मध्यप्रदेश औद्योगिक विकास के एक नए युग में प्रवेश कर रहा है। मध्यप्रदेश सरकार और भारत सरकार के दूरसंचार विभाग के बीच देश के पहले टेलीकॉम मैन्युफैक्चरिंग जोन की स्थापना के लिए हुआ एमओयू विकसित भारत के संकल्प को साकार करने की दिशा में ऐतिहासिक कदम है।' यह बात मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कही। सीएम डॉ. यादव 30 जुलाई को नई दिल्ली में आयोजित इंटरैक्टिव सेशन ऑन टेलीकॉम इक्विपमेंट मैन्युफैक्चरिंग को संबोधित कर रहे थे। कार्यक्रम में केंद्रीय मंत्री ज्योतिरादित्य सिंधिया भी मौजूद थे।
एकीकृत टेलीकॉम टेक्नोलॉजी इकोसिस्टम
कार्यक्रम में मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि ग्वालियर में लगभग 170 एकड़ क्षेत्र में विकसित होने वाला यह प्लग-एंड-प्ले टेलीकॉम मैन्युफैक्चरिंग जोन देश का पहला एकीकृत टेलीकॉम टेक्नोलॉजी इकोसिस्टम होगा। यहां डिजाइन, डेवलपमेंट, मैन्युफैक्चरिंग, टेस्टिंग, सर्टिफिकेशन और एक्सपोर्ट तक की संपूर्ण वैल्यू चेन एक ही स्थान पर उपलब्ध होगी। यहां 5जी, 6जी, ऑप्टिकल फाइबर, नेटवर्किंग उपकरण, आईओटी डिवाइस, सेमीकंडक्टर से जुड़े उत्पाद और अन्य इलेक्ट्रॉनिक हार्डवेयर का निर्माण किया जाएगा। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में मध्यप्रदेश को पिछले ढाई वर्षों में अनेक राष्ट्रीय महत्व की परियोजनाएं मिली हैं। पीएम मित्रा पार्क, बीईएमएल यूनिट, बीना पेट्रोकेमिकल परियोजना, राष्ट्रीय नदी जोड़ो परियोजनाएं और नर्मदापुरम एनर्जी पार्क के बाद अब टेलीकॉम मैन्युफैक्चरिंग जोन प्रदेश की औद्योगिक प्रगति को नई ऊंचाइयों तक ले जाएगा।
प्रदेश के युवाओं को होगा फायदा
मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि आज टेलीकॉम उद्योग डिजिटल अर्थव्यवस्था, आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस, इंडस्ट्री 4.0, रक्षा, स्वास्थ्य, शिक्षा और सुशासन की आधारशिला बन चुका है। ऐसे समय में मध्यप्रदेश को देश का पहला टेलीकॉम मैन्युफैक्चरिंग जोन मिलना प्रदेश के लिए स्वर्णिम अवसर है। उन्होंने देश-विदेश के उद्योगपतियों और निवेशकों को मध्यप्रदेश में निवेश का आमंत्रण दिया। उन्होंने कहा कि प्रदेश में निवेश-अनुकूल नीतियां, उत्कृष्ट औद्योगिक आधारभूत संरचना, कुशल मानव संसाधन तथा तेज निर्णय प्रक्रिया उपलब्ध है। उन्होंने कहा कि यह परियोजना हजारों करोड़ रुपये के निवेश का मार्ग प्रशस्त करेगी तथा एमएसएमई, स्टार्टअप, कंपोनेंट मैन्युफैक्चरिंग, इंजीनियरिंग सेवाओं, लॉजिस्टिक्स और तकनीकी संस्थानों को नई गति प्रदान करेगी। इससे प्रदेश के युवाओं के लिए बड़े पैमाने पर प्रत्यक्ष और अप्रत्यक्ष रोजगार के अवसर सृजित होंगे।
निवेशकों की पहली पसंद बना एमपी
सीएम डॉ. यादव ने कहा कि मध्यप्रदेश तेजी से देश के आईटी, इलेक्ट्रॉनिक्स और टेक्नोलॉजी इनोवेशन हब के रूप में उभर रहा है। प्रदेश में दो हजार से अधिक आईटी एवं आईटीईएस इकाइयां कार्यरत हैं तथा राज्य ने देश की पहली ग्लोबल कैपेबिलिटी सेंटर (जीसीसी) नीति लागू की है। सेमीकंडक्टर नीति-2025, आईटी एवं इलेक्ट्रॉनिक्स नीति, ड्रोन, स्टार्टअप और एवीजीसी नीतियों के माध्यम से प्रदेश तकनीकी निवेश और नवाचार का प्रमुख केंद्र बन रहा है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने उद्योग जगत को वर्ष 2027 में आयोजित होने वाले ग्लोबल इन्वेस्टर्स समिट में भाग लेने का भी आमंत्रण दिया। उन्होंने कहा कि मध्यप्रदेश आज संभावनाओं की धरती और वैश्विक निवेशकों की पहली पसंद बन चुका है।
आत्मनिर्भर भारत अभियान को मिलेगी नई गति
इस अवसर पर केंद्रीय मंत्री ज्योतिरादित्य सिंधिया ने कहा कि भारत का लक्ष्य केवल दूरसंचार उपकरणों का उपभोक्ता बनना नहीं, बल्कि उनका डिजाइन, विकास और निर्माण भारत में कर उन्हें दुनिया के विभिन्न देशों तक निर्यात करना है। उन्होंने कहा कि यह टेलीकॉम मैन्युफैक्चरिंग जोन 'डिज़ाइन इन इंडिया, मेक इन इंडिया और एक्सपोर्ट फ्रॉम इंडिया' के विजन को साकार करेगा। उन्होंने कहा कि इससे भारत वैश्विक दूरसंचार विनिर्माण और निर्यात के प्रमुख केंद्र के रूप में स्थापित होगा तथा आत्मनिर्भर भारत अभियान को नई गति मिलेगी।