वायरस को रोकने ठोस कदम नहीं
संक्रमण की चपेट में आने के बाद जानवरों के दूध में कमी आई है, वहीं कई जानवर मर भी रहे हैं। बावजूद इसके, एडवायजरी जारी करने के अलावा राज्य पशुपालन विभाग द्वारा नियंत्रण के ठोस प्रयास नहीं किए गए हैं। इस कड़ी में लंपी स्किन बीमारी की रोकथाम एवं निगरानी के लिए स्थापित राज्य स्तरीय कंट्रोल रूम भी मदद नहीं कर पा रहा है। अधिकृत दूरभाष नंबर 0755-2767583 लगातार व्यस्त रहने के कारण प्रदेश के पशुपालकों ने इसे अनुपयोगी माना है।
टीकाकरण और सजगता से संक्रमित पशु दो-तीन सप्ताह में ठीक हो जाते हैं, लेकिन दूध उत्पादकता में कमी कई सप्ताह तक बनी रहती है, जिसका खामियाजा पशुपालकों को भुगतना पड़ता है।