वैश्विक बाजारों में उथल-पुथल का सप्ताह: टीसीएस नतीजे और भू-राजनीतिक तनाव

विश्व बाजार साप्ताहिक समीक्षा

एनालिसिसवैश्विक बाजारों में उथल-पुथल का सप्ताह: टीसीएस नतीजे और भू-राजनीतिक तनाव

जुलाई 2026 का पहला सप्ताह वैश्विक बाजारों के लिए नाटकीय रहा, जिसमें टीसीएस के नतीजों और भू-राजनीतिक तनावों का मिश्रण था।

वैश्विक बाजारों में उथल-पुथल का सप्ताह टीसीएस नतीजे और भू-राजनीतिक तनाव

साप्ताहिक बाज़ार समीक्षा | शुक्रवार, 10 जुलाई 2026 को समाप्त सप्ताह

दलाल स्ट्रीट ने टीसीएस Q1 नतीजों के दम पर सप्ताह ऊंचे स्तर पर बंद किया; लेकिन यह सप्ताह रहा असाधारण नाटकीयता से भरा — युद्धविराम मृत घोषित, ईरान की मिसाइलें उड़ीं, कच्चा तेल 5% उछला और बाज़ार ने फिर भी संभाले रखा खुद को

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10 जुलाई 2026 को समाप्त यह सप्ताह वित्तीय इतिहास की किताबों में वर्षों तक पढ़ा जाएगा। पांच कारोबारी सत्रों के दौरान भारतीय और वैश्विक बाज़ारों ने देखा — अमेरिकी राष्ट्रपति द्वारा युद्धविराम को मृत घोषित करना, खाड़ी देशों में अमेरिकी सैन्य ठिकानों पर ईरानी मिसाइलें दागना, कच्चे तेल का निचले से ऊपरी स्तर तक लगभग 10% का झूला, दक्षिण कोरिया के कोस्पी का एक ही सत्र में लगभग 8% धराशायी होना, सैमसंग इलेक्ट्रॉनिक्स का 19 गुना मुनाफा कूदने के बावजूद 8.7% गिरना, और टीसीएस का एक शानदार तिमाही नतीजा जिसने भारतीय आईटी शेयरों को हफ्तों की सबसे बड़ी एकदिवसीय बढ़त दी। इन सबके बावजूद सेंसेक्स ने सप्ताह की शुरुआत से ऊंचे स्तर पर कारोबार समाप्त किया और निफ्टी शुक्रवार को 24,200 से ऊपर बंद हुआ — यह घरेलू संस्थागत प्रवाह, टीसीएस की कमाई के उत्प्रेरक और कूटनीतिक आशावाद की आंशिक वापसी द्वारा भारतीय बाज़ारों को दी गई असाधारण लचीलेपन का प्रमाण है।

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भारतीय बाज़ार — साप्ताहिक प्रदर्शन

सप्ताह की शुरुआत शक्तिशाली रही। सोमवार, 7 जुलाई को निफ्टी 159.50 अंक यानी 0.66% ऊपर 24,430.35 पर बंद हुआ, जबकि सेंसेक्स 521.16 अंक यानी 0.67% चढ़कर 78,285.07 पर बंद हुआ। बैंक निफ्टी 0.61% बढ़कर 58,291.50 पर रहा और इंडिया VIX कई महीनों के निचले स्तर 11.82 के करीब बना रहा। सबसे महत्वपूर्ण बात यह रही कि निफ्टी फरवरी के अंत के बाद पहली बार अपने 200-दिवसीय मूविंग एवरेज के ऊपर बंद हुआ — एक व्यापक रूप से देखा जाने वाला तकनीकी संकेत जो यह सुझाव देता है कि बाज़ार संघर्ष से हुए नुकसान से संरचनात्मक रूप से उबर रहा है।

मंगलवार ने सप्ताह का पहला झटका दिया। एशियाई बाज़ारों में कमज़ोरी रही, दक्षिण कोरिया का कोस्पी 4.9% गिरकर 7,656.31 पर बंद हुआ और सैमसंग इलेक्ट्रॉनिक्स के शेयर भारी मुनाफा पोस्ट करने के बावजूद 7.7% लुढ़क गए क्योंकि विदेशी निवेशकों ने शेयर बेचे। एसके हाइनिक्स 2,800 करोड़ डॉलर की अमेरिकी शेयर बिक्री से पहले 6.7% गिरा। इस संक्रमण ने भारतीय आईटी शेयरों को भी नीचे खींचा और व्यापक बाज़ार को लाल निशान में भेजा।

