भोपाल में रहवासी इलाकों में चल रहे व्यावसायिक प्रतिष्ठानों की सीलिंग कार्रवाई को लेकर सुप्रीम कोर्ट में सुनवाई हुई। कोर्ट ने कार्रवाई में लापरवाही और निर्देशों के पूर्ण पालन नहीं होने पर नाराजगी जताई। सुनवाई के दौरान रहवासी इलाकों में व्यावसायिक गतिविधियों पर रोक और सीलिंग कार्रवाई जारी रखने से जुड़े निर्देशों पर जोर दिया गया।
रहवासी इलाकों में कार्रवाई जारी रखने के निर्देश
सुप्रीम कोर्ट ने स्पष्ट किया कि रहवासी इलाकों में किसी भी प्रकार की कमर्शियल गतिविधियां नहीं होनी चाहिए। सीलिंग और डिमोलिशन की कार्रवाई जारी रखने के निर्देश दिए गए हैं। वहीं जिन इलाकों का लैंड यूज स्पष्ट नहीं है या जो मिक्स्ड लैंड यूज के अंतर्गत आते हैं, उनके मामलों को अलग तरीके से देखने की बात सामने आई। रहवासी क्षेत्रों में कार्रवाई नहीं रुकने के निर्देश दिए गए।
कमिटी गठन को लेकर सरकार से मांगा जवाब
सुनवाई के दौरान एमिकस क्यूरी एके सिन्हा ने मध्यप्रदेश सरकार की ओर से गठित कमिटी पर आपत्ति जताई। उन्होंने कोर्ट को बताया कि कमिटी बनाकर सरकार ने कोर्ट के निर्देशों की अवहेलना की है। इसके बाद मध्यप्रदेश सरकार के वकील केएन नटराजन ने बताया कि सरकार से बातचीत हो चुकी है। सरकार ने आश्वासन दिया कि अब कोई नई कमिटी नहीं बनाई जाएगी और सीलिंग कार्रवाई बाधित नहीं होगी। कोर्ट ने सरकार के आश्वासन को स्वीकार किया, जबकि कंटेंप्ट को लेकर अंतिम स्थिति लिखित आदेश से स्पष्ट होगी।
भोपाल में सीलिंग के बाद प्रतिष्ठान खुलने पर सवाल
एमिकस क्यूरी एके सिन्हा ने बताया कि सुनवाई से पहले भोपाल के करीब 10 रहवासियों की शिकायतें मिली थीं। शिकायतों में सुबह सीलिंग कार्रवाई होने और शाम को प्रतिष्ठानों के दोबारा खुलने का आरोप लगाया गया। कोर्ट के सामने यह मुद्दा रखा गया कि कई जगहों पर निर्देशों का पूर्णतः पालन नहीं हो रहा है, खासकर भोपाल में।
मास्टर प्लान के ड्राफ्ट को लेकर सरकार का पक्ष
सरकार की ओर से वकील केएन नटराजन ने बताया कि भोपाल में 1995 के बाद नया मास्टर प्लान नहीं आया और पिछला प्लान 2005 में समाप्त हो गया था। उन्होंने सुप्रीम कोर्ट को जानकारी दी कि नए मास्टर प्लान का ड्राफ्ट सरकार के पास है और इसे लागू करने की प्रक्रिया आगे बढ़ानी है। सरकार को ड्राफ्ट जारी करने की अनुमति मिलने की बात सामने आई है। हालांकि, नए मास्टर प्लान के लागू होने तक सीलिंग कार्रवाई रोकने का निर्देश नहीं दिया गया है।