भोपाल। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा है कि भारत युवाओं का देश है। हम युवाओं को साथ लेकर ही विकसित भारत और विकसित मध्यप्रदेश के लक्ष्य को पाने के लिए आगे बढ़ेंगे। मुख्यमंत्री ने कहा कि बुंदेलखंड अपने शौर्य के लिए जगज़ाहिर है। बुदंली बोली भी आजकल बहुत लोकप्रिय हो रही है, क्योंकि उसमें एक माधुर्य है, अपनत्व की मिठास है। मुख्यमंत्री ने कहा कि बुंदलेखण्ड के विकास के लिए सरकार लगातार प्रयास कर रही है। इस क्षेत्र की संस्कृति, साहित्य ओर लोककला के संरक्षण एवं संवर्धन के लिए भी हम सभी कदम उठा रहे हैं। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने रविवार को रविन्द्र भवन में तीन दिवसीय बुंदेली समागम का दीप प्रज्ज्वलन कर शुभारंभ किया। यह बुंदेली समागम 6 अक्टूबर तक चलेगा।
आज रवींद्र भवन, भोपाल में तीन दिवसीय बुंदेली समागम का शुभारंभ कर बुंदेलखंडी कलाकारों एवं समाजसेवियों को बुंदेली सम्मान से सम्मानित किया। कार्यक्रम में आए कंटेंट क्रिएटर्स के साथ आत्मीय संवाद कर बुंदेलखंडी बोली में निर्मित ‘बिन्नू की बारात’ फीचर फिल्म के टीजर एवं मोशन पोस्टर का विमोचन भी किया। बुंदेलखंड के विकास के साथ-साथ इसकी संस्कृति, साहित्य एवं लोककला के संरक्षण एवं संवर्धन के लिए सरकार निरंतर कार्यरत है। इस अवसर पर भारतीय सिनेमा के प्रसिद्ध अभिनेता श्री मुकेश तिवारी जी सहित अन्य कलाकार भी उपस्थित रहे।
— Dr Mohan Yadav (@DrMohanYadav51) October 4, 2026
कार्यक्रम में मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने 'बिन्नू की बारात' नामक पूर्णत: बुंदेलखंडी बोली में निर्मित फीचर फिल्म के टीज़र और मोशन पोस्टर का विमोचन किया, साथ ही बुंदेलखंडी कलाकारों का सम्मान कर क्षेत्रीय समाजसेवियों को बुंदेली सम्मान से सम्मानित किया। इस अवसर पर प्रसिद्ध फिल्म अभिनेता मुकेश तिवारी, अभिनेत्री चाहत पांडे, रोहित पंडित, कार्यक्रम के संयोजक सचिन चौधरी, विपुल तिवारी सहित बुंदेलखण्ड क्षेत्र के करीब 300 से अधिक अनेक जेन जी कंटेट क्रियेटर्स एवं सोशल मीडिया इन्फ्लुएंसर्स उपस्थित थे।
मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कार्यक्रम में आए कंटेट क्रियेटर्स के साथ आत्मीय संवाद कर बड़ी बेबाकी से उनके सवालों के जवाब दिये। प्रारंभ में मुख्यमंत्री डॉ. यादव को पौधा देकर स्वागत एवं ख्यात बुंदेलखंडी वाद्ययंत्र 'तमूरा' भेंटकर अभिनन्दन किया गया। कार्यक्रम में बुंदेली कलाकारों द्वारा आकर्षक लोक नृत्यों की प्रस्तुति दी गई। कार्यक्रम में बड़ी संख्या में बुंदेली बोली के प्रेमी एवं सुधिजन उपस्थित थे।