बुधवार ने सप्ताह का सबसे नाटकीय एकल-सुर्खी घटनाक्रम लाया। डाउ जोन्स इंडस्ट्रियल एवरेज में तेज गिरावट आई जब अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने तुर्की में नाटो शिखर सम्मेलन में ईरान के साथ युद्धविराम को "खत्म" घोषित कर दिया।

गुरुवार को ज्वार पलटना शुरू हुआ। गुरुवार को बंद होने पर बीएसई सेंसेक्स 238.22 अंक यानी 0.31% की बढ़त के साथ 76,741.82 पर बंद हुआ, जबकि एनएसई निफ्टी 50 ने 80.75 अंक यानी 0.34% की बढ़त के साथ 23,962.80 पर कारोबार समाप्त किया। बाज़ार 23,800–23,900 के उस महत्वपूर्ण समर्थन क्षेत्र के ऊपर टिका रहा जिसे विश्लेषकों ने निर्णायक बताया था। निफ्टी ने गुरुवार को इनवर्टेड हैमर कैंडलस्टिक बनाया, जो यह संकेत देता है कि हाल की अस्थिरता के बाद बाज़ार अभी विराम ले रहा है, किसी नई गिरावट में नहीं प्रवेश कर रहा।

शुक्रवार ने मंदड़ियों को करारा जवाब दिया। सेंसेक्स 828 अंक यानी 1.08% चढ़कर 77,569.39 पर बंद हुआ और निफ्टी50, 244.10 अंक यानी 1.02% ऊपर 24,206.90 पर बंद हुआ। चिप शेयरों की वैश्विक उछाल के कारण वैश्विक इक्विटी में तीव्र वृद्धि ने घरेलू सूचकांकों को भी सहारा दिया। जियो फाइनेंशियल सर्विसेज 3.90% उछलकर ₹242.48 पर बंद होकर निफ्टी 50 का सबसे बड़ा गेनर रहा। एचडीएफसी लाइफ इंश्योरेंस 2.84% की बढ़त के साथ ₹567.50 पर, और अदाणी एंटरप्राइजेज 2.41% की बढ़त के साथ ₹3,157.80 पर बंद हुए। अन्य प्रमुख गेनर्स में रिलायंस इंडस्ट्रीज 2.36%, एसबीआई लाइफ इंश्योरेंस 2.29%, और एक्सिस बैंक 2.04% की बढ़त के साथ रहे। टेक महिंद्रा 2.01% चढ़ा जबकि इंफोसिस, विप्रो और एचसीएलटेक भी स्वस्थ बढ़त के साथ बंद हुए।

सेक्टोरल मोर्चे पर, निफ्टी एफएमसीजी को छोड़कर सभी इंडेक्स हरे निशान में बंद हुए। निफ्टी पीएसयू बैंक और निफ्टी रियल्टी दोनों में 3% से अधिक की बढ़त आई। निफ्टी आईटी इंडेक्स में 1.96% की वृद्धि हुई। सेक्टोरल सूचकांकों में निफ्टी मिडस्मॉल आईटी और टेलीकॉम इंडेक्स 2.20% की बढ़त के साथ आज का शीर्ष गेनर रहा, इसके बाद निफ्टी आईटी 1.88% और निफ्टी मेटल 1.69% ऊपर रहे। व्यापक बाज़ार में निफ्टी मिडकैप और निफ्टी स्मॉलकैप क्रमशः 1.4% और 1.55% ऊपर बंद हुए।

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टीसीएस Q1 FY27 नतीजे : कमाई के मौसम की वह शुरुआत जिसकी बाज़ार को ज़रूरत थी

