पंजाब के मुख्यमंत्री भगवंत मान ने बेंगलुरु स्थित आर्ट ऑफ लिविंग आश्रम में आध्यात्मिक गुरु श्री श्री रवि शंकर से मुलाकात की। इस दौरान आम आदमी पार्टी (AAP) के राष्ट्रीय संयोजक अरविंद केजरीवाल और वरिष्ठ नेता मनीष सिसोदिया भी मौजूद रहे। मुलाकात के दौरान समाज कल्याण, शिक्षा, मानसिक शांति और आपसी भाईचारे को मजबूत करने जैसे महत्वपूर्ण मुद्दों पर चर्चा हुई।
मुख्यमंत्री भगवंत मान ने इस मुलाकात की तस्वीरें सोशल मीडिया पर साझा करते हुए पंजाब समेत पूरे देश की तरक्की, खुशहाली और शांति की कामना की। मुलाकात ऐसे समय में हुई है, जब श्री श्री रवि शंकर का पंजाब के साथ लंबे समय से आध्यात्मिक और सामाजिक जुड़ाव रहा है।
पंजाब से श्री श्री रवि शंकर का पुराना नाता
श्री श्री रवि शंकर का पंजाब से जुड़ाव 1980 के दशक से बताया जाता है। राज्य में आज उनके बड़ी संख्या में अनुयायी हैं। आध्यात्मिक गुरु के नेतृत्व में चलने वाले आर्ट ऑफ लिविंग के केंद्र पंजाब के कई प्रमुख शहरों में सक्रिय हैं।
अमृतसर, लुधियाना, जालंधर और पटियाला समेत 45 से अधिक प्रमुख शहरों में आर्ट ऑफ लिविंग के केंद्र संचालित हो रहे हैं। वहीं मोहाली में संगठन का बड़ा परिसर ‘द वेलनेस सिटी’ भी मौजूद है। करीब 20 एकड़ में फैले इस परिसर में आयुर्वेदिक अस्पताल और ध्यान केंद्र जैसी सुविधाएं उपलब्ध हैं।
नवंबर 2025 में पंजाब आए थे आध्यात्मिक गुरु
श्री श्री रवि शंकर नवंबर 2025 में पंजाब दौरे पर आए थे। पंजाब सरकार के विशेष निमंत्रण पर उन्हें श्री गुरु तेग बहादुर साहिब जी के 350वें शहीदी शताब्दी समारोह के तहत आयोजित सर्व धर्म सम्मेलन में शामिल होने के लिए आमंत्रित किया गया था।
इस दौरान उन्होंने श्री आनंदपुर साहिब में आयोजित संत सम्मेलन में हिस्सा लिया था। इसके अलावा उन्होंने लुधियाना, बठिंडा और जालंधर में सत्संग एवं ध्यान सत्रों का नेतृत्व भी किया था। इन कार्यक्रमों के माध्यम से युवाओं को नशे से दूर रखने, किसानों को जैविक खेती के लिए प्रोत्साहित करने तथा समाज में भाईचारे और मानसिक शांति को बढ़ावा देने का संदेश दिया गया था।
बेंगलुरु में हुई ताजा मुलाकात में भी समाज और जनकल्याण से जुड़े मुद्दे चर्चा के केंद्र में रहे। मुख्यमंत्री मान ने पंजाब और देश की प्रगति के साथ शांति एवं खुशहाली की कामना की।