लश्कर-ए-तैयबा से जुड़े आतंकी उमर हारिस के गुप्त जीवन का खुलासा

आतंकी उमर हारिस का खुलासा

लश्कर-ए-तैयबा से जुड़े आतंकी उमर हारिस के गुप्त जीवन का खुलासा

आतंकी उमर हारिस, जो लश्कर-ए-तैयबा से जुड़ा था, जयपुर में रह रहा था और फर्जी दस्तावेजों के जरिए पासपोर्ट बनाकर भाग निकला।

लश्कर-ए-तैयबा से जुड़े आतंकी उमर हारिस के गुप्त जीवन का खुलासा

आतंकी उमर हारिस उर्फ खरगोश |

लश्कर-ए-तैयबा से जुड़ा आतंकी उमर हारिस उर्फ खरगोश जयपुर के दिल्ली रोड स्थित जयसिंहपुरा खोर इलाके में करीब एक साल तक रहा। उसने फर्जी दस्तावेजों के आधार पर पासपोर्ट बनवा लिया था। इसी पासपोर्ट से आतंकी उमर इंडोनेशिया और फिर सऊदी अरब भागने में भी सफल रहा।

किराए पर लिया कमरा

राजस्थान ATS और जम्मू-कश्मीर पुलिस की जांच में सामने आया कि उमर हारिस सड़वा मोड़ के पास राशिद विहार कॉलोनी में 'सज्जाद' नाम से रह रहा था। उसे यहां पर 1500 रुपए में किराए का कमरा हरियाणा के युवक ने दिलवाया था। स्थानीय लोगों के मुताबिक, वह दिन के करीब 16 घंटे लैपटॉप पर बिताता था। वह किसी से बात नहीं करता था।

1 साल तक गुमनाम

वह केवल नमाज के लिए मस्जिद जाता और तुरंत लौट आता था। उसकी इस चुप्पी और दूरी ने ही उसे 1 साल तक पूरी तरह गुमनाम बनाए रखा। आसपास रहने वाले लोगों को भी उसके बारे में अधिक जानकारी नहीं थी। आतंकी ने जानबूझकर ऐसी जगह किराए का कमरा लिया था, जहां आवाजाही ज्यादा न हो। राशिद विहार कॉलोनी अंदर की तरफ है। इसकी वजह से उधर कोई ज्यादा जाता-आता नहीं है।

पुलिस ने किया गिरफ्तार

यही वजह रही कि 1 साल तक वह बिना किसी शक के यहां रह सका। उमर ने कुछ लोगों को उसने अपना नाम 'अमजद' भी बताया था। वहीं स्थानीय लोग उसके बारे में खुलकर बात करने से बचते नजर आए। लोगों ने बताया कि कुछ दिन पहले जम्मू और राजस्थान पुलिस की टीम यहां आई थी और कई लोगों को गिरफ्तार कर ले गई। 

कब हुआ खुलासा?

इस पूरे मामले का खुलासा तब हुआ जब जम्मू-कश्मीर पुलिस को आतंकी के बारे में इनपुट मिला। इसके बाद राजस्थान ATS की मदद ली। ATS के अतिरिक्त पुलिस महानिदेशक दिनेश एम.एन के अनुसार, 4 संदिग्धों को पकड़कर जम्मू कश्मीर पुलिस को सौंप दिया गया। 3 अप्रैल को जम्मू कश्मीर और राजस्थान पुलिस ने राशिद विहार कॉलोनी में दबिश दी।

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