सप्ताह की सबसे महत्वपूर्ण घरेलू घटना थी टाटा कंसल्टेंसी सर्विसेज के तिमाही नतीजों की घोषणा — भारत की सबसे बड़ी आईटी सेवा कंपनी और देश के $250 अरब सॉफ्टवेयर निर्यात उद्योग की थर्मामीटर। टीसीएस ने विश्लेषकों के अनुमान से बेहतर वृद्धि दर्ज की और आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस से जुड़े सौदों से राजस्व में सालाना 13% से अधिक की वृद्धि देखी। मुंबई स्थित कंपनी ने 2026-27 की पहली तिमाही में ₹13,349 करोड़ का शुद्ध लाभ दर्ज किया, जो एक साल पहले के ₹12,760 करोड़ से 4.6% अधिक है। टीसीएस का राजस्व Q1FY26 के ₹63,437 करोड़ की तुलना में रिपोर्टेड आधार पर 13.9% बढ़कर ₹72,275 करोड़ रहा।

मुख्य कार्यकारी अधिकारी के. कृथिवासन ने कहा, "Q1 FY27 भू-राजनीतिक और व्यापक आर्थिक चुनौतियों के बावजूद हमारी विकास की गति और रणनीतिक स्थिति की मजबूती को दर्शाता है। हमने $9.5 अरब का एक मजबूत ऑर्डर बुक हासिल किया, जिसमें एसकेएफ के साथ एक प्रमुख एआई-नेतृत्व वाला परिवर्तन सौदा शामिल है, और हमारे एआई व्यवसाय को $2.6 अरब की वार्षिक राजस्व दर तक बढ़ाया।"

बैंकिंग ग्राहकों के मजबूत खर्च, बड़े डिजिटल परिवर्तन कार्यक्रमों की निरंतरता और अनुकूल मुद्रा प्रभाव ने राजस्व वृद्धि को बल दिया। टीसीएस ने 24% का परिचालन मार्जिन और 19.2% का शुद्ध मार्जिन बनाए रखा। कंपनी ने ₹12 प्रति इक्विटी शेयर का अंतरिम लाभांश घोषित किया, जिसकी रिकॉर्ड तारीख 15 जुलाई और भुगतान तारीख 31 जुलाई 2026 है।

टीसीएस के नतीजों ने वह आख्यान प्रदान किया जिसकी भारतीय इक्विटी बाज़ारों को तलाश थी — इस बात का प्रमाण कि पांच महीनों की भू-राजनीतिक उथल-पुथल, ऊंची ऊर्जा लागत और मुद्रा अस्थिरता के बावजूद भारत का प्रमुख निर्यात क्षेत्र न केवल टिका है बल्कि एआई युग में अपने संक्रमण को तेज़ कर रहा है।

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एशियाई बाज़ार — साप्ताहिक समीक्षा

हांगकांग और सियोल दोनों शुक्रवार को बढ़त के साथ बंद हुए, लेकिन सप्ताह का अंत 11.1 प्रतिशत-अंक के अंतर के साथ हुआ जो कम तेजी वाली कहानी बताता है: हैंग सेंग ने 3.5% की बढ़त दर्ज की, जबकि दक्षिण कोरिया के कोस्पी ने 7.6% गंवाया। तकनीकी क्षेत्र में यह विभाजन और भी तीखा रहा — हैंग सेंग टेक 4.95% चढ़ा जबकि एसके हाइनिक्स 10.1% और सैमसंग इलेक्ट्रॉनिक्स 7.9% गिरे।

सोमवार को एशियाई बाज़ारों में कोस्पी 4% से अधिक गिरकर नुकसान में आगे रहा क्योंकि सैमसंग और एसके हाइनिक्स के शेयर सैमसंग के मुनाफे के अनुमान से बेहतर नतीजों के बावजूद गिरे। निक्केई 225 लगभग 1.2% गिरकर 68,883 पर रहा। शंघाई कंपोजिट 0.6% गिरकर 4,017 पर आया जबकि हैंग सेंग ने 0.4% बढ़त के साथ 23,708 पर बेहतर प्रदर्शन किया।

मंगलवार इस क्षेत्र के लिए सप्ताह का सबसे क्रूर दिन रहा। टोक्यो का निक्केई 225 इंडेक्स 2.1% गिरकर 68,256.96 पर बंद हुआ। हांगकांग का हैंग सेंग 0.7% गिरकर 23,444.20 पर, जबकि शंघाई कंपोजिट 1.3% गिरकर 3,990.25 पर आया। सियोल में कोस्पी 8% तक लुढ़का, लेकिन कुछ नुकसान वापस पाकर 4.9% की गिरावट के साथ 7,656.31 पर बंद हुआ। सैमसंग इलेक्ट्रॉनिक्स के शेयर 7.7% गिरे, भले ही कंपनी ने पिछली तिमाही में 89.4 लाख करोड़ वॉन ($58.7 अरब) का परिचालन लाभ घोषित किया — जो 19 गुना वृद्धि है।

