इंदौर के महाराजा यशवंतराव (MYH) अस्पताल में पदस्थ फार्मासिस्ट राकेश गोरखे पर आर्थिक अपराध अन्वेषण ब्यूरो (EOW) की कार्रवाई लगातार तेज होती जा रही है। आय से अधिक संपत्ति के मामले में चल रही जांच के दौरान EOW को करीब 10 करोड़ रुपये की बेनामी और संदिग्ध संपत्तियों का पता चला है। प्रारंभिक जांच में सामने आया है कि आरोपी ने अपनी घोषित आय से कहीं अधिक संपत्ति अर्जित की है। अब जांच एजेंसी इन संपत्तियों के स्रोत और इनके वित्तीय लेन-देन की गहराई से पड़ताल कर रही है।
पॉश कॉलोनियों में प्लॉट और आलीशान मकान
जांच के दौरान EOW को शहर की पॉश कॉलोनियों में आरोपी के नाम या उससे जुड़े लोगों के नाम पर छह कीमती प्लॉट मिलने की जानकारी मिली है। इसके अलावा वृंदावन गार्डन क्षेत्र में एक आलीशान मकान भी जांच एजेंसी के रडार पर है। अधिकारियों का मानना है कि ये संपत्तियां अवैध कमाई से खरीदी गई हो सकती हैं। प्रारंभिक जांच में सरकारी दवाओं के स्टॉक में गड़बड़ी और भ्रष्टाचार के जरिए बड़ी रकम अर्जित करने के आरोप भी सामने आए हैं।
बैंक खाते, निवेश और रिश्तेदारों की जांच
EOW अब आरोपी के बैंक खातों, निवेश, संपत्ति खरीद-बिक्री और वित्तीय लेन-देन की विस्तृत जांच कर रही है। जांच एजेंसी यह भी पता लगा रही है कि कहीं अवैध कमाई को छिपाने के लिए रिश्तेदारों या करीबी सहयोगियों के नाम पर संपत्तियां तो नहीं खरीदी गईं। कई ऐसी संपत्तियों की जानकारी भी सामने आई है, जिनका विवरण आरोपी ने विभाग को उपलब्ध नहीं कराया था। इन्हीं तथ्यों के आधार पर जांच का दायरा लगातार बढ़ाया जा रहा है।
थाईलैंड यात्रा भी जांच के घेरे में
मामले में आरोपी की विदेशी यात्राएं भी EOW की जांच का अहम हिस्सा बन गई हैं। अक्टूबर 2023 में की गई थाईलैंड यात्रा को लेकर एजेंसी विशेष रूप से जानकारी जुटा रही है। आरोप है कि इस विदेश यात्रा के लिए आवश्यक विभागीय अनुमति नहीं ली गई थी। जांच अधिकारी यह भी पता लगा रहे हैं कि यात्रा का खर्च किस स्रोत से वहन किया गया और उसका संबंध किसी संदिग्ध वित्तीय लेन-देन से तो नहीं है। EOW का कहना है कि जांच अभी जारी है और आने वाले दिनों में इस मामले में कई और महत्वपूर्ण खुलासे हो सकते हैं।