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सुप्रीम कोर्ट ने कहा हम शर्मिंदा हैं: नाबालिग को जिंदा जलाने की घटना पर प्रतिक्रिया

By : Shital Sharma
सुप्रीम कोर्ट ने कहा हम शर्मिंदा हैं: नाबालिग को जिंदा जलाने की घटना पर प्रतिक्रिया

 सुप्रीम कोर्ट का सख्त रुख: केंद्र से मांगा जबाव, महिला सुरक्षा पर ठोस कदम उठाएं

ओडिशा में 15 वर्षीय नाबालिग लड़की को जिंदा जलाए जाने की दिल दहला देने वाली घटना ने देश को झकझोर कर रख दिया है। इस मामले में सुप्रीम कोर्ट ने सोमवार को सख्त रुख अपनाते हुए कहा, "हम शर्मिंदा हैं कि हमारे देश में लड़कियों के साथ ऐसा हो रहा है।" कोर्ट ने केंद्र सरकार और संबंधित एजेंसियों से महिला सुरक्षा के लिए ठोस सुझाव पेश करने को कहा है। odisha nsui president uday pradhan rape allegation 

क्या है पूरा मामला?

यह भयावह घटना ओडिशा के पुरी जिले के बायाबर गांव में 19 जुलाई को घटी, जब एक 15 साल की लड़की अपनी सहेली से मिलने जा रही थी। रास्ते में तीन अज्ञात युवकों ने उसे रोका, उस पर पेट्रोल डाला और आग लगा दी। पीड़िता को 90% से ज्यादा जलने के बाद पहले AIIMS भुवनेश्वर और फिर 20 जुलाई को एयरलिफ्ट कर AIIMS दिल्ली लाया गया।

लड़ाई ज़िंदगी और मौत के बीच

दिल्ली AIIMS के बर्न्स और प्लास्टिक सर्जरी ICU में भर्ती लड़की की हालत अभी भी गंभीर बनी हुई है। डॉक्टरों की टीम लगातार निगरानी में है और उसे ऑक्सीजन सपोर्ट पर रखा गया है। देश भर में लोग इस मामले को लेकर आक्रोशित हैं और पीड़िता के लिए न्याय की मांग कर रहे हैं। odisha rape accused killed women burn body

सुप्रीम कोर्ट ने जताई गहरी नाराजगी

सुप्रीम कोर्ट की जस्टिस सूर्यकांत और जस्टिस जॉयमाल्य बागची की बेंच ने इस घटना पर कहा:
"हम ग्रामीण भारत की बच्चियों, महिलाओं और छात्रों को सुरक्षित माहौल देने में नाकाम हो रहे हैं।"
कोर्ट ने कहा कि अब समय आ गया है कि सरकारें और संबंधित एजेंसियां महिला सुरक्षा को लेकर ईमानदारी से गंभीर कदम उठाएं।

महिलाओं के खिलाफ बढ़ते अपराधों पर चिंता

इस घटना से कुछ ही दिन पहले, 12 जुलाई को बालासोर जिले की एक छात्रा ने सेक्शुअल हैरेसमेंट से तंग आकर आत्मदाह कर लिया था। वह फकीर मोहन कॉलेज में सेकंड ईयर की छात्रा थी। उसने कॉलेज के HoD समीर कुमार साहू के खिलाफ यौन उत्पीड़न की शिकायत की थी, लेकिन जब कोई सुनवाई नहीं हुई तो उसने खुद पर केरोसीन डालकर आग लगा ली।

कॉलेज प्रशासन की लापरवाही

घटना से पहले छात्रा ने कॉलेज प्रिंसिपल दिलीप घोष से शिकायत की थी, लेकिन उन्हें चौंकाने वाला जवाब मिला – शिकायत वापस ले लो। बाद में राज्य सरकार ने आरोपी प्रोफेसर को गिरफ्तार किया और प्रिंसिपल को निलंबित कर दिया। जनता के गुस्से को देखते हुए 14 जुलाई को प्रिंसिपल को भी गिरफ्तार कर लिया गया। छात्रा 95% से अधिक जल चुकी थी और 14 जुलाई की रात भुवनेश्वर AIIMS में उसकी मौत हो गई।

पूर्व मुख्यमंत्री नवीन पटनायक का तीखा सवाल

पूर्व मुख्यमंत्री नवीन पटनायक ने घटनाओं को लेकर राज्य सरकार पर सवाल उठाते हुए कहा:
क्या अब सरकार जागेगी? क्या अपराधी पकड़े जाएंगे? क्या बेटियों की सुरक्षा के लिए कोई ठोस कदम उठाए जाएंगे?
Supreme courtउन्होंने कहा कि ओडिशा की बेटियां अब जवाब चाहती हैं, और सरकार को कार्रवाई करनी होगी।  लगातार हो रहे इस तरह के अपराध यह दिखाते हैं कि देश में खासकर ग्रामीण क्षेत्रों में लड़कियों की सुरक्षा अब भी गंभीर संकट में है। शिक्षा संस्थानों में भी जब बेटियों को न्याय नहीं मिलता, तो यह केवल कानून का नहीं, बल्कि सामाजिक ताने-बाने का भी पतन है।

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