गुरुवार तक जवारभाटा पलट चुका था। जापान का निक्केई 225 एशिया में 1.4% ऊपर बंद हुआ, जबकि दक्षिण कोरिया का कोस्पी चंचल कारोबार में 0.62% बढ़त के साथ बंद हुआ। हांगकांग का हैंग सेंग 0.7% गिरा, जबकि मुख्य भूमि चीन का सीएसआई 300 2.5% ऊपर बंद हुआ।

शुक्रवार को एशियाई बाज़ार व्यापक रूप से ऊंचे बंद हुए। जापान का निक्केई 225 ने 1.25% की बढ़त के साथ 68,593.95 पर और हांगकांग का हैंग सेंग 1.25% उछलकर 24,329.81 पर बंद हुआ। ताइवान के नकद और डेरिवेटिव बाज़ार टाइफून बावी के कारण बंद रहे।

एसके हाइनिक्स के सीईओ क्वाक नोह-जुंग ने 2027 में सबसे खराब वैश्विक मेमोरी चिप की कमी की चेतावनी दी। उनकी कंपनी के अमेरिकी नैस्डैक पर प्रवेश पर शेयर 13.3% उछले और एडीआर ऑफरिंग सात गुना से अधिक ओवरसब्सक्राइब हुई — यह इस द्विभाजन का एक ज्वलंत उदाहरण है कि कोरिया-सूचीबद्ध शेयर बेच रहे निवेशक और डॉलर-मूल्यांकित एआई चिप एक्सपोज़र के लिए आतुर निवेशक दो अलग-अलग दुनिया में हैं।

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अमेरिकी बाज़ार — साप्ताहिक समीक्षा

वॉल स्ट्रीट ने चरम के सप्ताह का प्रदर्शन किया। डाउ ने सोमवार को 53,000 से ऊपर नया सर्वकालिक रिकॉर्ड बनाया, फिर बुधवार को ट्रंप के युद्धविराम खत्म करने की घोषणा पर लगभग 600 अंक धराशायी हो गया, इससे पहले गुरुवार और शुक्रवार को उबरा और सप्ताह का अंत मोटे तौर पर मिला-जुला रहा।

सोमवार, 6 जुलाई को एसएंडपी 500 ने 0.72% की बढ़त के साथ 7,537.43 पर कारोबार समाप्त किया, जबकि नैस्डैक कंपोजिट 1.12% चढ़कर 26,121.16 पर बंद हुआ। डाउ जोन्स इंडस्ट्रियल एवरेज 155.84 अंक यानी 0.29% चढ़कर 53,055.91 के रिकॉर्ड बंद स्तर पर रहा।

मंगलवार को तकनीकी क्षेत्र का हाल बिगड़ा। एसएंडपी 500 में 0.4% की गिरावट आई, हालांकि इसके अधिकांश शेयर ऊपर रहे। आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस उद्योग के शेयरों में गिरावट ने नैस्डैक कंपोजिट को 1.2% नीचे खींचा, जबकि डाउ जोन्स इंडस्ट्रियल एवरेज में 0.2% की मामूली गिरावट आई।

बुधवार ने सप्ताह का सबसे नाटकीय सत्र लाया। तुर्की में नाटो शिखर सम्मेलन में ट्रंप के बयान के बाद डाउ जोन्स इंडस्ट्रियल एवरेज तेज़ी से गिरा। 30 शेयरों वाला यह सूचकांक 576.76 अंक यानी 1.09% गिरकर 52,348.39 पर बंद हुआ। एसएंडपी 500 में 0.28% की गिरावट आई और यह 7,482.71 पर बंद हुआ। नैस्डैक कंपोजिट ने हालांकि इस प्रवृत्ति को तोड़ते हुए 0.2% की बढ़त के साथ 25,870.65 पर बंद हुआ। अंतरराष्ट्रीय ब्रेंट क्रूड फ्यूचर्स 5.43% उछलकर $78.19 प्रति बैरल पर बंद हुआ।

