भोपाल के अरेरा हिल्स थाना प्रभारी सुनील शर्मा और आरक्षक नंदकिशोर को महिला से कथित अनैतिक संबंध और पद के दुरुपयोग के आरोपों के बाद निलंबित कर दिया गया है। हालांकि इस कार्रवाई के साथ ही पुलिस विभाग की पोस्टिंग प्रक्रिया भी सवालों के घेरे में आ गई है। सामने आया है कि सुनील शर्मा के खिलाफ पहले से एक आपराधिक मामला अदालत में लंबित होने के बावजूद उन्हें राजधानी के सबसे महत्वपूर्ण थानों में से एक का प्रभारी बनाया गया था।
महिला से संबंधों के आरोप के बाद हुई कार्रवाई
मामले की शुरुआत एक युवक की शिकायत से हुई, जिसने पुलिस कमिश्नर से आरोप लगाया कि अरेरा हिल्स टीआई सुनील शर्मा के उसकी पत्नी से कथित अनैतिक संबंध हैं। शिकायत में यह भी कहा गया कि आरक्षक नंदकिशोर इस पूरे मामले में टीआई का सहयोग कर रहा था और महिला पर दबाव बनाने में भूमिका निभा रहा था। प्रारंभिक जांच में आरोप प्रथम दृष्टया संदिग्ध पाए जाने पर पुलिस कमिश्नर ने दोनों पुलिसकर्मियों को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया।
PHQ के आदेशों पर उठे गंभीर सवाल
इस मामले के सामने आने के बाद पुलिस मुख्यालय (PHQ) के पुराने आदेशों की अनदेखी पर भी सवाल खड़े हो गए हैं। वर्ष 2014 और 2025 में जारी निर्देशों में स्पष्ट कहा गया था कि जिन पुलिस अधिकारियों के खिलाफ आपराधिक प्रकरण, विभागीय जांच, भ्रष्टाचार या नैतिक अधःपतन से जुड़े मामले लंबित हों, उन्हें थानों या अन्य संवेदनशील पदों पर तैनात नहीं किया जाएगा। इसके बावजूद सुनील शर्मा को अरेरा हिल्स जैसे वीआईपी थाने का प्रभार सौंपा गया।
कोर्ट में केस लंबित, फिर भी मिली अहम जिम्मेदारी
जानकारी के अनुसार, गुना कोतवाली में दर्ज आपराधिक प्रकरण अभी भी न्यायालय में विचाराधीन है और इसकी अगली सुनवाई 19 अगस्त 2026 को निर्धारित है। इसके बावजूद उन्हें राजधानी के महत्वपूर्ण थाने का प्रभारी बनाए जाने से पोस्टिंग प्रक्रिया की पारदर्शिता और नियमों के पालन पर गंभीर सवाल उठ रहे हैं।
अब जवाबदेही तय करने की मांग
इस पूरे मामले के बाद तीन प्रमुख सवाल सामने आए हैं—क्या पोस्टिंग से पहले अधिकारी का सेवा रिकॉर्ड और लंबित मामलों की जांच की गई थी? PHQ के स्पष्ट निर्देशों की अनदेखी किस स्तर पर हुई? और क्या नियमों के विपरीत पोस्टिंग देने वाले अधिकारियों की भी जवाबदेही तय होगी? फिलहाल पुलिस का कहना है कि शिकायत मिलते ही तत्काल कार्रवाई की गई, जबकि अब विभागीय प्रक्रिया और पोस्टिंग सिस्टम पर भी निगाहें टिकी हुई हैं।