बिहार विधानसभा अध्यक्ष डॉ. प्रेम कुमार ने कहा है कि PhD छात्रों की समस्याओं और उनकी मांगों को लेकर राज्य सरकार गंभीर है। मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी की पहल पर छात्रों की शिकायतों और समस्याओं के समाधान के लिए एक पोर्टल शुरू किया गया है। इस पोर्टल के जरिए विद्यार्थी अपनी शिकायतें और मांगें सरकार तक पहुंचा सकते हैं। शनिवार को गयाजी में आयोजित कृषि जन कल्याण संवाद कार्यक्रम में शामिल होने के बाद पत्रकारों से बातचीत करते हुए डॉ. प्रेम कुमार ने PhD छात्रों के प्रदर्शन और उनकी मांगों को लेकर सरकार का पक्ष रखा।
पोर्टल के जरिए छात्रों की शिकायतें
विधानसभा अध्यक्ष ने बताया कि मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी के नेतृत्व में छात्रों से जुड़े मामलों के लिए पोर्टल शुरू किया गया है। इसके माध्यम से विद्यार्थियों की शिकायतें और समस्याएं सीधे सरकार तक पहुंच रही हैं। उन्होंने कहा कि इन शिकायतों की नियमित समीक्षा की जा रही है। छात्रों की जो मांगें व्यावहारिक और संभव हैं, उन पर सरकार सकारात्मक तरीके से विचार कर रही है।
छात्रों की समस्याओं के समाधान का भरोसा
डॉ. प्रेम कुमार ने कहा कि राज्य सरकार छात्रों की समस्याओं को केवल सुनने तक सीमित नहीं है, बल्कि उनके समाधान के लिए भी प्रयास कर रही है। उन्होंने भरोसा दिलाया कि जिन मुद्दों को लेकर PhD छात्र आंदोलन कर रहे हैं, सरकार उन सभी पहलुओं पर गंभीरता से विचार करेगी।
उन्होंने कहा कि सरकार का प्रयास है कि विद्यार्थियों की उचित मांगों का समाधान निकाला जाए और उन्हें अपनी समस्याओं के लिए परेशान न होना पड़े।
‘बिहार छात्रों की बात सुनने वाला राज्य’
विधानसभा अध्यक्ष ने कहा कि बिहार ऐसा राज्य बन रहा है, जहां सरकार छात्रों की समस्याओं को सुनने के साथ-साथ उनके समाधान की दिशा में भी ठोस कदम उठा रही है। उन्होंने कहा कि विद्यार्थियों से जुड़े मामलों को गंभीरता से लिया जा रहा है और पोर्टल के माध्यम से शिकायतों की जानकारी सरकार तक पहुंच रही है। इससे छात्रों की समस्याओं की निगरानी और उनके समाधान की प्रक्रिया को बेहतर बनाने में मदद मिलेगी।
तीन नए आपराधिक कानूनों का किया स्वागत
बातचीत के दौरान डॉ. प्रेम कुमार ने देश में लागू किए गए तीन नए आपराधिक कानूनों को लेकर भी अपनी प्रतिक्रिया दी। उन्होंने इन्हें समय की जरूरत बताते हुए केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह की पहल की सराहना की। उन्होंने कहा कि आजादी के कई दशकों बाद भी देश में ऐसे कई कानून लागू थे, जो अंग्रेजों के शासनकाल के समय बनाए गए थे। बदलते समय और मौजूदा जरूरतों को देखते हुए अब इन कानूनों में बदलाव किया गया है। विधानसभा अध्यक्ष ने नए आपराधिक कानूनों को सकारात्मक और ऐतिहासिक पहल बताया। उन्होंने कहा कि नए कानून वर्तमान समय की जरूरतों के अनुरूप न्याय व्यवस्था को अधिक प्रभावी बनाने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम हैं।