बद्रीनाथ में हुई चढ़ावा चोरी के मामले में अब मंदिर के पिछले 3 सालों के खजाने का रिकॉर्ड खंगाला जाएगा। बद्री-केदार मंदिर समिति (BKTC) में लगातार खामियां सामने आ रही हैं। चमोली की SIT ने BKTC से रिकॉर्ड तलब किया गया है। 26 दानपात्रों से मिले कैश और बहुमूल्य आभूषणों की जांच होगी।
वित्तीय अभिलेखों की बारीकी से जांच
अकाउंटेंट रिकॉर्ड और वास्तविक सामग्री का मिलान करेगा। जांच का फोकस मंदिर के कुबेर के खजाने में दर्ज संपत्तियों पर रहेगा। जांच के दौरान केवल दानपात्रों से मिली नगदी ही नहीं, बल्कि श्रद्धालुओं द्वारा चढ़ाए गए सोना, चांदी, हीरे, माणिक और अन्य बहुमूल्य आभूषणों का भी रिकॉर्ड से मिलान किया जाएगा। इसके लिए वित्तीय अभिलेखों की बारीकी से जांच शुरू होगई है। मामले में अब तक 3 कार्रवाई और 2 गिरफ्तारियां हो चुकी हैं।
राजेंद्र चौहान
नौटियाल 27 जुलाई तक न्यायिक हिरासत में
SIT ने 13 जुलाई को BKTC के निजी सहायक प्रमोद नौटियाल और 17 जुलाई को रिटायर्ड मंदिर अधिकारी राजेंद्र चौहान को गिरफ्तार किया था। नौटियाल 27 जुलाई तक न्यायिक हिरासत में रहेगा, जबकि राजेंद्र चौहान को भी कोर्ट में पेश करने के बाद 14 दिन की न्यायिक हिरासत में जेल भेज दिया गया। BKTC ने 15 जुलाई को दान और चढ़ावे के रिकॉर्ड रजिस्टर में ओवरराइटिंग और दर्ज रिकॉर्ड में अनियमितताएं मिलने पर खजांची संदेश मेहता को पद से हटाकर बद्रीनाथ मंदिर के पूजा कार्यालय में तैनात किया, जबकि उनकी जगह केदार सिंह रावत को खजांची की जिम्मेदारी सौंपी।
4 घंटे तक पूछताछ
चढ़ावा चोरी मामले में SIT ने दूसरी गिरफ्तारी करते हुए BKTC के पूर्व टेंपल अधिकारी और तत्कालीन थाली भेंट गणना प्रभारी राजेंद्र सिंह चौहान को ज्योतिर्मठ से गिरफ्तार किया है। चौहान 30 जून को रिटायर्ड हुए थे। गिरफ्तारी से पहले उनसे करीब 4 घंटे तक पूछताछ की गई। इससे पहले 12 जुलाई को BKTC कर्मचारी प्रमोद नौटियाल को गिरफ्तार किया गया था।