पंजाब के मुख्यमंत्री भगवंत मान ने जगतार सिंह हवारा को उसकी बीमार मां से मिलने के लिए 10 दिन की पैरोल देने की अपील की है। मुख्यमंत्री ने इस संबंध में पंजाब के राज्यपाल गुलाब चंद कटारिया को पत्र लिखा है। उन्होंने मानवीय आधार पर हवारा की पैरोल याचिका पर जल्द फैसला लेने का अनुरोध किया है।
मां की बिगड़ती सेहत का दिया हवाला
मुख्यमंत्री ने पत्र में कहा कि जगतार सिंह हवारा की मां उम्रदराज हैं और लंबे समय से स्वास्थ्य संबंधी समस्याओं से जूझ रही हैं। उनकी तबीयत लगातार बिगड़ रही है। ऐसे में बेटे को अपनी मां से मिलने का अवसर देना मानवीय दृष्टि से उचित होगा। इसी आधार पर मुख्यमंत्री ने 10 दिन की पैरोल पर विचार करने की मांग की है।
हाईकोर्ट में भी दाखिल है पैरोल याचिका
भगवंत मान ने राज्यपाल को बताया कि हवारा की ओर से पंजाब एवं हरियाणा हाईकोर्ट में भी पैरोल की मांग को लेकर याचिका दायर की गई है। अदालत ने सरकार और संबंधित प्रशासन को उसकी पैरोल अर्जी पर सहानुभूतिपूर्वक विचार करने के निर्देश दिए थे। मुख्यमंत्री ने इसी संदर्भ में राज्यपाल से जल्द निर्णय लेने का आग्रह किया है।
बेअंत सिंह हत्याकांड में दोषी ठहराया गया
जगतार सिंह हवारा का नाम 1995 में तत्कालीन पंजाब मुख्यमंत्री बेअंत सिंह की हत्या के मामले में सामने आया था। इस मामले में वर्ष 2007 में उसे मौत की सजा सुनाई गई थी। बाद में वर्ष 2010 में उसकी सजा को उम्रकैद में बदल दिया गया। इसके बाद से वह इस मामले में जेल की सजा काट रहा है।
बुड़ैल जेल से फरारी में भी रहा चर्चा में
हवारा वर्ष 2004 में चंडीगढ़ की बुड़ैल जेल से फरार होने के मामले में भी चर्चा में रहा था। वह बेअंत सिंह हत्याकांड से जुड़े मामले में सजा काट रहा था। जेल से फरारी की घटना के बाद यह मामला भी काफी सुर्खियों में रहा था।
1995 के धमाके में 17 लोगों की मौत
31 अगस्त 1995 को चंडीगढ़ स्थित सिविल सेक्रेटेरिएट के प्रवेश द्वार के पास विस्फोट हुआ था। इस हमले में तत्कालीन मुख्यमंत्री बेअंत सिंह समेत कुल 17 लोगों की मौत हुई थी। इसी मामले में जगतार सिंह हवारा को दोषी ठहराया गया था। अब उसकी मां की खराब तबीयत के आधार पर 10 दिन की पैरोल की मांग की गई है।