मध्य प्रदेश के पन्ना जिले से एक ऐसी तस्वीर सामने आई है, जिसने गांवों में बुनियादी सुविधाओं और प्रशासन के विकास के दावों पर सवाल खड़े कर दिए हैं। अजयगढ़ क्षेत्र की ग्राम पंचायत खोरा के दानीपुरवा गांव में श्मशान घाट नहीं होने के कारण ग्रामीणों को एक महिला का अंतिम संस्कार खुले मैदान में करना पड़ा। इसी दौरान तेज बारिश शुरू हो गई, जिसके बाद चिता को भीगने से बचाने के लिए ग्रामीणों को तिरपाल और पन्नी का सहारा लेना पड़ा।
खुले मैदान में सजानी पड़ी चिता
जानकारी के अनुसार, सेवानिवृत्त शिक्षक चुनवाद सिंह की छोटी बहू का निधन हो गया था। परिजन और ग्रामीण अंतिम संस्कार के लिए पहुंचे, लेकिन गांव में कोई पक्का और व्यवस्थित श्मशान घाट नहीं होने के कारण खुले मैदान में ही चिता सजानी पड़ी। अंतिम विदाई की प्रक्रिया शुरू ही हुई थी कि तेज बारिश ने मुश्किलें बढ़ा दीं।
बारिश के चलते चिता को जलाना बेहद मुश्किल हो गया। ग्रामीणों ने किसी तरह चिता को बारिश से बचाने के लिए पन्नी और तिरपाल लगाए। काफी देर तक बारिश के बीच मशक्कत चलती रही। इसके बाद जब बारिश कुछ कम हुई, तब किसी तरह अंतिम संस्कार की प्रक्रिया पूरी की जा सकी।
पन्नी और तिरपाल के सहारे बचाई चिता
इस घटना की तस्वीरें और वीडियो सामने आने के बाद गांव की बदहाल व्यवस्था को लेकर सवाल उठने लगे हैं। जिस समय परिवार अपने सदस्य को अंतिम विदाई दे रहा था, उस समय ग्रामीणों को चिता को बारिश से बचाने के लिए पन्नी और तिरपाल लगाना पड़ा। ग्रामीणों का कहना है कि अंतिम संस्कार जैसी मूलभूत व्यवस्था के लिए भी उन्हें परेशान होना पड़ रहा है। उनका आरोप है कि गांव में लंबे समय से पक्के श्मशान घाट की जरूरत महसूस की जा रही है, लेकिन अब तक इस दिशा में ठोस कदम नहीं उठाया गया।
विकास के दावों पर ग्रामीणों ने उठाए सवाल
घटना के बाद ग्रामीणों में सरपंच, सचिव और जिला प्रशासन के प्रति नाराजगी है। ग्रामीणों का कहना है कि सरकार और प्रशासन गांवों के विकास और बुनियादी सुविधाएं उपलब्ध कराने के दावे करते हैं, लेकिन जमीनी हकीकत इससे अलग नजर आती है।
ग्रामीणों का कहना है कि जब किसी परिवार में मौत होती है, तब उन्हें अंतिम संस्कार के लिए भी मौसम की मार झेलनी पड़ती है। उनका सवाल है कि अगर श्मशान घाट जैसी बुनियादी सुविधा भी उपलब्ध नहीं है, तो ग्रामीण विकास के दावों को किस आधार पर सही माना जाए?
पक्का श्मशान घाट नहीं बना तो आंदोलन की चेतावनी
ग्रामीणों ने प्रशासन से दानीपुरवा में जल्द से जल्द पक्का श्मशान घाट और टीन शेड का निर्माण कराने की मांग की है। उनका कहना है कि बारिश, गर्मी या अन्य मौसम में अंतिम संस्कार के दौरान लोगों को ऐसी परेशानी दोबारा न उठानी पड़े, इसके लिए स्थायी व्यवस्था जरूरी है।
ग्रामीणों ने चेतावनी दी है कि यदि जल्द ही श्मशान घाट और टीन शेड का निर्माण नहीं कराया गया, तो वे आंदोलन का रास्ता अपनाएंगे। अब देखना होगा कि इस घटना के बाद प्रशासन इस समस्या को कितनी गंभीरता से लेता है और दानीपुरवा के ग्रामीणों को कब तक यह बुनियादी सुविधा मिल पाती है।