चंडीगढ़। पंजाब में अपनी मांगों को लेकर किसान संगठनों ने गुरुवार को रेल रोको आंदोलन शुरू कर दिया। अमृतसर, गुरदासपुर, फिरोजपुर, मोगा, संगरूर और सुनाम समेत छह स्थानों पर किसान रेलवे ट्रैक पर धरने पर बैठे हैं। वहीं, पंजाब सरकार के मंत्रियों के घरों के बाहर चल रहे धरने भी जारी हैं।
मोगा में पुलिस बैरिकेडिंग पार कर ट्रैक पर पहुंचे किसान
मोगा के गांव महेश्वरी संधूया में केकेएम चैप्टर पंजाब से जुड़ी आठ किसान जत्थेबंदियों ने रेलवे ट्रैक पर धरना दिया। किसानों को रोकने के लिए बड़ी संख्या में पुलिस बल तैनात किया गया था। पुलिस ने बैरिकेडिंग लगाकर किसानों को रोकने का प्रयास किया, लेकिन प्रदर्शनकारी बैरिकेड पार कर रेलवे ट्रैक तक पहुंच गए।
इस दौरान रेलवे स्टेशन के बाहर किसानों और पुलिस के बीच धक्का-मुक्की भी हुई। किसानों ने पंजाब सरकार के खिलाफ नारेबाजी करते हुए अपनी मांगों को जल्द पूरा करने की मांग की।
सरकार पर बातचीत नहीं करने का आरोप
किसान नेता बलदेव सिंह जीरा ने कहा कि किसान लंबे समय से डीसी कार्यालयों और पंजाब सरकार के मंत्रियों के आवास के बाहर धरना दे रहे थे, लेकिन सरकार की ओर से मांगों पर गंभीरता से बातचीत नहीं की गई। उनका कहना है कि इसी वजह से किसानों को रेल ट्रैक जाम करने का फैसला लेना पड़ा।
किसान नेता सरवण सिंह पंधेर के मुताबिक, करीब एक महीने पहले मुख्यमंत्री को पत्र भेजकर मांगों से अवगत कराया गया था। 31 अगस्त को डिप्टी कमिश्नर कार्यालयों के बाहर भी प्रदर्शन किए गए थे।
एमएसपी समेत कई मांगें
किसान संगठनों की प्रमुख मांगों में भारत-अमेरिका व्यापार समझौते, बिजली संशोधन अधिनियम और बीज संशोधन अधिनियम पर स्पष्टीकरण शामिल है। शंभू-खनौरी मोर्चे के दौरान हुए नुकसान के मुआवजे की मांग भी की जा रही है। किसान नेताओं के अनुसार उस दौरान करीब 3.77 करोड़ रुपये का नुकसान हुआ और सैकड़ों किसान घायल हुए। मूंग, मक्का और आलू समेत पांच फसलों पर एमएसपी की कानूनी गारंटी भी प्रमुख मांग है।
सुनाम में जाखल-लुधियाना ट्रैक जाम
सुनाम में भारतीय किसान यूनियन एकता आजाद ने मंत्री के आवास के बाहर तीन दिन के धरने के बाद गुरुवार को जाखल-लुधियाना रेलवे ट्रैक पर धरना शुरू किया। प्रांतीय अध्यक्ष जसविंदर सिंह लोंगोवाल ने कहा कि मांगें नहीं मानी गईं तो आंदोलन जारी रहेगा। रेलवे प्रशासन और पुलिस स्थिति पर नजर बनाए हुए हैं।