मध्य प्रदेश की राजधानी भोपाल 5 अगस्त से 8 अगस्त तक आयोजित होने वाले ब्रिक्स सांस्कृतिक सम्मेलन-2026 की मेजबानी के लिए पूरी तरह तैयार है। चार दिनों तक चलने वाले इस अंतरराष्ट्रीय आयोजन में ब्रिक्स देशों सहित कई मित्र देशों के संस्कृति मंत्री और वरिष्ठ प्रतिनिधि शामिल होंगे। सम्मेलन के दौरान भारत की सांस्कृतिक विरासत, समरसता और वैश्विक सहयोग का संदेश दुनिया तक पहुंचाया जाएगा।
GIS की तर्ज पर संवारा जा रहा शहर
विदेशी मेहमानों के स्वागत के लिए भोपाल को ग्लोबल इन्वेस्टर्स समिट (GIS) की तर्ज पर सजाया जा रहा है। वीआईपी रोड, भोज सेतु, एयरपोर्ट रोड, गांधी नगर, पॉलीटेक्निक चौराहा और पंडित कुशाभाऊ ठाकरे कन्वेंशन सेंटर (मिंटो हॉल) तक विशेष रंगरोगन और सौंदर्यीकरण का कार्य तेजी से चल रहा है। डिवाइडरों पर रंगाई-पुताई की जा रही है, जबकि प्रमुख मार्गों को आकर्षक स्वरूप दिया जा रहा है।
भोज सेतु पर दिखेगी मध्य प्रदेश की सांस्कृतिक पहचान
भोज सेतु के दोनों ओर ऐसी कलात्मक पेंटिंग बनाई जा रही हैं, जो मध्य प्रदेश की सांस्कृतिक, धार्मिक और ऐतिहासिक विरासत को दर्शाती हैं। इन चित्रों के माध्यम से प्रदेश की लोक कला, परंपराएं और पर्यटन स्थलों की झलक विदेशी प्रतिनिधियों को देखने को मिलेगी। प्रशासन का उद्देश्य मेहमानों के सामने मध्य प्रदेश की समृद्ध सांस्कृतिक पहचान को प्रभावी ढंग से प्रस्तुत करना है।
कई देशों के मंत्री और प्रतिनिधि होंगे शामिल
इस सम्मेलन का आयोजन ‘सर्वे भवन्तु सुखिनः’ की सनातन भावना और वैश्विक समरसता के संदेश पर आधारित है। इसमें ब्राजील, इथियोपिया, इंडोनेशिया, संयुक्त अरब अमीरात (यूएई), दक्षिण अफ्रीका, क्यूबा, थाईलैंड और बेलारूस सहित कई देशों के संस्कृति मंत्री, वरिष्ठ अधिकारी और राजनयिक प्रतिनिधि शामिल होंगे। यह आयोजन भारत और सहभागी देशों के बीच सांस्कृतिक सहयोग को नई मजबूती देगा।
सांस्कृतिक कूटनीति को मिलेगा नया आयाम
ब्रिक्स सांस्कृतिक सम्मेलन केवल एक सांस्कृतिक आयोजन नहीं, बल्कि भारत की सांस्कृतिक कूटनीति को मजबूत करने का महत्वपूर्ण मंच भी है। सम्मेलन के दौरान विभिन्न देशों के प्रतिनिधि सांस्कृतिक विरासत संरक्षण, कला, पर्यटन और रचनात्मक सहयोग जैसे विषयों पर चर्चा करेंगे। भोपाल की मेजबानी से मध्य प्रदेश को अंतरराष्ट्रीय स्तर पर अपनी सांस्कृतिक पहचान और आतिथ्य का प्रदर्शन करने का सुनहरा अवसर मिलेगा।