श्रीकृष्ण जन्माष्टमी के पावन अवसर पर मथुरा-वृंदावन पूरी तरह कृष्ण भक्ति में रंगा नजर आ रहा है। श्रीकृष्ण जन्मभूमि से लेकर शहर के प्रमुख मंदिरों तक चारों ओर उत्सव का माहौल है। ढोल-नगाड़ों की गूंज, सांस्कृतिक कार्यक्रम और नृत्य प्रस्तुतियों के बीच बड़ी संख्या में श्रद्धालु मथुरा पहुंच रहे हैं। श्रद्धालुओं की भारी भीड़ को देखते हुए पुलिस-प्रशासन ने सुरक्षा व्यवस्था भी बेहद कड़ी कर दी है।
ढोल-नगाड़ों और सांस्कृतिक कार्यक्रमों से भक्तिमय हुआ माहौल
जन्माष्टमी के मौके पर मथुरा की सड़कों और प्रमुख धार्मिक स्थलों पर उत्सव का माहौल देखने को मिल रहा है। जगह-जगह सांस्कृतिक कलाकार भगवान श्रीकृष्ण के जन्मोत्सव को अलग-अलग प्रस्तुतियों के जरिए मना रहे हैं। ढोल-नगाड़ों की आवाज और भक्तों के जयकारों से पूरा वातावरण कृष्णमय हो गया है। श्रीकृष्ण जन्मभूमि और आसपास के मंदिरों में दर्शन के लिए श्रद्धालुओं की लगातार आवाजाही बनी हुई है। भीड़ को देखते हुए प्रशासन ने श्रद्धालुओं की सुविधा और सुरक्षा के लिए विशेष इंतजाम किए हैं।
7 जोन और 35 सेक्टर में बांटा गया मथुरा-वृंदावन
सुरक्षा व्यवस्था को मजबूत बनाने के लिए पूरे मथुरा-वृंदावन क्षेत्र को 7 जोन और 35 सेक्टरों में बांटा गया है। प्रत्येक जोन और सेक्टर में पुलिस एवं प्रशासनिक अधिकारियों की जिम्मेदारी तय की गई है। जन्माष्टमी के साथ वीआईपी मूवमेंट को देखते हुए करीब 5,500 से 6,000 पुलिस और पीएसी जवानों की तैनाती की गई है। इसके अलावा आरएएफ, एसडीआरएफ और अग्निशमन विभाग की टीमें भी अलर्ट मोड पर हैं। संवेदनशील स्थानों पर अतिरिक्त पुलिस बल तैनात किया गया है।
ड्रोन और CCTV से चप्पे-चप्पे पर नजर
सुरक्षा व्यवस्था के तहत मथुरा-वृंदावन में ड्रोन कैमरों और सीसीटीवी के जरिए लगातार निगरानी की जा रही है। किसी भी संदिग्ध गतिविधि पर नजर रखने के लिए खुफिया तंत्र को भी सक्रिय किया गया है। श्रीकृष्ण जन्मभूमि, वृंदावन के प्रमुख मंदिरों और अन्य संवेदनशील धार्मिक स्थलों पर विशेष सुरक्षा व्यवस्था की गई है। आला अधिकारियों ने मौके पर पहुंचकर प्रवेश और निकास मार्ग, बैरिकेडिंग, सीसीटीवी, यातायात और भीड़ प्रबंधन की तैयारियों का निरीक्षण भी किया है।
भीड़ नियंत्रण के लिए बनाए गए होल्डिंग एरिया
श्रद्धालुओं की भारी भीड़ को नियंत्रित करने के लिए श्रीकृष्ण जन्मभूमि और प्रमुख मंदिरों के आसपास होल्डिंग एरिया बढ़ाए गए हैं। जरूरत पड़ने पर श्रद्धालुओं को इन क्षेत्रों में रोककर चरणबद्ध तरीके से मंदिर क्षेत्र की ओर भेजा जाएगा, ताकि अचानक भीड़ का दबाव न बने। प्रमुख मार्गों और चौराहों पर बैरिकेडिंग और चेकिंग प्वाइंट बनाए गए हैं। भीड़ और यातायात की स्थिति के अनुसार रूट डायवर्जन भी किया जा रहा है। पार्किंग और वाहनों की आवाजाही को नियंत्रित करने के लिए ट्रैफिक पुलिस को विशेष जिम्मेदारी दी गई है।मथुरा में एक ओर जहां कृष्ण जन्मोत्सव का उल्लास चरम पर है, वहीं पुलिस-प्रशासन श्रद्धालुओं की सुरक्षा और सुगम दर्शन सुनिश्चित करने के लिए पूरी तरह मुस्तैद है।