुरू की गई है। मुख्यमंत्री ने कहा कि बदलती चुनौतियों के बीच पुलिस को तकनीकी रूप से सक्षम और पर्याप्त मानव संसाधन से लैस करना सरकार की प्राथमिकता है।

"छिपे खतरों को भी ढूंढ़ निकालेगी पुलिस"

हाल ही में प्रदेश में एक ऐसे नेटवर्क का खुलासा हुआ, जो पाकिस्तान के इशारे पर काम कर रहा था और देश की सुरक्षा के लिए खतरा बन सकता था। इस कार्रवाई का उल्लेख करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि मध्यप्रदेश पुलिस ने समय रहते साजिश को विफल कर दिया।उन्होंने सख्त संदेश देते हुए कहा कि "बिलों में घुसे ऐसे संपोलों को भी पुलिस ढूंढ़ निकालेगी।" मुख्यमंत्री ने बताया कि कार्रवाई के दौरान कुछ जिहादी साहित्य भी बरामद हुआ है और मामले की जांच आगे बढ़ाई जा रही है। उन्होंने संकेत दिया कि देशविरोधी गतिविधियों से जुड़े अन्य लोगों की पहचान कर उनके खिलाफ भी कार्रवाई की जाएगी।

साइबर अपराध, महिला सुरक्षा और मानव तस्करी पर फोकस

मुख्यमंत्री ने पुलिस अधिकारियों को साइबर अपराधों की रोकथाम, महिला एवं बाल सुरक्षा तथा मानव तस्करी पर प्रभावी नियंत्रण के लिए विशेष रणनीति अपनाने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि नागरिकों में सुरक्षा और कानून-व्यवस्था के प्रति भरोसा बनाए रखना पुलिस का पहला दायित्व है।इसके अलावा सड़क दुर्घटनाओं में कमी लाने, धार्मिक स्थलों पर ध्वनि विस्तारक यंत्रों के संबंध में न्यायालय के निर्देशों का पालन सुनिश्चित कराने और संवेदनशील मामलों में त्वरित कार्रवाई करने पर भी जोर दिया गया।

 

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