पूर्व ऑस्ट्रेलियाई बल्लेबाज डेविड वॉर्नर को शराब पीकर गाड़ी चलाने के मामले में दोषी ठहराया गया है। सिडनी की वॉवेर्ली लोकल कोर्ट ने मंगलवार को उन्हें 1,500 ऑस्ट्रेलियाई डॉलर का जुर्माना लगाया। साथ ही उनकी कार में 12 महीने के लिए इंटरलॉक डिवाइस लगाने का आदेश दिया गया है। वॉर्नर को ईस्टर संडे के दिन सिडनी के बाहरी इलाके में रैंडम ब्रेथ टेस्टिंग के दौरान पकड़ा गया था। जांच में उनके ब्लड-अल्कोहल लेवल की रीडिंग 0.104 आई थी, जो कानूनी सीमा 0.05 से दोगुने से भी ज्यादा थी।
तीन ग्लास व्हाइट वाइन पी थी
कोर्ट में वॉर्नर ने स्वीकार किया कि उन्होंने गाड़ी चलाने से पहले तीन ग्लास व्हाइट वाइन पी थी। उन्होंने पिछले महीने मिड-रेंज ड्रिंक ड्राइविंग के आरोप को भी स्वीकार कर लिया था। सुनवाई के दौरान बताया गया कि वॉर्नर ने सड़क किनारे ब्रेथ टेस्टिंग साइट को देखकर अपनी कार रोक दी थी और एक महिला यात्री के साथ सीट बदलने की कोशिश की थी।
12 महीने कार में रहेगा इंटरलॉक
जुर्माने के अलावा वॉर्नर की कार में 12 महीने के लिए इग्निशन इंटरलॉक डिवाइस लगाया जाएगा। यह उपकरण कार स्टार्ट होने से पहले ड्राइवर की सांस में अल्कोहल की मात्रा जांचता है। अगर निर्धारित सीमा से ज्यादा अल्कोहल पाया जाता है तो कार का इंजन स्टार्ट नहीं होता। कुछ इंटरलॉक सिस्टम ड्राइविंग के दौरान भी दोबारा सांस का नमूना मांग सकते हैं।
2024 में इंटरनेशनल क्रिकेट से संन्यास
39 वर्षीय डेविड वॉर्नर ने ऑस्ट्रेलिया के लिए 112 टेस्ट और 250 से ज्यादा लिमिटेड ओवर्स इंटरनेशनल मैच खेले हैं। उन्होंने 2024 में इंटरनेशनल क्रिकेट से संन्यास लिया था। संन्यास के बाद वह कमेंट्री के साथ-साथ फ्रेंचाइजी क्रिकेट में भी सक्रिय हैं। वॉर्नर फिलहाल सिडनी थंडर के कप्तान हैं और पाकिस्तान सुपर लीग में कराची किंग्स के लिए भी खेलते हैं।
0.104 रीडिंग का क्या मतलब?
वॉर्नर की ब्रेथ टेस्ट में 0.104 रीडिंग आई थी, जबकि ऑस्ट्रेलिया में सामान्य ड्राइवर के लिए कानूनी सीमा 0.05 है। ब्रेथ एनालाइजर सांस में मौजूद अल्कोहल को मापकर रक्त में अल्कोहल की मात्रा का अनुमान लगाता है।
ऑस्ट्रेलिया और भारत में क्या हैं नियम?
ऑस्ट्रेलिया में सामान्य ड्राइवर के लिए शराब की कानूनी सीमा 0.05 है। सीमा पार करने पर जुर्माना, लाइसेंस संबंधी कार्रवाई और कुछ मामलों में इंटरलॉक डिवाइस लगाने जैसे दंड हो सकते हैं। भारत में मोटर व्हीकल एक्ट के तहत शराब पीकर गाड़ी चलाना अपराध है। पहली बार पकड़े जाने पर 10 हजार रुपए तक जुर्माना और/या 6 महीने तक की जेल का प्रावधान है। दोबारा अपराध करने पर 15 हजार रुपए तक जुर्माना या 2 साल तक की जेल हो सकती है।