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govardhan puja: गोवर्धन पूजा पर 'खतरनाक खेल'

By : Narendra Singh
govardhan puja: गोवर्धन पूजा पर 'खतरनाक खेल'

 उज्जैन में लोगों के ऊपर से निकलीं सैंकड़ों गायें

govardhan puja: उज्जैन के बड़नगर तहसील के ग्राम भिड़ावद में दीपावली के दूसरे दिन एक अनोखी परंपरा का आयोजन किया जाता है. गोवर्धन पूजा के अवसर पर यहां के ग्रामीण जमीन पर लेट जाते हैं और उनके ऊपर से सैकड़ों गायों का झुंड दौड़ता हुआ निकलता है.जो की रोंगटे खड़े कर देने वाला होता है

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govardhan puja: लोगों के ऊपर से निकलीं सैकड़ों गायें

गोवर्धन पूजा के दिन मन्नतधारी माता भवानी के मंदिर में आकर उपवास करते हैं और वहां रहकर भजन-कीर्तन में भाग लेते हैं. अंतिम दिन वह जमीन पर लेटकर भगवान से अपनी मन्नत पूरी करने की प्रार्थना करते हैं. इसके बाद ढोल-नगाड़ों की आवाज के बीच गायों को उनके ऊपर से दौड़ाकर निकाला जाता है. ग्रामीणों का मानना है कि गाय माता के पैर के नीचे आकर भगवान का आशीर्वाद प्राप्त होता है और इससे सुख-शांति व समृद्धि मिलती है.

govardhan puja: बढ़-चढ़कर लोग लेते है हिस्सा

इस आयोजन को देखने के लिए गांव में सैकड़ों की संख्या में लोग मौजूद रहे. गांव की महिलाएं भी इस परंपरा में अपनी आस्था प्रकट करती हैं और इसे सुख, शांति और समृद्धि का प्रतीक मानती हैं. यह परंपरा ग्रामीणों की आस्था, संस्कृति और साहस का प्रतीक है, जो समाज के लिए एक मिसाल है.

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govardhan puja: सैकड़ों सालों से चली आ रही है परंपरा

गांव के बुजुर्ग बताते हैं कि "यह परंपरा सैकड़ों सालों से चली आ रही है. इसमें शामिल होने वाले ग्रामीणों का मानना है कि गाय में 33 करोड़ देवी-देवताओं का वास होता है और उनके पैरों के नीचे लेटने से भगवान का आशीर्वाद मिलता है. इस अनोखी परंपरा को देखने के लिए हर साल हजारों की संख्या में लोग दूर-दूर से भिडावद आते हैं. ग्रामीणों का दावा है कि इस परंपरा में आज तक किसी को कोई हानि नहीं हुई है और यही बात इसे और भी खास बनाती है."

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