Sakshi Malik Supports Vinesh: रेसलर विनेश फोगाट इन दिनों विवादों में घिरी हुई हैं। भारतीय कुश्ती महासंघ (WFI) ने ओलंपियन विनेश फोगाट पर 26 जून तक घरेलू प्रतियोगिताओं में भाग लेने पर प्रतिबंध लगा दिया है। ऐसे में साक्षी मलिक उनके सपोर्ट के लिए आगे आई। उन्होंने सोशल मीडिया पर वीडियो शेयर करते हुए WFI पर सवाल उठाएं।
साक्षी ने किया पोस्ट
साक्षी ने कहा कि- "दूसरे देशों की स्पोर्ट्स फेडरेशन अपनी खिलाड़ियों के लिए नियम आसान बनाती हैं, ताकि वहां महिलाएं मां बनने के बाद भी देश के लिए खेल सकें और मेडल जीत सकें। वहीं, हमारी WFI दो-तीन दिन पहले ऐसे नियम लागू कर देती है कि विनेश वापसी न कर सकें।"
उन्होंने आगे कहा कि-
"मेरा प्रधानमंत्री, खेलमंत्री और रेस्लिंग फेडरेशन से अनुरोध है कि विनेश का ट्रायल लिया जाए, ताकि वह भी देश के लिए मेडल जीत सकें और देश का नाम रोशन कर सकें। ऐसा उदाहरण स्थापित किया जाए कि अपने देश में भी महिलाएं मां बनने के बाद खेल सकती हैं और मेडल जीत सकती हैं।"
कैसे शुरु हुआ विवाद?
विनेश फोगाट अगस्त 2024 में पेरिस ओलंपिक में 50 किग्रा वर्ग में ओवर वेट पाए जाने की वजह से डिस्क्वालीफाई हो गई थीं। इसके बाद उन्होंने कुश्ती से संन्यास लेने का ऐलान किया था, लेकिन कुछ समय बाद अपना फैसला वापस ले लिया।
डोप टेस्ट में गैर-मौजूदगी का आरोप
18 दिसंबर 2025 को बेंगलुरु में हुए डोप टेस्ट के लिए शामिल नही हुईं थी, इस पर 4 मई को इंटरनेशनल टेस्टिंग एजेंसी (ITA) ने रेसलर विनेश फोगाट को कारण बताओं नोटिस जारी किया था। उन्हें 7 मई तक जवाब देने को कहा गया था। लेकिन विनेश का जवाब नहीं आया।
बता दें कि, विनेश ने दावा किया था कि 19 जनवरी 2026 को उन्होने ITA को सूचित कर दिया था कि-'वह 18 दिसंबर 2025 को विधानसभा के शीतकालीन सत्र में जाने के लिए बेंगलुरु से चंडीगढ़ की यात्रा कर रही थीं।'
15 पन्नों का जारी किया नोटिस
WFI ने 15 पन्नों के नोटिस में विनेश फोगाट से जवाब मांगा है। नोटिस में चार प्रमुख आरोप लगाए गए हैं। महासंघ के अनुसार, विनेश ने संन्यास से वापसी के लिए निर्धारित 6 महीने पहले सूचना नहीं दी, जिससे WFI के संविधान, यूनाइटेड वर्ल्ड रेसलिंग (UWW) के नियमों और एंटी-डोपिंग प्रावधानों का उल्लंघन हुआ। इसलिए उन पर 26 जून तक घरेलू प्रतियोगिता पर भाग लेने पर रोक लगा दिया गया है।
भारतीय कुश्ती की छवि को पहुंचा नुकसान
WFI ने अपने नोटिस में कहा कि - 'विनेश फोगाट के व्यवहार से भारतीय कुश्ती की अंतरराष्ट्रीय छवि खराब हुई और राष्ट्रीय स्तर पर शर्मिंदगी का सामना करना पड़ा।'
महासंघ ने पूछा है कि उनके खिलाफ अनुशासनात्मक कार्रवाई क्यों नहीं की जानी चाहिए।

11 मई को नोटिस पर दिया था जवाब
उन्होंने कहा कि- 'WFI ने मेरी लीव को गलत तरह से समझा। मैंने नियमों का उल्लंघन नहीं किया। डोप टेस्ट में शामिल न होने की जानकारी अधिकारियों को पहले ही दे दी थी। मैं 14 दिन में सबूतों के साथ WFI को जवाब दूंगी। ITA ने मुझे 1 जनवरी से ही खेलने की परमिशन दे दी थी।'
विनेश 11 मई को उत्तर प्रदेश के गोंडा में चल रही ओपन कुश्ती टूर्नामेंट में पह़ुंची। उन्होंने आरोप लगाया कि- 'मुझे न तो अपना नाम चेक कराने दिया गया, और न ही यहां ट्रेनिंग करने दी जा रही। मैं कोई खास सुविधा नहीं चाहती, बस सबको जैसे मौका मिलता है वैसे ही मुझे भी खेलने दिया जाए।'
WFI का विनेश के आरोप पर जवाब
विनेश के आरोपों के बाद WFI ने 11 मई को प्रेस रिलीज कर कहा कि- 'विनेश फोगाट जब गोंडा पहुंचीं, तब से उन्हें पूरी सुरक्षा दी गई। उन्होंने अधिकारियों से मुलाकात की, जिन्होंने उन्हें बताया कि वे नियमों के हिसाब से प्रतियोगिता में हिस्सा नहीं ले सकतीं। भारतीय कुश्ती महासंघ सभी खिलाड़ियों को एक जैसा मानता है और उनकी सुरक्षा का पूरा ध्यान रखता है।'