भोपाल। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव की अध्यक्षता में मंगलवार को मंत्रालय में होने वाली कैबिनेट बैठक में किसानों के हित से जुड़ा एक अहम प्रस्ताव मंजूरी के लिए रखा जाएगा। सहकारिता विभाग की ओर से लाई जा रही 'कवच योजना' का उद्देश्य उन किसानों को राहत देना है, जिन्होंने सहकारी बैंकों और समितियों का बकाया तो जमा कर दिया, लेकिन बैंक अधिकारियों और कर्मचारियों की गड़बड़ी के कारण रिकॉर्ड में अब भी डिफॉल्टर बने हुए हैं। इस योजना से प्रदेश के करीब 5 हजार किसानों को सीधा लाभ मिलने की संभावना है।
बैंक अधिकारियों की गड़बड़ी का खामियाजा भुगत रहे किसान
जानकारी के अनुसार कई मामलों में किसानों ने सहकारी बैंक से लिए गए ऋण और समितियों से लिए गए खाद-बीज की राशि बैंक मैनेजरों या समिति कर्मचारियों को जमा कर दी थी। लेकिन संबंधित कर्मचारियों ने राशि बैंक खातों में जमा करने के बजाय उसका गबन कर लिया। कई किसानों को जमा राशि की रसीद भी नहीं दी गई, जिससे वे रिकॉर्ड में बकायादार बने रहे। बाद में गड़बड़ी सामने आने पर संबंधित अधिकारियों पर कार्रवाई शुरू हुई, लेकिन किसानों की समस्या जस की तस बनी रही।
सरकार और अपेक्स बैंक मिलकर वहन करेंगे बकाया
प्रस्तावित कवच योजना के तहत किसानों के नाम पर दर्ज बकाया राशि का भार राज्य सरकार और अपेक्स बैंक मिलकर वहन करेंगे। इसके बाद प्रभावित किसानों का डिफॉल्टर दर्जा समाप्त किया जाएगा। इससे वे दोबारा सहकारी बैंकों से ऋण लेने, खाद-बीज प्राप्त करने और अन्य सहकारी योजनाओं का लाभ लेने के पात्र बन सकेंगे।
जन विश्वास अभियान पर भी होगी समीक्षा
कैबिनेट बैठक में 7 अगस्त से शुरू होने वाले 'मुख्यमंत्री जन विश्वास अभियान' की तैयारियों पर भी चर्चा होगी। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव मंत्रियों को उनके प्रभार वाले जिलों में अभियान की निगरानी और प्रभावी क्रियान्वयन के निर्देश देंगे। इसके अलावा विभिन्न विभागों की कई योजनाओं की अवधि 2031 तक बढ़ाने संबंधी प्रस्तावों को भी मंजूरी मिल सकती है।