कालनेमि जो धर्म की आड़ में सनातन को कमजोर करने की साजिश रच रहे..बिना नाम लिए CM योगी का निशाना

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कालनेमि जो धर्म की आड़ में सनातन को कमजोर करने की साजिश रच रहे..बिना नाम लिए CM योगी का निशाना

कालनेमि जो धर्म की आड़ में सनातन को कमजोर करने की साजिश रच रहेबिना नाम लिए cm योगी का निशाना

CM Yogi Avimukteshwaranand: शंकराचार्य स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद के प्रयागराज माघ मेले में मौनी अमावस्या के दिन हुए विवाद अभी भी थमने का नाम नहीं ले रहा। इसी बीच मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने बिना नाम लिए कहा कि एक योगी, एक संत के लिए, एक सन्यासी के लिए धर्म और राष्ट्र से बढ़कर कुछ नहीं होता, उसकी व्यक्तिगत प्रॉपर्टी कुछ नहीं होती।

‘सनातन को कमजोर करने की साजिश’

सोनीपत पहुंचे CM योगी ने कहा - एक संत के लिए धर्म ही उसकी प्रॉपर्टी है, राष्ट्र उसका स्वाभिमान। ऐसे बहुत कालनेमि होंगे जो धर्म की आड़ में सनातन को कमजोर करने की साजिश रच रहे होंगे, हमें उनसे सावधान रहना होगा। किसी को परंपराओं को बाधित करने का हक नहीं। 4 करोड़ लोगों ने 18 तारीख को माघ मेले से स्नान किया।

CM Yogi Avimukteshwaranand: मुरथल पहुंचे योगी 

सोनीपत पहुंचे मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ मुरथल के नागे बाबा मंदिर में मूर्ति प्राण प्रतिष्ठा कार्यक्रम में शिरकत करने पहुंचे। उन्होंने कहा कि भारत की सनातन की विरासत में नाथ पंथ प्राचीनतम उपासना विधियों में से एक है, जिसने जीवन जीने के लिए नई प्रेरणा दी जाती है।  [caption id="attachment_129760" align="alignnone" width="557"]CM योगी नागे बाबा मंदिर में मूर्ति प्राण प्रतिष्ठा कार्यक्रम में शामिल हुए CM योगी नागे बाबा मंदिर में मूर्ति प्राण प्रतिष्ठा कार्यक्रम में शामिल हुए[/caption]

बिना नाम लिए CM का निशाना

CM Yogi Avimukteshwaranand: CM योगी का यह बयान ऐसे वक्त पर आया, जब शंकराचार्य को अपने अनुयायियों के साथ रथ से मौनी अमावस्या पर स्थान करने जाने से रोकने के बाद बहस तेज हो गई है। हालांकि मुख्यमंत्री ने किसी व्यक्ति या संस्था का नाम नहीं लिया, लेकिन उनके शब्दों को इस विवाद से जोड़कर देखा जा रहा है।

क्या माघ मेले से बैन हो जाएंगे अविमुक्तेश्वरानंद? प्रशासन ने भेजा दूसरा नोटिस

Avimukteshwaranand Magh Mela Ban: प्रयागराज मेला प्रशासन ने स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद को दूसरा नोटिस जारी किया है। इसमें चेतावनी दी गई है कि मौनी अमावस्या पर भगदड़ की स्थिति उत्पन्न करने की कोशिश में क्यों न मेला क्षेत्र में उनका प्रवेश हमेशा के लिए बैन कर दे। अविमुक्तेश्वरानंद को दूसरा नोटिस दूसरे नोटिस में लिखा गया की अगर 24 घंटे के भीतर संतोषजनक जवाब नहीं मिला, तो संस्था को दी गई जमीन और सुविधाएं वापस ले ली जाएगी। मौनी अमावस्या के दिन हुई स्थिति से माघ मेला की व्यवस्था छिन्न-भिन्न हुई। पूरी खबर..

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