वोटर लिस्ट से गैर-नागरिक हटेंगे: बिहार मॉडल पूरे देश में लागू करने की तैयारी

voter-list-verification-eci-bihar-model-assam-bengal

वोटर लिस्ट से गैर-नागरिक हटेंगे: बिहार मॉडल पूरे देश में लागू करने की तैयारी

  वोटर लिस्ट से गैर-नागरिक हटेंगे बिहार मॉडल पूरे देश में लागू करने की तैयारी

voter list verification eci bihar: भारत में चुनाव आयोग द्वारा देशव्यापी वोटर लिस्ट की स्क्रीनिंग शुरू हो गई है, जिसका उद्देश्य है वोटर सूची से गैर-भारतीय नागरिकों को हटाना। बिहार में इसकी शुरुआत हो चुकी है, और अब यह मॉडल अगले चरणों में असम, बंगाल, केरल, तमिलनाडु समेत पूरे देश में लागू किया जाएगा।

  • शुरुआत: बिहार से हुई, जहां 7.9 करोड़ फॉर्म प्रिंट हुए और 7.7 करोड़ बांटे गए।
  •  स्थिति: अब तक 3.7 करोड़ फॉर्म (लगभग 47%) जमा हो चुके हैं।
  •  डेडलाइन: फॉर्म जमा करने की आखिरी तारीख 25 जुलाई है।
  •  अगला चरण:
    • 2026 चुनाव वाले राज्य: असम, बंगाल, केरल, तमिलनाडु, पुडुचेरी
    • 2027 चुनाव वाले राज्य: यूपी, पंजाब, गुजरात, गोवा, मणिपुर
    • लक्ष्य: 2029 के लोकसभा चुनाव से पहले पूरे भारत की वोटर लिस्ट जांच पूरी करना।

ECI का उद्देश्य: voter list verification eci bihar 

  • घर-घर जाकर वोटरों की नागरिकता की पुष्टि करना।
  • गैर-भारतीयों को वोटर लिस्ट से हटाना
  • फर्जी मतदाताओं को पहचानना और हटाना।

विपक्ष का विरोध और कानूनी लड़ाई

  • विपक्षी दलों और ADR ने सुप्रीम कोर्ट में याचिका दाखिल की है।
  • आरोप:
    • नागरिकता की पुष्टि करना सरकार का काम है, चुनाव आयोग का नहीं।
    • बिहार में अधिकांश लोगों के पास केवल आधार/राशन कार्ड हैं, जिन्हें मान्य नहीं माना जा रहा।
    • लाखों लोग प्रवासी हैं, उनके लिए प्रक्रिया मुश्किल।
  • 9 जुलाई को बिहार बंद और रेल रोक प्रदर्शन हुआ।
    • राहुल गांधी समेत महागठबंधन दलों का समर्थन।
    • भोजपुर, जहानाबाद, दरभंगा में ट्रेनें रोकी गईं।

विश्लेषण: असम और बंगाल में क्यों संवेदनशील है मामला?

  • असम:
    • पहले ही NRC (National Register of Citizens) की प्रक्रिया विवादों में रही।
    • बांग्लादेशी घुसपैठियों का मुद्दा राजनीतिक रूप से बेहद संवेदनशील है।
  • बंगाल:
    • चुनावी मुद्दों में अवैध प्रवासी, धार्मिक ध्रुवीकरण, और नागरिकता कानून (CAA) शामिल हैं।
    • ECI की स्क्रीनिंग से राजनीतिक तनाव और बढ़ सकता है।

voter list verification eci bihar model assam bengal

ECI की यह देशव्यापी स्क्रीनिंग प्रक्रिया 2029 के आम चुनाव से पहले भारत की लोकतांत्रिक संरचना को "शुद्ध" करने की सबसे बड़ी कवायद मानी जा रही है। लेकिन कानूनी, सामाजिक और राजनीतिक चुनौतियों से यह टकरा सकती है। Watch Now :-  जानिए कैसे ChatGPT की मदद से Jennifer Allen ने सिर्फ 30 दिन में आधा कर्ज चुकता कर दिया – वीडियो जरूर देखें और शेयर करें! Read More :-ICAI ने CA फाउंडेशन, इंटर, और फाइनल रिजल्ट घोषित किया: 50% वाले पास

संबंधित सामग्री

मां नर्मदा को और संवारेंगे सीएम डॉ. मोहन, जानें प्रदेश के मुखिया का क्या है प्लान?

राज्य

मां नर्मदा को और संवारेंगे सीएम डॉ. मोहन, जानें प्रदेश के मुखिया का क्या है प्लान?

मध्यप्रदेश के मुख्यमंत्री ने नर्मदा नदी के संरक्षण और समग्र विकास के लिए व्यापक योजना प्रस्तुत की, जिसमें नर्मदा जयंती का भव्य आयोजन भी शामिल है।

रतलाम में 40 लाख की लूट का खुलासा: कर्मचारी ही निकला मास्टरमाइंड, भाई और दोस्त संग रची थी साजिश

राज्य

रतलाम में 40 लाख की लूट का खुलासा: कर्मचारी ही निकला मास्टरमाइंड, भाई और दोस्त संग रची थी साजिश

रतलाम में 40 लाख रुपये की लूट का मामला सुलझा, कर्मचारी ने अपने भाई और दोस्त के साथ मिलकर रची साजिश। पुलिस ने सभी लूटी गई राशि बरामद की।

दिल्ली में बड़ी आतंकी साजिश नाकाम: स्पेशल सेल ने ISI से जुड़े मॉड्यूल का किया भंडाफोड़, चार गिरफ्तार

देश-विदेश

दिल्ली में बड़ी आतंकी साजिश नाकाम: स्पेशल सेल ने ISI से जुड़े मॉड्यूल का किया भंडाफोड़, चार गिरफ्तार

दिल्ली पुलिस की स्पेशल सेल ने ISI से जुड़े आतंकी गतिविधियों में संलिप्त चार आरोपियों को गिरफ्तार किया। हथियार और मोबाइल भी बरामद।

करोड़ों की लागत, पहली बारिश में जलभराव! भोपाल के अटल भवन की गुणवत्ता पर उठे सवाल

राज्य

करोड़ों की लागत, पहली बारिश में जलभराव! भोपाल के अटल भवन की गुणवत्ता पर उठे सवाल

मध्य प्रदेश के भोपाल में नगर निगम के नए मुख्यालय अटल भवन में पहली बारिश के दौरान ही जलभराव की समस्या देखने को मिली, जिससे निर्माण की गुणवत्ता पर सवाल उठे हैं।

हिमाचल हाईकोर्ट से सुक्खू सरकार को झटका, पंचायतों को समय से पहले भंग करने के फैसले पर अंतरिम रोक

राज्य

हिमाचल हाईकोर्ट से सुक्खू सरकार को झटका, पंचायतों को समय से पहले भंग करने के फैसले पर अंतरिम रोक

हिमाचल प्रदेश हाईकोर्ट ने लाहौल-स्पीति और चंबा जिले की पंचायतों के भंग करने पर रोक लगाई, वर्तमान प्रतिनिधियों को पदों पर बने रहने की अनुमति दी।