गुरुवार ने जोरदार वापसी दिखाई। चिप शेयरों में उछाल और तेल की कीमतों में गिरावट के बल पर शेयरों में तेजी आई। नैस्डैक कंपोजिट 1.30% बढ़कर 26,206.89 पर, एसएंडपी 500 ने 0.81% की बढ़त के साथ 7,543.64 पर, और डाउ जोन्स इंडस्ट्रियल एवरेज ने 139.02 अंक यानी 0.27% की बढ़त के साथ 52,487.41 पर कारोबार समाप्त किया। वैनएक सेमीकंडक्टर ईटीएफ 2.5% चढ़ा। माइक्रोन टेक्नोलॉजी के शेयरों में 4.5% की बढ़त आई। सैंडिस्क का स्टॉक 7.6% उछला।

होर्मुज़ जलडमरूमध्य में जारी तेल और बांड यील्ड में नरमी आई, जिससे वित्तीय क्षेत्र को बल मिला। मॉर्गन स्टेनली, गोल्डमैन सैक्स और अमेरिकन एक्सप्रेस सभी चढ़े। मेटा ने सितंबर तक अपनी स्वयं की एआई चिप उत्पादन शुरू करने की घोषणा के बाद 4% उछला।

समग्र रूप से देखें तो इस सप्ताह के लिए अमेरिकी बाज़ारों ने भू-राजनीतिक अनिश्चितता और शुरुआती Q1 कमाई के मौसम की सकारात्मक शुरुआत के बीच असाधारण इंट्राडे अस्थिरता का दौर देखा — डाउ सप्ताह के अंत में लगभग सपाट रहा और एसएंडपी 500 व नैस्डैक ने एआई और सेमीकंडक्टर व्यापार द्वारा संचालित मामूली शुद्ध बढ़त दर्ज की।

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कच्चा तेल — सप्ताह का निर्धारक रोलरकोस्टर

इस सप्ताह के असाधारण नाटक की कहानी किसी अन्य एसेट क्लास ने कच्चे तेल से अधिक स्पष्टता से नहीं बताई, जिसने पांच महीने के ईरान संघर्ष के दौरान अपने सबसे हिंसक साप्ताहिक उतार-चढ़ाव में से एक का प्रदर्शन किया।

सप्ताह की शुरुआत ब्रेंट के $72–73 प्रति बैरल के करीब से हुई। फिर बुधवार को तेल की कीमतें भड़क उठीं जब राष्ट्रपति ट्रंप ने होर्मुज़ जलडमरूमध्य में टैंकरों पर हमलों के प्रतिशोध में ईरान पर बमबारी करने और अमेरिकी नौसैनिक नाकेबंदी फिर से लागू करने की धमकी दी। वेस्ट टेक्सास इंटरमीडिएट फ्यूचर्स 4.4% बढ़कर $73.52 प्रति बैरल पर बंद हुआ। ब्रेंट फ्यूचर्स 5.2% उछलकर $78.02 पर बंद हुआ।

शुक्रवार तक, ब्रेंट क्रूड ऑयल लगभग $75.5 प्रति बैरल पर आ गया, लेकिन फिर भी सप्ताह के लिए लगभग 4.7% की बढ़त की राह पर रहा क्योंकि अमेरिका-ईरान के बीच नए तनाव ने होर्मुज़ जलडमरूमध्य से शिपिंग को बाधित किया और आपूर्ति की चिंताएं बढ़ाईं। बाज़ार ताजे हमलों के बाद के घटनाक्रम की निगरानी करता रहा, हालांकि वाशिंगटन और तेहरान के बीच वार्ता जारी रहने की उम्मीद है।

संयुक्त अरब अमीरात ने पिछले महीने अपना कच्चा तेल उत्पादन रिकॉर्ड ऊंचाई तक बढ़ा दिया। अंतरराष्ट्रीय ऊर्जा एजेंसी ने चेतावनी दी कि लंबे समय तक तनाव बने रहने पर इस साल वैश्विक तेल भंडार के पुनर्निर्माण की योजनाएं बाधित हो सकती हैं।

