झारखंड में JPSC और JSSC परीक्षाओं में कथित गड़बड़ी के विरोध में आजसू पार्टी ने बुधवार शाम पलामू के छहमुहान चौक पर जोरदार प्रदर्शन किया। प्रदर्शन के दौरान पार्टी कार्यकर्ता मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन का पुतला जलाने की तैयारी कर रहे थे, लेकिन पुलिस ने समय रहते पुतला अपने कब्जे में ले लिया। इस दौरान पुलिस और आजसू नेताओं व कार्यकर्ताओं के बीच धक्का-मुक्की भी हुई।
पुलिसकर्मी पुतला लेकर मौके से चले गए, जबकि उसका कुछ हिस्सा आजसू नेताओं के पास रह गया। घटना के बाद प्रदर्शनकारियों में नाराजगी देखी गई और उन्होंने पुलिस प्रशासन के खिलाफ भी नारेबाजी की।
पहले से अलर्ट था पुलिस प्रशासन
आजसू के प्रदर्शन और पुतला दहन कार्यक्रम को देखते हुए पुलिस प्रशासन पहले से सतर्क था। शहर थाना प्रभारी इंस्पेक्टर ज्योतिलाल रजवार के नेतृत्व में पुलिस बल को छहमुहान चौक पर तैनात किया गया था।
सदर अनुमंडल पदाधिकारी की ओर से भी पुलिस और प्रशासनिक अधिकारियों को सतर्क रहने के निर्देश दिए गए थे। संवेदनशील स्थानों पर पर्याप्त पुलिस बल तैनात करने को कहा गया था, ताकि प्रदर्शन के दौरान कानून-व्यवस्था प्रभावित न हो।
JPSC-JSSC परीक्षाओं में कथित गड़बड़ी को लेकर सरकार पर निशाना
आजसू के नेता और कार्यकर्ता पहले से निर्धारित कार्यक्रम के तहत शाम को छहमुहान चौक पहुंचे थे। पार्टी की ओर से JPSC और JSSC परीक्षाओं के अभ्यर्थियों की मांगों तथा परीक्षाओं में कथित गड़बड़ी को लेकर राज्य सरकार के खिलाफ प्रदर्शन किया गया।
प्रदर्शन के दौरान कार्यकर्ता मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन का पुतला लेकर पहुंचे और उसे जलाने की तैयारी करने लगे। पुलिस ने जैसे ही पुतला दहन की कोशिश देखी, उसे अपने कब्जे में लेने का प्रयास किया। इसी दौरान दोनों पक्षों के बीच धक्का-मुक्की शुरू हो गई।
पुलिस की कार्रवाई के बाद प्रदर्शनकारियों का गुस्सा और बढ़ गया। आजसू कार्यकर्ताओं ने सरकार के खिलाफ नारेबाजी करते हुए अपना विरोध जारी रखा।
पुतला छीने जाने के विरोध में सड़क पर धरना
पुलिस द्वारा पुतला जब्त किए जाने से नाराज आजसू नेता और कार्यकर्ता सड़क पर ही धरने पर बैठ गए। उन्होंने झारखंड सरकार और पुलिस प्रशासन के खिलाफ जमकर नारे लगाए।
प्रदर्शनकारियों का आरोप था कि वे शांतिपूर्ण तरीके से अपनी मांगों और विरोध को सामने रख रहे थे, लेकिन पुलिस ने पुतला छीनकर उनके प्रदर्शन को रोकने का प्रयास किया। नेताओं ने कहा कि लोकतंत्र में सरकार के खिलाफ आवाज उठाना और विरोध दर्ज कराना उनका अधिकार है। उन्होंने चेतावनी दी कि विरोध की आवाज दबाने की कोशिश स्वीकार नहीं की जाएगी।
कई नेता और कार्यकर्ता रहे मौजूद
प्रदर्शन के दौरान आजसू पार्टी के कार्यकारी अध्यक्ष तुलसी शुक्ला, विकेश शुक्ला, बबलू गुप्ता और अभिषेक राज समेत कई नेता और कार्यकर्ता मौजूद रहे। पुतला जब्त किए जाने और पुलिस के साथ हुई धक्का-मुक्की के बाद मौके पर काफी देर तक नारेबाजी होती रही। पुलिस की मौजूदगी में प्रदर्शनकारियों ने सरकार के खिलाफ अपना विरोध दर्ज कराया।