नर्सिंग कॉलेज मामले में हाईकोर्ट सख्त

MP फर्जी नर्सिंग कॉलेज मामला: हाईकोर्ट ने नर्सिंग काउंसिल रजिस्ट्रार को रिकॉर्ड सहित किया तलब

जबलपुर हाईकोर्ट ने मध्य प्रदेश नर्सिंग काउंसिल के रजिस्ट्रार को केस रिकॉर्ड के साथ व्यक्तिगत रूप से पेश होने के निर्देश दिए। अगली सुनवाई 13 अगस्त को होगी।

MP फर्जी नर्सिंग कॉलेज मामला: हाईकोर्ट ने नर्सिंग काउंसिल रजिस्ट्रार को रिकॉर्ड सहित किया तलब

मध्य प्रदेश के बहुचर्चित फर्जी नर्सिंग कॉलेज मामले में जबलपुर हाईकोर्ट ने एक बार फिर सख्त रुख अपनाया है। मामले की सुनवाई के दौरान जस्टिस आनंद पाठक और जस्टिस बीपी शर्मा की खंडपीठ ने मध्य प्रदेश नर्सिंग काउंसिल के रजिस्ट्रार को व्यक्तिगत रूप से अदालत में उपस्थित होने के निर्देश दिए हैं। कोर्ट ने रजिस्ट्रार को संबंधित मामले का पूरा रिकॉर्ड साथ लेकर आने को कहा है। इस मामले की अगली सुनवाई 13 अगस्त को होगी। कोर्ट के इस आदेश के बाद नर्सिंग कॉलेजों की मान्यता प्रक्रिया और उससे जुड़े रिकॉर्ड को लेकर एक बार फिर सवाल खड़े हो गए हैं।

रजिस्ट्रार को रिकॉर्ड के साथ होना होगा पेश

हाईकोर्ट ने नर्सिंग काउंसिल के रजिस्ट्रार को केवल व्यक्तिगत रूप से उपस्थित होने के निर्देश ही नहीं दिए हैं, बल्कि संबंधित रिकॉर्ड भी अदालत के समक्ष प्रस्तुत करने को कहा है। माना जा रहा है कि कोर्ट यह जानना चाहता है कि नर्सिंग कॉलेजों को मान्यता देने की प्रक्रिया में किन नियमों और दस्तावेजों के आधार पर निर्णय लिए गए। रिकॉर्ड की जांच के बाद अदालत मामले से जुड़े कई महत्वपूर्ण पहलुओं पर स्थिति स्पष्ट कर सकती है। अगली सुनवाई 13 अगस्त को होने वाली है, जिस पर सभी की नजरें रहेंगी।

लॉ स्टूडेंट्स एसोसिएशन ने दायर की थी याचिका

यह मामला लॉ स्टूडेंट्स एसोसिएशन की ओर से दायर जनहित याचिका से जुड़ा है। याचिका में मध्य प्रदेश में वर्ष 2020-21 के दौरान खुले सैकड़ों नर्सिंग कॉलेजों की मान्यता प्रक्रिया पर सवाल उठाए गए थे। याचिकाकर्ताओं ने आरोप लगाया था कि कई संस्थानों ने आवश्यक मापदंडों को पूरा किए बिना मान्यता हासिल की। मामले की गंभीरता को देखते हुए हाईकोर्ट ने इसकी जांच को लेकर सख्त रुख अपनाया और बाद में सीबीआई जांच भी हुई।

करीब 600 कॉलेज मानकों पर नहीं उतरे खरे

सीबीआई जांच के दौरान प्रदेश के करीब 800 नर्सिंग कॉलेजों की जांच की गई। जांच में बड़ी संख्या में कॉलेज निर्धारित मापदंडों पर खरे नहीं पाए गए। रिपोर्ट के मुताबिक करीब 600 कॉलेजों को मानकों के अनुरूप नहीं पाया गया, जबकि करीब 245 कॉलेज ही सूटेबल श्रेणी में पाए गए। इस जांच के बाद नर्सिंग कॉलेजों की मान्यता और वहां पढ़ने वाले हजारों छात्रों के भविष्य का मामला अदालत के सामने गंभीर मुद्दे के रूप में सामने आया।

छात्रों की परीक्षा पर भी लगी रोक

हाईकोर्ट ने अनसूटेबल और डिसएबल श्रेणी में रखे गए नर्सिंग कॉलेजों के छात्रों को परीक्षा में बैठने पर रोक लगा रखी है। वहीं, सूटेबल कॉलेजों में पढ़ने वाले करीब 8 हजार छात्रों को परीक्षा में शामिल होने की अनुमति दी गई है। ऐसे में कॉलेजों की मान्यता का सीधा असर छात्रों की पढ़ाई, परीक्षा और भविष्य पर पड़ रहा है। यही वजह है कि मामले की हर सुनवाई छात्रों और उनके परिवारों के लिए बेहद महत्वपूर्ण मानी जा रही है।

