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Guru Nanak Jayanti: गुरुनानक देवजी का प्रकाश पर्व: श्रद्धा, सेवा और एकता का उत्सव

By : divya mistry
Guru Nanak Jayanti: गुरुनानक देवजी का प्रकाश पर्व: श्रद्धा, सेवा और एकता का उत्सव
Guru Nanak Jayanti: गुरुनानक देवजी का प्रकाश पर्व धूमधाम से मनाया जा रहा है। भोपाल के अरेरा कॉलोनी स्थित गुरुद्वारा में मुख्यमंत्री मोहन यादव ने मत्था टेका और श्रद्धालुओं को इस पवित्र पर्व की शुभकामनाएं दीं। [caption id="attachment_114808" align="alignnone" width="300"]Guru Nanak Jayanti Guru Nanak Jayanti[/caption]

कीर्तन में शामिल होकर पर्व की शुरुआत कर चुके

अरेरा कॉलोनी, हमीदिया रोड और पिपलानी के गुरुद्वारों को रंग-बिरंगी रोशनी और फूलों से सजाया गया है। मंगलवार की रात से ही श्रद्धालु गुरुवाणी और कीर्तन में शामिल होकर पर्व की शुरुआत कर चुके हैं।

Guru Nanak Jayanti: 35 से 40 क्विंटल खाद्य सामग्री का उपयोग होगा

इस अवसर पर हमीदिया रोड गुरुद्वारे में 15 हजार लोगों के लिए लंगर की तैयारी की गई है। विभिन्न गुरुद्वारों में रोटियों का निर्माण करके मुख्य गुरुद्वारे तक पहुंचाया जाएगा। कुल मिलाकर इस विशाल लंगर में 35 से 40 क्विंटल खाद्य सामग्री का उपयोग होगा।

हजारों श्रद्धालु गुरु ग्रंथ साहिब के समक्ष माथा टेकेंगे

अरेरा कॉलोनी और पिपलानी गुरुद्वारों में भी शबद कीर्तन और दीवान आयोजित किए जा रहे हैं। मुख्य कार्यक्रम हमीदिया रोड, पिपलानी और अरेरा कॉलोनी गुरुद्वारों में होंगे, जहां हजारों श्रद्धालु गुरु ग्रंथ साहिब के समक्ष माथा टेकेंगे।

कार्यक्रम भी आयोजित किए जाएंगे

सुबह से ही श्रद्धालुओं का आगमन शुरू हो जाएगा। गुरुद्वारों में प्रभात फेरी, नितनेम और भजन-कीर्तन के कार्यक्रम भी आयोजित किए जाएंगे।

जरूरतमंदों की मदद में भी हिस्सा लेंगे

गुरुनानक देवजी ने अपने जीवन में मानवता, समानता और सेवा का संदेश दिया। उनके उपदेशों से प्रेरित होकर श्रद्धालु इस दिन न केवल धार्मिक अनुष्ठानों में भाग लेंगे, बल्कि समाज सेवा और जरूरतमंदों की मदद में भी हिस्सा लेंगे।

समानता का प्रतीक मानी जाती है

सिख धर्म में लंगर की परंपरा की शुरुआत भी गुरुनानक देवजी ने ही की थी, जो आज भी समाज सेवा और समानता का प्रतीक मानी जाती है।

मुख्यमंत्री मोहन यादव ने प्रकाश पर्व और गुरु नानक जयंती की शुभकामनाएं दी और कहा कि गुरु नानक देवजी के संदेश आज भी समाज में मानवता और भाईचारे का मार्गदर्शन करते हैं।

समाज में सेवा और एकता की भावना भी बढ़ाती हैं

उज्जवल रोशनी, भजन-कीर्तन और लंगर जैसी परंपराएं इस पर्व को न केवल धार्मिक दृष्टि से महत्वपूर्ण बनाती हैं, बल्कि समाज में सेवा और एकता की भावना भी बढ़ाती हैं।

इस प्रकार, भोपाल में गुरुनानक देवजी का प्रकाश पर्व श्रद्धा, सेवा और सामाजिक एकजुटता के साथ मनाया जा रहा है, जिसमें हजारों श्रद्धालु भाग ले रहे हैं और उनके जीवन संदेश को अपनाने का संकल्प ले रहे हैं।

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