मथुरा। उत्तर प्रदेश के मथुरा में श्रीकृष्ण जन्माष्टमी को लेकर भव्य माहौल है। देश-विदेश से बड़ी संख्या में श्रद्धालु ब्रजभूमि पहुंच रहे हैं। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने श्रीकृष्ण जन्मभूमि मंदिर पहुंचकर पूजा-अर्चना की। उन्होंने भगवान श्रीकृष्ण की पूजा के साथ गाय की भी पूजा की और ब्रजवासियों व श्रद्धालुओं पर फूल बरसाकर जन्माष्टमी की शुभकामनाएं दीं।
सनातन पर बोले योगी
श्रीकृष्ण जन्मस्थान पर श्रद्धालुओं को संबोधित करते हुए CM योगी ने कहा कि भारत पर कई आक्रमण हुए, लेकिन कोई भी सनातन की आस्था को मिटा नहीं सका। उन्होंने कहा कि जिन्होंने भी ऐसा दुस्साहस किया, वे खुद मिट्टी में मिल गए और आज उनका नाम लेने वाला भी कोई नहीं है। मुख्यमंत्री ने सपा और कांग्रेस पर निशाना साधते हुए कहा कि सरकार की आस्था भगवान श्रीकृष्ण, भगवान श्रीराम, बाबा विश्वनाथ और मां विंध्यवासिनी में है। उन्होंने सवाल किया कि जिन लोगों की आस्था बाबर और औरंगजेब में है, क्या वे लोगों की आस्था का सम्मान कर पाएंगे? योगी ने आरोप लगाया कि ऐसे लोग समाज में जहर घोलने का प्रयास कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि सरकार इनके मंसूबों को कामयाब नहीं होने देगी।
मथुरा पर बड़ा बयान
CM योगी ने कहा कि जिन लोगों को अयोध्या में भगवान राम का भव्य मंदिर अच्छा नहीं लगता, वे अयोध्या को बदनाम करने का प्रयास कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि सरकार का प्रयास है कि मथुरा-वृंदावन में भी अयोध्या और काशी की तरह भव्य परिसर तैयार किया जाए। मुख्यमंत्री ने कहा कि ब्रजभूमि को लोगों की भावनाओं और आस्था के अनुरूप विकसित किया जाएगा। इसके लिए सरकार की ओर से कोई कसर नहीं छोड़ी जाएगी।
रात 12 बजे जन्म
जन्माष्टमी के मौके पर वृंदावन के बांके बिहारी मंदिर में भी भक्तों की भारी भीड़ है। तड़के हुई मंगला आरती में करीब 10 हजार श्रद्धालु शामिल हुए। ढोल-मंजीरों और शंख की धुन पर महिलाओं ने भक्ति में नृत्य किया। प्रशासन के मुताबिक जन्मोत्सव पर देश-विदेश से करीब 50 लाख श्रद्धालुओं के मथुरा पहुंचने की संभावना है। श्रीकृष्ण जन्मभूमि मंदिर में रात 12 बजे कान्हा का जन्म होगा। इससे पहले रात 11:55 बजे करीब पांच मिनट के लिए मंदिर के पट बंद रहेंगे। गर्भगृह में पर्दे के पीछे भगवान का विशेष श्रृंगार किया जाएगा। जन्म के समय उज्जैन से आए डमरू और मृदंग वादक मंगल ध्वनि और आनंद संकीर्तन करेंगे।
चांदी से सजा गर्भगृह
भगवान श्रीकृष्ण के जन्म के बाद आरती की जाएगी और प्रतिमा को गर्भगृह से बाहर लाकर श्रद्धालुओं को दर्शन कराए जाएंगे। सोने से सजी चांदी की कामधेनु के दूध से भगवान का अभिषेक होगा। इसके बाद उन्हें चांदी के कमल पर विराजमान कर पंचामृत स्नान कराया जाएगा। जन्मोत्सव और अभिषेक का LED स्क्रीन और टीवी चैनलों के माध्यम से सीधा प्रसारण होगा। जन्माष्टमी के लिए गर्भगृह को करीब 200 किलो चांदी और आकर्षक फूल-पत्तियों से सजाया गया है। रात 12:45 बजे शयन आरती के बाद कपाट बंद कर दिए जाएंगे।