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MP STF कछुआ तस्करी का इंटरनेशनल किंगपिन मुरुगेशन थाईलैंड भेजा जाएगा

By : Narendra Singh
MP STF कछुआ तस्करी का इंटरनेशनल किंगपिन मुरुगेशन थाईलैंड भेजा जाएगा
MP STF कछुआ तस्करी: वन्यजीव तस्करी के अंतरराष्ट्रीय नेटवर्क पर बड़ी चोट लगी है। दुर्लभ कछुओं की तस्करी में कुख्यात मन्नीवन्नन मुरुगेशन को थाईलैंड भेजने की मंजूरी मिल गई है। नई दिल्ली की पटियाला हाउस कोर्ट ने लंबी सुनवाई के बाद उसके प्रत्यर्पण को हरी झंडी दे दी है, जिससे मध्यप्रदेश STF को बड़ी कानूनी सफलता मिली है.

MP STF कछुआ तस्करी: कोर्ट से मिली मंजूरी

पटियाला हाउस कोर्ट ने 6 जनवरी 2026 को आदेश जारी कर मुरुगेशन के थाईलैंड प्रत्यर्पण को स्वीकृति दी। अधिकारियों के मुताबिक, थाईलैंड में उसके खिलाफ वन्यजीवों के अवैध व्यापार के गंभीर मामले दर्ज हैं। अदालत के फैसले के बाद अब औपचारिक प्रक्रिया पूरी होते ही उसे थाई प्रशासन को सौंपा जाएगा। Also Read-मध्यप्रदेश गांजा तस्करी: ओडिशा से मध्यप्रदेश ला जा रहा था 599 किलो गांजा

MP STF कछुआ तस्करी: MP STF ने खोला था इंटरनेशनल नेटवर्क

मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव के निर्देश पर सक्रिय मध्यप्रदेश स्टेट टाइगर फोर्स ने इस मामले की परतें खोली थीं। STF ने मुरुगेशन को गिरफ्तार कर जब उससे पूछताछ की, तो एक ऐसा नेटवर्क सामने आया जो भारत तक सीमित नहीं था। जांच में खुलासा हुआ कि उसकी तस्करी की जड़ें थाईलैंड, मलेशिया, मकाऊ, हांगकांग, चीन और मेडागास्कर तक फैली हुई थीं। Also Read-मध्यप्रदेश देश के सबसे कम बेरोजगारी वाले राज्यों में शामिल-CM डॉ मोहन यादव

दुनिया के टॉप वन्यजीव तस्करों में नाम

मुरुगेशन का नाम दुर्लभ और प्रतिबंधित प्रजाति के कछुओं की तस्करी में विश्व स्तर पर तीसरे नंबर पर बताया जाता रहा है। जुलाई 2018 में मध्यप्रदेश वन विभाग ने उससे जुड़े संवेदनशील दस्तावेज ढाका में आयोजित एक अंतरराष्ट्रीय बैठक में भी साझा किए थे।

2012 का बड़ा केस, जहां से कहानी बदली

27 अगस्त 2012 को बैंकॉक एयरपोर्ट पर मुरुगेशन करीब 900 दुर्लभ प्रजाति के कछुओं के साथ पकड़ा गया था। हालांकि, उस वक्त वह कानूनी खामियों का फायदा उठाकर बच निकला। बाद में इसी मामले में इंटरपोल ने उसके खिलाफ रेड नोटिस जारी किया।
भारत में गिरफ्तारी और सजा का पूरा सफर
MP STF ने मुरुगेशन को 30 जनवरी 2018 को चेन्नई से गिरफ्तार कर सागर की विशेष अदालत में पेश किया था। ट्रायल के बाद उसे 7 साल की सजा सुनाई गई, हालांकि अपील में जिला एवं सत्र न्यायालय से उसे राहत मिल गई। इसके बावजूद STF ने हाईकोर्ट जबलपुर में फैसले को चुनौती दी और उसका पासपोर्ट जब्त कराया। यह मामला अभी भी लंबित है।
अब तिहाड़ जेल में बंद
पटियाला हाउस कोर्ट के प्रत्यर्पण आदेश के बाद मुरुगेशन को गिरफ्तार कर तिहाड़ जेल, नई दिल्ली में रखा गया है। सभी औपचारिकताएं पूरी होते ही उसे थाईलैंड ले जाया जाएगा, जहां उस पर लंबी कानूनी कार्रवाई तय मानी जा रही है।  

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