पंजाब में कृषि क्षेत्र को नई दिशा देने की पहल के तहत मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने बासमती चावल के लिए ‘सेंटर ऑफ एक्सीलेंस’ स्थापित करने की बड़ी घोषणा गुरुवार को की है। इस पहल का उद्देश्य फसली विविधता को बढ़ावा देना और किसानों की आय में स्थायी वृद्धि सुनिश्चित करना है।
अपने नीदरलैंड दौरे के दौरान मुख्यमंत्री मान ने वहां की आधुनिक कृषि पद्धतियों का गहन अध्ययन किया और डच कंपनियों को पंजाब में निवेश के लिए आमंत्रित किया। उन्होंने कहा कि राज्य के किसानों ने देश की खाद्य सुरक्षा के लिए अपने प्राकृतिक संसाधनों का अत्यधिक उपयोग किया है, जिससे अब गेहूं-धान के पारंपरिक चक्र से बाहर निकलना बेहद जरूरी हो गया है।
सीएम मान का Netherlands में भाषण
एलटी फूड्स के साथ समझौता, टिकाऊ खेती को बढ़ावा
रॉटरडैम में एलटी फूड्स की सुविधा का दौरा करते हुए सीएम मान ने कंपनी के वैश्विक नेटवर्क और किसानों के साथ उसके मजबूत संबंधों की सराहना की। कंपनी ने पंजाब में बासमती के लिए सेंटर ऑफ एक्सीलेंस स्थापित करने और कम कीटनाशक उपयोग वाली खेती को बढ़ावा देने का भरोसा दिया है। इस अवसर पर मुख्यमंत्री मान ने कहा कि अंतरराष्ट्रीय बाजार में प्रतिस्पर्धा बनाए रखने के लिए टिकाऊ खेती और कीटनाशकों के कम इस्तेमाल पर जोर देना अनिवार्य है।
डच तकनीक से बदलेगा पंजाब का कृषि मॉडल
सीएम मान ने डच बहुराष्ट्रीय कंपनियों और पंजाब कृषि विश्वविद्यालय (पीएयू) के बीच सहयोग बढ़ाने पर बल दिया। उन्होंने कहा कि आधुनिक तकनीकों, जैसे ऑटोमेशन, आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस, ड्रोन और डेटा आधारित फसल प्रबंधन से कृषि उत्पादकता में उल्लेखनीय सुधार लाया जा सकता है। उन्होंने ग्रीनहाउस खेती को भी बढ़ावा देने की बात कही, जो कम पानी और ऊर्जा में उच्च मूल्य वाली फसलों के उत्पादन के लिए उपयुक्त मानी जाती है।
वैश्विक मॉडल से मजबूत होगी वैल्यू चेन
मुख्यमंत्री मान ने नीदरलैंड के आल्समीयर स्थित विश्व के सबसे बड़े फूल बाजार का दौरा कर वहां की लॉजिस्टिक्स और नीलामी प्रणाली को समझा। उन्होंने पंजाब में भी इसी तरह का मॉडल अपनाने की इच्छा जताई, जिससे कृषि वैल्यू चेन मजबूत होगी और किसानों को बेहतर कीमत मिल सकेगी।
निवेश के लिए तैयार पंजाब
डच उद्योग संगठनों के साथ बैठक में मुख्यमंत्री ने पंजाब की नई औद्योगिक एवं व्यापार विकास नीति-2026 और फास्टट्रैक पोर्टल की जानकारी दी। उन्होंने भरोसा दिलाया कि राज्य निवेशकों के लिए पारदर्शी और समयबद्ध मंजूरी प्रणाली प्रदान करता है। मुख्यमंत्री ने कहा कि यह प्रस्तावित सेंटर ऑफ एक्सीलेंस न केवल बासमती उत्पादन बढ़ाएगा, बल्कि किसानों की वास्तविक आय में वृद्धि और प्राकृतिक संसाधनों के संरक्षण में भी अहम भूमिका निभाएगा।