सूटेबल कॉलेजों के रिजल्ट पर भी नजर

मामले में सूटेबल पाए गए नर्सिंग कॉलेजों के छात्रों के परीक्षा परिणाम जारी किए जाने का मुद्दा भी सामने आया है। अदालत के आदेश के अनुसार योग्य पाए गए कॉलेजों के विद्यार्थियों के परिणाम जारी करने की प्रक्रिया आगे बढ़ सकती है। दूसरी ओर, अनसूटेबल कॉलेजों की ओर से भी परीक्षा आयोजित कराने और परिणाम जारी करने की अनुमति मांगने वाले आवेदन अदालत के समक्ष प्रस्तुत किए गए हैं। इन आवेदनों पर निर्णय से पहले कोर्ट ने नर्सिंग काउंसिल से संबंधित रिकॉर्ड मांगा है।

छात्रों के भविष्य से जुड़ा संवेदनशील मामला

नर्सिंग कॉलेजों की मान्यता से जुड़ा यह पूरा विवाद सीधे हजारों छात्रों के भविष्य से जुड़ा हुआ है। एक ओर मानकों का पालन और शिक्षा की गुणवत्ता सुनिश्चित करना अदालत के सामने अहम मुद्दा है, तो दूसरी ओर उन विद्यार्थियों का भविष्य भी प्रभावित हो रहा है, जिन्होंने इन संस्थानों में दाखिला लेकर वर्षों तक पढ़ाई की है। ऐसे में हाईकोर्ट द्वारा रिकॉर्ड तलब करना मामले की गंभीरता को दर्शाता है। अब 13 अगस्त की सुनवाई में नर्सिंग काउंसिल के रिकॉर्ड और पक्ष के आधार पर अदालत आगे की दिशा तय कर सकती है।

संबंधित सामग्री

सीएम डॉ. मोहन ने नौरादेही सेंचुरी में छोड़े 'वियोम और नीरा,' कहा- चीतों की बसाहट के लिए सबसे बेहतर है मध्यप्रदेश

सीएम डॉ. मोहन ने नौरादेही सेंचुरी में छोड़े 'वियोम और नीरा,' कहा- चीतों की बसाहट के लिए सबसे बेहतर है मध्यप्रदेश

मध्यप्रदेश में नौरादेही वीरांगना दुर्गावती टाइगर रिजर्व में चीतों को छोड़ा गया। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने यह कार्यक्रम आयोजित किया।

मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने वाराणसी के रुद्राक्ष कन्वेंशन सेंटर में किया आबे मेमोरियल कॉरिडोर के उद्घाटन

मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने वाराणसी के रुद्राक्ष कन्वेंशन सेंटर में किया आबे मेमोरियल कॉरिडोर के उद्घाटन

मुख्यमंत्री योगी ने वाराणसी में आबे मेमोरियल कॉरिडोर का उद्घाटन किया। इसे भारत-जापान की मित्रता का प्रतीक बताया गया।

सिंगापुर में CM नायब सिंह सैनी की उद्योगपतियों से अहम मुलाकात, हरियाणा में निवेश का दिया न्योता

सिंगापुर में CM नायब सिंह सैनी की उद्योगपतियों से अहम मुलाकात, हरियाणा में निवेश का दिया न्योता

हरियाणा के मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने सिंगापुर में भारतीय उद्योगपतियों से मुलाकात की और निवेश के लिए आमंत्रित किया।

PM मोदी के मार्गदर्शन में आत्मनिर्भर उत्तराखंड की ओर बढ़ा राज्य, CM धामी ने दी बधाई

PM मोदी के मार्गदर्शन में आत्मनिर्भर उत्तराखंड की ओर बढ़ा राज्य, CM धामी ने दी बधाई

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की जनसेवा के 25 वर्ष पूरे होने पर उत्तराखंड के CM धामी ने बधाई दी, उन्होंने विकास और आत्मनिर्भरता की दिशा में प्रगति की सराहना की।

25 साल पूरे होने पर PM मोदी का बड़ा संकल्प- ‘We Will Do It’, बोले- विकसित भारत के लिए लगातार काम करता रहूंगा

25 साल पूरे होने पर PM मोदी का बड़ा संकल्प- ‘We Will Do It’, बोले- विकसित भारत के लिए लगातार काम करता रहूंगा

नरेंद्र मोदी ने अपने 25 साल के सार्वजनिक जीवन को याद करते हुए विकसित भारत बनाने की प्रतिबद्धता दोहराई और कहा कि वह न थकेंगे और न रुकेंगे।

Advertisement

सेवा के 25 वर्ष 14 सितम्बर से  13 ऑक्टोबर