उत्तराखंड की राजनीति में आज एक ऐतिहासिक अध्याय जुड़ गया। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने अपने नेतृत्व के लगातार पांच वर्ष पूरे कर लिए। ऋषिकेश के आईडीपीएल मैदान में आयोजित विशाल कार्यक्रम में हजारों लोगों की मौजूदगी और "धाकड़ धामी जिंदाबाद" के नारों के बीच सरकार ने अपनी उपलब्धियों का रिपोर्ट कार्ड जनता के सामने रखा।
51 विकास परियोजनाओं का लोकार्पण और शिलान्यास किया
'सेवा, सुशासन एवं समर्पण : जन-जन की सरकार, जन-जन के द्वार' सेवा पखवाड़ा कार्यक्रम के शुभारंभ के अवसर पर राज्यपाल लेफ्टिनेंट जनरल गुरमीत सिंह (सेवानिवृत्त) और मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने देहरादून जिले की 219 करोड़ रुपये से अधिक लागत वाली 51 विकास परियोजनाओं का लोकार्पण और शिलान्यास किया।
कार्रवाई को ऐतिहासिक कदम बताया
राज्यपाल ने मुख्यमंत्री धामी को लगातार पांच वर्ष तक सफल नेतृत्व देने पर बधाई देते हुए कहा कि यह जनता के विश्वास और विकास की निरंतरता का प्रतीक है। उन्होंने नकल विरोधी कानून, धर्मांतरण विरोधी कानून, सख्त भू-कानून और भ्रष्टाचार के खिलाफ सरकार की कार्रवाई को ऐतिहासिक कदम बताया।
पूर्व मुख्यमंत्री डॉ. रमेश पोखरियाल 'निशंक' ने भी धामी सरकार की कार्यशैली की सराहना करते हुए कहा कि उत्तराखंड के कई फैसलों का अनुसरण अब दूसरे राज्य भी कर रहे हैं।
दो लाख 65 हजार से अधिक महिलाएं आत्मनिर्भर बनी
मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने कहा कि सत्ता उनके लिए लक्ष्य नहीं, बल्कि जनसेवा का माध्यम है। उन्होंने वर्ष 2035 तक उत्तराखंड को विकसित और श्रेष्ठ राज्य बनाने का संकल्प दोहराया। उन्होंने बताया कि राज्य में एक लाख करोड़ रुपये से अधिक का निवेश धरातल पर उतर चुका है, जबकि 34 हजार से ज्यादा युवाओं को पारदर्शी तरीके से सरकारी नौकरियां दी गई हैं। लखपति दीदी अभियान के तहत दो लाख 65 हजार से अधिक महिलाएं आत्मनिर्भर बनी हैं।
समान नागरिक संहिता, नकल विरोधी कानून, धर्मांतरण विरोधी कानून, भ्रष्टाचार के खिलाफ सख्त कार्रवाई, पारदर्शी भर्ती प्रक्रिया, पर्यटन, निवेश और आधारभूत संरचना के विकास जैसे फैसलों को सरकार ने अपनी प्रमुख उपलब्धियों के रूप में गिनाया।
पांच वर्षों का यह पड़ाव सिर्फ एक राजनीतिक उपलब्धि नहीं, बल्कि उत्तराखंड के विकास, सुशासन और जनता के विश्वास का बड़ा संदेश बनकर सामने आया है।