Noida violence Update: 80 जगहों पर उपद्रव, 100 से ज्यादा गाडि़यों में तोड़फोड, कई वाहनों में लगाई आग… ये है नोएडा के हालात, जहां करीब 42 हजार कर्मचारी प्रदर्शन कर रहे है। दूसरे दिन भी फैक्ट्री कर्मचारी सड़कों पर उतर आए। पुलिस ने उन्हें रोकने की कोशिश की तो झड़प हुई। भीड़ ने पुलिस की गाड़ियों पर पथराव किया।

300 से ज्यादा लोग हिरासत में
अब तक 300 से ज्यादा लोग हिरासत में लिये गए है। हरियाणा में सुलगी चिंगारी जब यूपी पहुंची, तो नोएडा में बवाल हो गया। लगभग हर कमर्शियल सेक्टर्स से हंगामे, आगजनी और सड़क जाम की तस्वीरें दिखाई दीं। कम वेतन पर काम करने वाले कर्मचारी ने हिंसक रूप ले लिया। फेस-2 इलाके की 1 फैक्ट्री के बाहर शुरू हुई आगजनी, नोएडा के दूसरे सेक्टर्स में भी फैल गई। प्रदर्शनकारियों में इतना गुस्सा था कि उन्होंने गाड़ियों में आग लगा दी, नेशनल हाइवे को भी पूरी तरह जाम करने की कोशिश की। लेकिन फिलहाल स्थिति काबू में है।
कर्मचारियों की सैलरी बढ़ाई
इधर, उत्तर प्रदेश सरकार ने देर रात फैक्ट्री कर्मचारियों की सैलरी बढ़ा दी। न्यूनतम मजदूरी दरों में 3000 रुपए तक की बढ़ोतरी की गई। बढ़ी हुई सैलरी 1 अप्रैल से लागू होगी। दरअसल, सोमवार को बवाल के बाद हाईलेवल कमेटी ने कर्मचारियों के साथ बैठक की। इसके बाद रात 1.30 बजे सरकार ने आदेश जारी कर कमेटी की सिफारिशों पर मुहर लगा दी।

Noida violence Update: कंपनियां बंद
फिलहाल, पुलिस और अर्द्धसैनिक बलों के जवान इंडस्ट्रियल इलाकों में फ्लैग मार्च कर रहे हैं। CCTV और ड्रोन से मॉनिटरिंग की जा रही है। आज ज्यादातर कंपनियां बंद हैं। इसी बीच, DGP ने राजीव कृष्ण ने कहा- हिंसा और आगजनी में शामिल लोगों पर सख्त कार्रवाई की जाएगी। क्षतिग्रस्त संपत्ति की भरपाई भी उपद्रवियों से ही कराई जाएगी।
क्या है मांगे?
- अब ये जान लिजीए की आखिर किन मांगों के लेकर प्रदर्शन किया गया।
- न्यूनतम वेतन बढ़कर 26000 रुपए प्रतिमाह किया जाए
- ओवर टाइम का भुगतान दोगुनी दर से मिले, काम के घंटे तय हों
- अतिरिक्त काम का दबाव न हो
- हर सप्ताह एक दिन का अवकाश सुनिश्चित किया जाए
- वेतन समय पर बैंक खाते में ट्रांसफर किया जाए
- श्रम कानून को शक्ति से पालन हो
