बद्रीनाथ धाम के चढ़ावे में कथित हेराफेरी मामले में जांच लगातार आगे बढ़ रही है। विशेष जांच टीम ने बदरी-केदार मंदिर समिति (BKTC) के पूर्व टेंपल अधिकारी एवं तत्कालीन थाली भेंट गणना प्रभारी राजेंद्र चौहान को गिरफ्तारी के बाद शनिवार को जोशीमठ स्थित न्यायालय में पेश किया।
14 दिन की न्यायिक हिरासत में
जरूरी विधिक प्रक्रिया पूरी होने के बाद न्यायालय ने उन्हें 14 दिन की न्यायिक हिरासत में जेल भेज दिया। दूसरी ओर, जांच में सामने आई CCTV ने पूरे दान प्रबंधन सिस्टम पर सवाल खड़े कर दिए हैं। जांच से जुड़े सूत्रों के मुताबिक 13 दिन की रिकॉर्डिंग में लगभग हर दिन नोटों के बंडल और सोना-चांदी हटाने जैसी गतिविधियां दिखाई देती हैं। वहीं 32 दिन की CCTV रिकॉर्डिंग उपलब्ध नहीं होने से जांच और गहरी हो गई।
दान-चढ़ावे में हेराफेरी
SIT अब यह पता लगा रही है कि CCTV में दिख रही गतिविधियां अधिकृत प्रक्रिया का हिस्सा थीं या फिर उसी की आड़ में दान-चढ़ावे में हेराफेरी की गई। इसी बीच जांच अधिकारी महादेव उनियाल ने बताया कि आरोपी राजेंद्र सिंह चौहान के पास से केसर, अन्य सामान और विदेशी मुद्रा बरामद हुई। जहां तक नकदी की बात है, आरोपी जांच में सहयोग नहीं कर रहा है। वहीं, जांच के दौरान चढ़ावे की नकदी गिनने की व्यवस्था में इस साल हुए बदलाव और बैंकों की भूमिका को लेकर भी सवाल उठने लगे हैं, हालांकि अभी आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है।
राजेंद्र चौहान को सिविल जज एवं प्रभारी न्यायिक मजिस्ट्रेट, जोशीमठ हीना कौसर की अदालत में पेश किया गया। अदालत में जरूरी विधिक प्रक्रिया पूरी करने के बाद उन्हें 14 दिन की न्यायिक हिरासत में जेल भेज दिया। पुलिस ने उन्हें बद्रीनाथ धाम में कथित चढ़ावा हेराफेरी मामले में गिरफ्तार किया था।