बिहार सरकार ने आम नागरिकों की शिकायतों के त्वरित और प्रभावी समाधान के लिए एक नई पहल शुरू की है। मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X के माध्यम से जानकारी देते हुए बताया कि अब राज्य में प्रत्येक माह के दूसरे मंगलवार को राज्य स्तरीय 'सहयोग कार्यक्रम' आयोजित किया जाएगा। इस कार्यक्रम का उद्देश्य जिला स्तर पर लंबित या असंतोषजनक शिकायतों का उच्च स्तर पर निपटारा सुनिश्चित करना है।
मामलों की समीक्षा कर आवश्यक कार्रवाई सुनिश्चित करेंगे
सरकार के इस फैसले के तहत ऐसे मामलों को प्राथमिकता दी जाएगी, जिनमें आवेदक जिला स्तर पर हुई सुनवाई या कार्रवाई से संतुष्ट नहीं हैं। अब ऐसे नागरिकों को अपनी समस्या लेकर बार-बार सरकारी दफ्तरों के चक्कर नहीं लगाने पड़ेंगे, बल्कि उनकी शिकायतों की सुनवाई सीधे राज्य स्तर पर की जाएगी। मुख्यमंत्री और संबंधित विभागों के वरिष्ठ अधिकारी इन मामलों की समीक्षा कर आवश्यक कार्रवाई सुनिश्चित करेंगे।
नई व्यवस्था का उद्देश्य प्रशासनिक जवाबदेही बढ़ाना, शिकायत निवारण प्रक्रिया को पारदर्शी बनाना और आम लोगों को समयबद्ध न्याय दिलाना है। सरकार का मानना है कि इससे लंबित मामलों के समाधान में तेजी आएगी और नागरिकों का प्रशासन पर भरोसा भी मजबूत होगा।
प्रक्रिया अधिक व्यवस्थित और प्रभावी बनेगी
राज्य स्तरीय सहयोग कार्यक्रम के लिए प्रत्येक माह का दूसरा मंगलवार निर्धारित किया गया है। तय तारीख होने से लोगों को पहले से जानकारी रहेगी कि वे अपनी लंबित शिकायतों को किस दिन राज्य स्तर पर प्रस्तुत कर सकते हैं। इससे शिकायतों के निस्तारण की प्रक्रिया अधिक व्यवस्थित और प्रभावी बनेगी।
संवेदनशील शासन व्यवस्था का अनुभव कराएगी
बिहार सरकार का कहना है कि सुशासन केवल योजनाएं बनाने से नहीं, बल्कि लोगों की समस्याओं का समय पर समाधान करने से स्थापित होता है। इसी सोच के साथ सहयोग कार्यक्रम को नियमित स्वरूप दिया गया है। सरकार को उम्मीद है कि यह पहल आम नागरिकों और प्रशासन के बीच संवाद को मजबूत करेगी, लंबित मामलों का शीघ्र समाधान सुनिश्चित करेगी और जनता को अधिक पारदर्शी, जवाबदेह एवं संवेदनशील शासन व्यवस्था का अनुभव कराएगी।