‘विदेश घूमे, निवेश कहां?’: BJP ने झारखण्ड की हेमंत सोरेन सरकार से मांगा श्वेत पत्र, उठाए बड़े सवाल

झारखंड निवेश प्रश्न

‘विदेश घूमे, निवेश कहां?’: BJP ने झारखण्ड की हेमंत सोरेन सरकार से मांगा श्वेत पत्र, उठाए बड़े सवाल

भाजपा ने झारखंड सरकार से विदेशी दौरों के खर्च और निवेश समझौतों की वर्तमान स्थिति पर श्वेत पत्र जारी करने की मांग की।

‘विदेश घूमे निवेश कहां’ bjp ने झारखण्ड की हेमंत सोरेन सरकार से मांगा श्वेत पत्र उठाए बड़े सवाल

‘विदेश घूमे, निवेश कहां?’: BJP ने झारखण्ड की हेमंत सोरेन सरकार से मांगा श्वेत पत्र, उठाए बड़े सवाल | None

झारखंड की राजनीति में एक बार फिर निवेश और विकास का मुद्दा गरमा गया है। भारतीय जनता पार्टी (BJP) ने मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन के विदेशी दौरों और उन यात्राओं के दौरान किए गए निवेश संबंधी दावों को लेकर सरकार को घेरना शुरू कर दिया है। पार्टी ने सवाल उठाते हुए राज्य सरकार से इस पूरे मामले पर श्वेत पत्र जारी करने की मांग की है।

बुधवार को रांची स्थित भाजपा प्रदेश कार्यालय में आयोजित प्रेस वार्ता के दौरान पार्टी के प्रदेश प्रवक्ता प्रतुल शाहदेव ने कहा कि मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने स्वीडन, स्पेन, दावोस और ब्रिटेन जैसे देशों के दौरों को बड़े निवेश और रोजगार के अवसरों से जोड़कर पेश किया था, लेकिन अब तक जमीन पर उसका कोई ठोस असर दिखाई नहीं दे रहा है।

प्रतुल शाहदेव

‘दावों के मुकाबले नतीजे शून्य’

प्रतुल शाहदेव ने आरोप लगाया कि राज्य सरकार ने विदेशी दौरों के बाद हजारों करोड़ रुपये के निवेश और बड़ी संख्या में रोजगार सृजन के दावे किए थे, लेकिन अब तक न तो बड़े उद्योग स्थापित हुए और न ही युवाओं को अपेक्षित रोजगार मिल पाया। उन्होंने कहा कि सरकार की घोषणाएं केवल प्रचार तक सीमित रह गई हैं।

भाजपा प्रवक्ता ने विशेष तौर पर स्पेन की फाइरा डी बार्सिलोना कंपनी के साथ रांची में कन्वेंशन सेंटर बनाने की योजना का जिक्र किया। उन्होंने कहा कि इस परियोजना को लेकर बड़े-बड़े दावे किए गए थे, लेकिन अब तक कोई ठोस प्रगति सामने नहीं आई है। इसके अलावा बैटरी स्टोरेज प्लांट, इलेक्ट्रिक बस और ट्रक निर्माण इकाइयों तथा खेल प्रशिक्षण से जुड़ी योजनाओं पर भी सवाल खड़े किए गए।

कई बड़े निवेश प्रस्तावों पर सवाल

प्रतुल शाहदेव ने कहा कि दावोस दौरे के दौरान टाटा स्टील समेत कई बड़ी कंपनियों के साथ संभावित निवेश समझौतों का प्रचार किया गया था। टेक महिंद्रा, हिताची, इंफोसिस, वेलस्पन और लुलु समूह जैसी कंपनियों के नाम भी सामने आए थे, लेकिन अधिकांश परियोजनाएं अब तक कागजों से बाहर नहीं निकल सकीं।

उन्होंने आरोप लगाया कि जिंदल समूह, उड़ीसा एलॉय, रुंगटा समूह, अमलगम स्टील, अंबुजा सीमेंट और सनशाइन ग्रुप से जुड़े निवेश प्रस्तावों पर भी सरकार ने बड़े दावे किए, लेकिन न भूमि अधिग्रहण की प्रक्रिया पूरी हुई और न ही किसी स्पष्ट रोडमैप की जानकारी सार्वजनिक की गई।

प्रतीकात्मक तस्वीर

सरकार से पारदर्शिता की मांग

भाजपा ने राज्य सरकार से मांग की है कि वह विदेशी दौरों पर हुए खर्च, निवेश समझौतों और उनकी वर्तमान स्थिति को लेकर विस्तृत श्वेत पत्र जारी करे, ताकि जनता के सामने सच्चाई आ सके।

संबंधित सामग्री

ग्वालियर TMZ के लिए मुंबई में मिले 1550 करोड़ के निवेश प्रस्ताव: मुख्यमंत्री डॉ. यादव

राज्य

ग्वालियर TMZ के लिए मुंबई में मिले 1550 करोड़ के निवेश प्रस्ताव: मुख्यमंत्री डॉ. यादव

मध्यप्रदेश सरकार और केंद्र सरकार की साझेदारी में ग्वालियर में नया टेलीकॉम मेन्यूफेक्चरिंग जोन स्थापित किया जाएगा, जिससे निवेश और रोजगार के नए अवसर सृजित होंगे।

ऐसा कुछ नहीं, जो एमपी में न हो, सीएम डॉ. मोहन बोले- जो एक बार यहां आता है, फिर वापस नहीं जाता

राज्य

ऐसा कुछ नहीं, जो एमपी में न हो, सीएम डॉ. मोहन बोले- जो एक बार यहां आता है, फिर वापस नहीं जाता

मध्यप्रदेश सरकार ने टेलीकॉम मेन्यूफेक्चरिंग जोन स्थापित करने की योजना बनाई, जिसमें भारी निवेश और रोजगार सृजन की संभावना है।

नई टीम के साथ एक्शन मोड में CM नायब सैनी, बैठक में तय किया आगे का रोडमैप

राज्य

नई टीम के साथ एक्शन मोड में CM नायब सैनी, बैठक में तय किया आगे का रोडमैप

हरियाणा के मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने नई प्रदेश भाजपा टीम के साथ पहली बैठक में राजनीतिक और संगठनात्मक प्राथमिकताएं निर्धारित कीं।

शिबू सोरेन की प्रतिमा का अनावरण, भावुक हुए CM हेमंत; बोले- दिशोम गुरु का बलिदान रहेगा अमर

राज्य

शिबू सोरेन की प्रतिमा का अनावरण, भावुक हुए CM हेमंत; बोले- दिशोम गुरु का बलिदान रहेगा अमर

झारखंड के मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने शिबू सोरेन की प्रथम पुण्यतिथि पर उनकी प्रतिमा का अनावरण किया और उन्हें श्रद्धांजलि दी।

एमपी में वित्तीय सुधार की बड़ी पहल: बजट व्यवस्था में होगा बड़ा बदलाव, मंत्रियों-विधायकों के कई भत्ते होंगे खत्म

राज्य

एमपी में वित्तीय सुधार की बड़ी पहल: बजट व्यवस्था में होगा बड़ा बदलाव, मंत्रियों-विधायकों के कई भत्ते होंगे खत्म

मध्य प्रदेश सरकार ने 2027-28 के बजट में कई वित्तीय सुधार लागू करने की योजना बनाई है, जिसमें अनावश्यक बजटीय मदों और भत्तों में कटौती शामिल है।