Satna death news: सतना में कथित तौर पर डॉक्टरों की लापरवाही के कारण को 1 युवक की रीवा में मौत हो गई। किडनी स्टोन के ऑपरेशन के बाद युवक को रीवा रेफर किया गया था। इस घटना से गुस्साए परिजनों ने सतना पहुंचकर जमकर हंगामा किया और मुआवजे की मांग की। परिजनों ने पहले कोलगवां थाना के पास शव रखकर हाईवे जाम किया। और इस दौरान पुलिस के मना करने के बाद विरोध और बढ़ गया।

परिजनों ने मांग है कि अस्पताल के डॉक्टरों पर मुकदमा दर्ज कर उन्हें गिरफ्तार किया जाए। इसके साथ ही, मृतक के परिवार को 20 करोड़ रुपए का मुआवजा दिया जाए ।
Satna death news: किडनी के इलाज के लिए भर्ती किया था
परिजनों ने आरोप है कि युवक को किडनी के इलाज के लिए भर्ती किया गया था। ऑपरेशन के दौरान डॉक्टरों की लापरवाही से उसकी दूसरी किडनी भी क्षतिग्रस्त हो गई, जिसमें धागा बांधकर उसे रीवा रेफर कर दिया गया। रीवा में मरीज की मौत हो गई।
बता दें कि पन्ना जिले के देवेंद्रनगर निवासी रवि रजक को किडनी में पथरी की शिकायत थी। परिजन उसे इलाज के लिए सतना के मुख्तियारगंज स्थित स्टार मल्टीस्पेशलिटी अस्पताल लेकर पहुंचे थे।डॉक्टरों ने एक किडनी में गंभीर समस्या बताते हुए ऑपरेशन की सलाह दी।
Satna death news: मरीज की मौत हो गई
4 अप्रैल को पाठक नर्सिंग होम में मरीज का करीब पांच घंटे तक ऑपरेशन चला। परिजनों ने ऑपरेशन लगाया कि दौरान डॉक्टरों ने लापरवाही बरती और दूसरी स्वस्थ किडनी में भी कट लगा दिया।
बता दें कि ऑपरेशन के बाद मरीज की हालत बिगड़ने लगी। स्थिति गंभीर होते देख अस्पताल प्रबंधन ने उसे रीवा के सुपर स्पेशलिटी अस्पताल रेफर कर दिया। रीवा पहुंचने पर जांच और इमरजेंसी ऑपरेशन के दौरान चौंकाने वाले तथ्य सामने आए, जिसके बाद मरीज की मौत हो गई।
पिता ने लगाए डॉक्टरों पर गंभीर आरोप
मृतक के पिता गिरधारीलाल रजक ने आरोप लगाया कि उनके बेटे को मामूली पथरी की समस्या थी, लेकिन पाठक अस्पताल के डॉ पुष्पेंद्र सिंह, डॉ राजीव पाठक और डॉ राजीव सिंह लापरवाही के कारण उसकी जान चली गई।
सीएसपी से भिडीं महिलाएं
घटना के बाद परिजनों का आक्रोश फूट पड़ा। सोमवार देर रात उन्होंने कोलगवां थाना के सामने चक्का जाम कर विरोध प्रदर्शन किया गया। स्थिति बिगड़ते देख पुलिस मौके पर पहुंची और लोगों को समझाइश देकर मामला शांत कराया।
सीएमएचओ को पहले दे चुके थे शिकायत
परिजनों ने मांग की कि पूरे मामले की निष्पक्ष जांच कराई जाए, पोस्टमार्टम विशेषज्ञ डॉक्टरों की टीम से कराया जाए और दोषी डॉक्टरों व अस्पताल प्रबंधन पर सख्त कानूनी कार्रवाई की जाए।
बताया जाता है कि डॉक्टरों की लापरवाही के संबंध में परिजनों ने चार दिन पहले सीएमएचओ डॉ मनोज शुक्ला को लिखित आवेदन देकर कार्रवाई की मांग की थी, लेकिन इस पर कोई एक्शन नहीं लिया गया।
