राहुल गांधी ने सरकार पर कसा तंज: 'देश को मध्यकाल में धकेलने की साजिश'

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राहुल गांधी ने सरकार पर कसा तंज: 'देश को मध्यकाल में धकेलने की साजिश'

राहुल गांधी ने सरकार पर कसा तंज देश को मध्यकाल में धकेलने की साजिश

राहुल गांधी ने सरकार पर कसा तंज

कांग्रेस नेता और लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी ने बुधवार को एक बार फिर केंद्र सरकार पर हमला बोला। उन्होंने सरकार द्वारा प्रधानमंत्री, मुख्यमंत्री और मंत्रियों को गंभीर आपराधिक मामलों में गिरफ्तारी के बाद पद से हटाने से जुड़े तीन नए बिलों पर अपनी कड़ी प्रतिक्रिया दी। राहुल ने कहा कि सरकार देश को मध्यकाल में धकेलने की कोशिश कर रही है, जब राजा किसी को भी गिरफ्तार करवा सकते थे, जो उन्हें पसंद नहीं आता था। rahul gandhi accuses government pushing back to medieval age  राहुल गांधी ने यह बयान संविधान सदन (पुरानी संसद) के सेंट्रल हॉल में I.N.D.I.A गठबंधन के उपराष्ट्रपति उम्मीदवार बी सुदर्शन रेड्डी के सम्मान समारोह में दिया। राहुल ने मंच से बोलते हुए कहा, "अब निर्वाचित प्रतिनिधि की कोई अहमियत नहीं रह गई है। अगर सरकार को आपका चेहरा पसंद नहीं आता, तो ED से केस बना दिया जाता है और फिर वह व्यक्ति 30 दिन में लोकतांत्रिक तरीके से खत्म हो जाता है।"

मध्यकाल का जिक्र करते हुए सरकार पर सवाल उठाए

राहुल गांधी ने आगे कहा, "यह बिल्कुल वैसा ही है जैसे मध्यकाल में हुआ करता था, जब राजा अपना मन मुताबिक किसी को भी गिरफ्तार करवा सकते थे। आज वही स्थिति हो रही है, जहां देश के लोकतांत्रिक संस्थान कमजोर हो रहे हैं और विपक्षी नेताओं को डराने धमकाने का प्रयास किया जा रहा है।" राहुल ने पूर्व उपराष्ट्रपति जगदीप धनखड़ का जिक्र करते हुए कहा कि, "भारत के पूर्व उपराष्ट्रपति आखिर क्यों छुपे हैं? जो नेता राज्यसभा में जोर जोर से बोलते थे, आज वे चुप हो गए हैं। वे इस्तीफा देने के बाद गायब हो गए हैं। यह सोचने का विषय है कि हम किस दिशा में जा रहे हैं।"

सरकार के तीन बिलों पर तीखी आलोचना

राहुल गांधी के आलोचना के निशाने पर गृह मंत्री अमित शाह द्वारा पेश किए गए तीन बिल थे। इन बिलों का उद्देश्य उन नेताओं को पद से हटाना है, जो गंभीर आपराधिक आरोपों में गिरफ्तार होते हैं। 20 अगस्त को गृहमंत्री ने इन तीन बिलों को लोकसभा में पेश किया था, जिनमें प्रधानमंत्री, मुख्यमंत्री और अन्य मंत्रियों को गंभीर आरोपों में गिरफ्तार होने पर पद से हटाने का प्रावधान है। इन बिलों के पीछे सरकार का कहना है कि इनकी मदद से लोकतंत्र और सुशासन को मजबूत किया जाएगा।

तीन बिलों के प्रमुख प्रावधान

  1. 130वां संविधान संशोधन बिल 2025 इस बिल के तहत यदि कोई मंत्री गंभीर आरोपों में गिरफ्तार हो जाता है और 30 दिन के अंदर जमानत नहीं लेता, तो उसे पद से हटा दिया जाएगा।
  2. गवर्नमेंट ऑफ यूनियन टेरिटरीज (संशोधन) बिल 2025 यह बिल केंद्र शासित राज्यों के नेताओं को गंभीर आरोपों में गिरफ्तार होने पर पद से हटाने की प्रक्रिया को कानूनी रूप से मजबूत करेगा।
  3. जम्मू कश्मीर पुनर्गठन (संशोधन) बिल 2025 यह बिल जम्मू और कश्मीर के नेताओं के लिए है, जो गिरफ्तारी के बाद पद से हटाए जा सकते हैं।

विपक्ष की प्रतिक्रिया: लोकतंत्र और संविधान पर हमला

विपक्षी दलों ने इन बिलों को संविधान विरोधी और न्याय विरोधी करार दिया है। कांग्रेस, AIMIM प्रमुख असदुद्दीन ओवैसी और समाजवादी पार्टी (SP) ने इन बिलों को न्यायपालिका और संविधान के सिद्धांतों के खिलाफ बताया है। विपक्ष का कहना है कि यह बिल लोकतांत्रिक अधिकारों का उल्लंघन करते हैं और यह चुने हुए नेताओं को सत्ताधारी दल के इशारों पर चलने के लिए मजबूर करेंगे।

कांग्रेस नेताओं के सख्त आरोप

कांग्रेस नेता कुमार विश्वास ने कहा कि सरकार एक तानाशाही की ओर बढ़ रही है और इन बिलों का मकसद विपक्षी नेताओं को डराना है। उन्होंने यह भी कहा कि यह बिल संविधान के मूल सिद्धांतों को नष्ट करने की कोशिश कर रहे हैं। तमिलनाडु के मंत्री सेंथिल बालाजी का उदाहरण देते हुए उन्होंने कहा कि सरकार के पास ऐसे बिल लाकर नेताओं को गिरफ्तार करने और उनके खिलाफ कार्रवाई करने का रास्ता खोलने की साजिश है।  india vp election sudharshan reddy nomination vice presidential election india

क्या है सरकार का तर्क?

केंद्र सरकार का कहना है कि यह बिल लोकतंत्र और सुशासन को मजबूत करने के लिए लाए गए हैं, क्योंकि संविधान में पहले से ही यह व्यवस्था नहीं थी कि किसी गंभीर आरोप में गिरफ्तार हुए नेता को पद से हटा दिया जाए। सरकार ने यह भी कहा कि जब तक कोई नेता जमानत नहीं लेता, उसे 30 दिनों के अंदर पद से हटा दिया जाएगा, ताकि सत्ताधारी पदों पर बैठे व्यक्ति पर कोई भी गंभीर आरोप लोकतंत्र को प्रभावित न कर सके। Read More :- ITR-फाइलिंग, 1 महीने से भी कम टाइम बचा है, फिर लगेगा जुर्माना Watch Now :- भोपाल में 92 करोड़ का ड्रग्स जब्त - क्या जिम्मेदार वही !

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