‘जनता की सुनें, उन्हें सुनाएं नहीं’... CM विष्णुदेव साय का अधिकारियों को सख्त संदेश

CM Sai Gives Tough Message To Officers

‘जनता की सुनें, उन्हें सुनाएं नहीं’... CM विष्णुदेव साय का अधिकारियों को सख्त संदेश

छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने अधिकारियों को जनता से शालीन व्यवहार करने के निर्देश दिए। कहा- लोगों की सुनें, उन्हें सुनाएं नहीं।

‘जनता की सुनें उन्हें सुनाएं नहीं’ cm विष्णुदेव साय का अधिकारियों को सख्त संदेश

छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने प्रशासनिक अधिकारियों को जनता के साथ व्यवहार को लेकर कड़ा संदेश दिया है। उन्होंने साफ शब्दों में कहा कि अधिकारी आम लोगों से शालीनता, धैर्य और सम्मान के साथ पेश आएं। लोगों की समस्याएं सुनें, उन्हें भाषण न सुनाएं।

रायपुर में अधिकारियों को संबोधित करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि मुख्यालय और फील्ड स्तर पर काम करने वाले अधिकारी ही सरकार का चेहरा होते हैं। ऐसे में उनका व्यवहार सीधे तौर पर शासन की छवि को प्रभावित करता है। उन्होंने चेतावनी दी कि जनता के प्रति असंवेदनशील रवैया किसी भी स्थिति में स्वीकार नहीं किया जाएगा।

संवेदनशीलता ही प्रशासन की असली ताकत-सीएम

मुख्यमंत्री ने कहा कि किसी भी सरकारी कार्यालय में पहुंचने वाले व्यक्ति को यह महसूस होना चाहिए कि उसकी बात गंभीरता से सुनी जा रही है। प्रशासन का उद्देश्य केवल प्रक्रिया पूरी करना नहीं, बल्कि लोगों की समस्याओं का समाधान करना होना चाहिए।उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिए कि वे फील्ड में सक्रिय रहें और सीधे लोगों से संवाद करें। योजनाओं की सफलता केवल आंकड़ों से नहीं, बल्कि जनता के अनुभव से तय होती है।

“व्यवहार से बनता है सुशासन”

मुख्यमंत्री ने कहा कि सुशासन केवल नीतियों और घोषणाओं से स्थापित नहीं होता, बल्कि अधिकारियों के व्यवहार से लोगों का भरोसा बनता है। यदि प्रशासन सरल, सहज और सहयोगात्मक रवैया अपनाए तो शिकायतें स्वतः कम होने लगती हैं।उन्होंने अधिकारियों से पारदर्शिता और जवाबदेही को अपने कार्य का मूल मंत्र बनाने की अपील करते हुए कहा कि विकसित छत्तीसगढ़ का सपना तभी पूरा होगा, जब प्रशासन हर नागरिक के लिए सुलभ और सम्मानजनक बने।

सुशासन तिहार 2026 में होगी व्यवहार की भी समीक्षा

सीएम ने स्पष्ट किया कि “सुशासन तिहार 2026” के दौरान वे खुद अलग-अलग क्षेत्रों का औचक निरीक्षण करेंगे। इस दौरान केवल योजनाओं के क्रियान्वयन ही नहीं, बल्कि अधिकारियों के व्यवहार और संवेदनशीलता का भी आकलन किया जाएगा।उन्होंने कहा कि जनसंपर्क के दौरान अधिकारियों की जवाबदेही, शालीनता और समस्या समाधान की क्षमता को प्राथमिकता से परखा जाएगा।

1 मई से 10 जून तक चलेगा अभियान

प्रदेश में “सुशासन तिहार 2026” का आयोजन 1 मई से 10 जून तक किया जा रहा है। इसके तहत ग्रामीण और शहरी क्षेत्रों में बड़े स्तर पर समाधान शिविर लगाए जाएंगे।पंचायत और वार्ड स्तर पर लोगों की शिकायतें दर्ज की जाएंगी और मौके पर समाधान का प्रयास होगा। अभियान में जनप्रतिनिधियों की भी सक्रिय भागीदारी रहेगी।

 

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