Jiya Rai Inspirational Story: इंस्पिरेशन की जीती-जागती मिसाल हैं जिया राय, जानिए उनकी कहानी....

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Jiya Rai Inspirational Story: इंस्पिरेशन की जीती-जागती मिसाल हैं जिया राय, जानिए उनकी कहानी....

jiya rai inspirational story इंस्पिरेशन की जीती-जागती मिसाल हैं जिया राय जानिए उनकी कहानी

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कौन हैं जिया राय?

जिया राय भारतीय नौसेना के अधिकारी माधव राय की बेटी हैं। वह ऑटिज्म स्पेक्ट्रम डिसऑर्डर से जूझ रही हैं, जो एक न्यूरोलॉजिकल स्थिति है और इसमें व्यक्ति को सामाजिक और संचार संबंधी चुनौतियों का सामना करना पड़ता है। लेकिन जिया ने इसे अपनी कमजोरी नहीं बनने दिया। बचपन से ही उन्हें तैराकी में रुचि थी और अपने पिता के मार्गदर्शन में उन्होंने इस क्षेत्र में कदम रखा।

2021: श्रीलंका से भारत तक समुद्र में 36 किमी की तैराकी..

अंतरराष्ट्रीय महिला दिवस के अवसर पर 8 मार्च 2021 को जिया ने श्रीलंका के तलाईमन्नार तट से भारत के तमिलनाडु स्थित धनुषकोडी तक की समुद्री दूरी को तैरकर पूरा किया। यह सफर लगभग 36 किलोमीटर लंबा था जिसे जिया ने करीब 13 घंटे में तय किया।   ठंडा पानी, तेज समुद्री लहरें और थकान के बावजूद जिया ने हार नहीं मानी। यह उपलब्धि न सिर्फ खेल की दुनिया के लिए बल्कि समाज के लिए भी एक प्रेरणास्त्रोत है।

2024 में पार किया था इंग्लिश चैनल...

इंग्लिश चैनल पार करने वाली दिव्यांग भारतीय बेटी जिया की उपलब्धियां यहीं नहीं रुकीं। 28-29 जुलाई 2024 को उन्होंने इंग्लैंड के एबॉट्स क्लिफ से फ्रांस के पोएंटे डे ला कोर्टे-ड्यून तक का सफर तय करते हुए विश्वप्रसिद्ध इंग्लिश चैनल को तैरकर पार किया। इस चुनौतीपूर्ण यात्रा में उन्होंने 17 घंटे और 25 मिनट में 34 किलोमीटर लंबा सफर तैरा। यह प्रदर्शन किसी भी पेशेवर तैराक के लिए गर्व की बात होती है और जिया ने यह कर दिखाया, वह भी ऑटिज्म जैसी स्थिति में।

क्या है इंग्लिश चैनल?

इंग्लिश चैनल इंग्लैंड के दक्षिणी तट को उत्तरी फ्रांस से अलग करता है। यह अटलांटिक महासागर का हिस्सा है। इसकी कुल लंबाई लगभग 560 किलोमीटर है और सबसे संकीर्ण हिस्सा, डोवर स्ट्रेट, केवल 34 किलोमीटर चौड़ा है – जिसे जिया ने पार किया।

जिया की उपलब्धियां..

1. Fastest Female Swimmer with Autism का खिताब 2. Limca Book of Records और India Book of Records में नाम दर्ज 3. प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने 'मन की बात' कार्यक्रम में जिया की सराहना की कई राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय पुरस्कारों से सम्मानित

दिव्यांगता को बनाया ताकत...

ऑटिज्म से जूझते हुए भी जिया ने जो कर दिखाया, वह लाखों परिवारों और बच्चों के लिए प्रेरणा है। उनकी यात्रा बताती है कि सही मार्गदर्शन, आत्मविश्वास और दृढ़ इच्छाशक्ति से हर बाधा को पार किया जा सकता है। सरकार और समाज से अपेक्षा... जिया जैसी दिव्यांग प्रतिभाएं हमारे देश की असली ताकत हैं। इन्हें केवल प्रशंसा की नहीं, बल्कि प्रशिक्षण, सुविधाएं और मंच प्रदान करने की जरूरत है ताकि ये अंतरराष्ट्रीय स्तर पर भारत का नाम और ऊँचा कर सकें।  

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