रुद्रप्रयाग में चमोली में हुई भारी बारिश का असर दिखने लगा है। अलकनंदा नदी उफान पर है और इसका जलस्तर डेंजर लेवल के करीब पहुंच गया है। नदी किनारे बने सभी घाट जलमग्न हो गए, जबकि घाटों तक जाने वाले रास्ते भी पानी में डूब गए।
ऊफान पर अलकनंदा
केदारघाटी में देर रात हुई बारिश के बाद मंदाकिनी नदी का जलस्तर भी सामान्य से काफी बढ़ गया है। नदी का तेज बहाव देखकर लोग चिंतित हैं। प्रशासन ने नदी किनारे रहने वाले लोगों को सतर्क रहने के निर्देश दिए। भारी बारिश के कारण रुद्रप्रयाग के बेलनी इलाके में नदी किनारे से करीब 30 मीटर दूर स्थापित भगवान शिव की विशाल प्रतिमा भी पानी में डूब गई। तेज बहाव के चलते आसपास के घाट पूरी तरह जलमग्न हो गए हैं और नदी तक पहुंचने वाले सभी रास्ते बंद हो गए।
जनता से अपील
प्रशासन लगातार अलकनंदा और मंदाकिनी के जलस्तर पर नजर बनाए रखे हुए है। पुलिस और प्रशासन की टीमें संवेदनशील इलाकों में तैनात की गई हैं। लोगों से नदी किनारे न जाने, बच्चों को घाटों और बरसाती नालों से दूर रखने और प्रशासन की ओर से जारी निर्देशों का पालन करने की अपील की।
सड़क पर गिरा मलबा-बोल्डर
इधर रुद्रप्रयाग में रात हुई मूसलाधार बारिश से सोनप्रयाग-त्रियुगीनारायण मोटर मार्ग बंद हो गया। ठुलसांग गदेरे में बरसाती नाले का बहाव तेज होने से सड़क पर भारी मात्रा में मलबा और बोल्डर गिर गए। सुबह दोनों ओर वाहनों की लंबी कतारें लग गईं। मार्ग बंद होने से त्रियुगीनारायण मंदिर में शादी करने पहुंचे दूल्हा-दुल्हन को पैदल जाना पड़ा। दुल्हन करीब 2 किमी पैदल चलकर मंदिर पहुंची। त्रियुगीनारायण को भगवान शिव और माता पार्वती के विवाह स्थल के रूप में माना गया है। यहां देशभर से जोड़े विवाह के लिए पहुंचते हैं।