भारत के लिए, ब्रेंट का सप्ताह $75–76 प्रति बैरल के करीब समाप्त होना मार्च से मई के बीच संघर्ष के चरम पर देखे गए $98–126 के दायरे की तुलना में काफी बेहतर स्थिति है। हालांकि 4.7% की साप्ताहिक बढ़त एक तीखी याद दिलाती है कि तेल में भू-राजनीतिक जोखिम प्रीमियम अभी पूरी तरह समाप्त नहीं हुआ है। घरेलू क्रूड ट्रैकिंग डेटा $76.53 प्रति बैरल दिखाता है, जबकि मुंबई में पेट्रोल ₹111.21 प्रति लीटर और डीजल ₹97.83 प्रति लीटर पर बना हुआ है।

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भारत में सोना और चांदी

इस सप्ताह भारत में कीमती धातुओं का कारोबार व्यापक रूप से एक दायरे में रहा। ईरान-अमेरिका की फिर से तेज हुई तनातनी से सुरक्षित निवेश की मांग बढ़ी, लेकिन शांति वार्ता की आंशिक बहाली और अपेक्षाकृत स्थिर रुपये ने तेजी की सीमा तय रखी।

10 जुलाई को एमसीएक्स पर 5 अगस्त कंट्रैक्ट का सोना ₹1,45,200 प्रति 10 ग्राम पर खुला, जो पिछले बंद ₹1,45,392 से ₹192 नीचे था। एमसीएक्स सोने ने ₹1,44,750 का इंट्राडे निचला स्तर — जो ₹642 यानी 0.44% नीचे था — और ₹1,45,356 का उच्च स्तर छुआ।

आज भारत में 24 कैरेट सोने का भाव ₹1,44,182 प्रति 10 ग्राम और 22 कैरेट सोने का भाव ₹1,32,167 प्रति 10 ग्राम है। प्रति ग्राम के आधार पर, भारत में आज सोने का भाव 24 कैरेट सोने के लिए ₹14,482 प्रति ग्राम और 22 कैरेट सोने के लिए ₹13,275 प्रति ग्राम है।

शहर-वार, नई दिल्ली में सोने का भाव 24K के लिए ₹14,460, 22K के लिए ₹13,256, और 18K के लिए ₹10,849 प्रति ग्राम है। मुंबई में यह 24K के लिए ₹14,445, 22K के लिए ₹13,241, और 18K के लिए ₹10,834 प्रति ग्राम है। चेन्नई में 24K के लिए ₹14,532, 22K के लिए ₹13,321, और 18K के लिए ₹11,081 प्रति ग्राम है।

भारत में चांदी का भाव आज ₹240 प्रति ग्राम और ₹2,40,000 प्रति किलोग्राम है। चांदी फ्यूचर्स में शुरुआती कारोबार में बिकवाली का दबाव रहा, यह 0.83% यानी ₹1,932 गिरकर ₹2,28,925 प्रति किलोग्राम के इंट्राडे निचले स्तर पर आ गई। यह सफेद धातु ₹2,30,015 पर खुली, जो पिछले बंद ₹2,30,857 से ₹842 नीचे थी।

वैश्विक स्तर पर सोना $4,100–4,200 प्रति औंस के दायरे में कारोबार कर रहा था। सोना दो सप्ताह के उच्च स्तर $4,175–4,188 से वापस आया क्योंकि निवेशक एफओएमसी मिनट्स का इंतज़ार कर रहे हैं। घरेलू भारतीय सोने की कीमतें ₹1,44,000 प्रति 10 ग्राम से ऊपर बनी हुई हैं — संघर्ष-काल के शिखर से नीचे, लेकिन एक साल पहले के स्तर से अभी भी काफी ऊंची, जो अवशेष सुरक्षित-निवेश प्रीमियम और रुपये की संचयी गिरावट दोनों को दर्शाती हैं।

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मुद्रा बाज़ार — रुपया और प्रमुख मुद्राएं

भारतीय रुपये ने एक अशांत सप्ताह को संयमित लचीलेपन के साथ पार किया, जिसमें आरबीआई की निरंतर विदेशी मुद्रा बाज़ार प्रबंधन और घरेलू संस्थागत प्रवाह के शांत करने वाले प्रभाव का सहयोग मिला।

आज की स्थिति में, यूएसडी/आईएनआर दर 95.58 पर है, यूरो/आईएनआर 108.82 (0.22% नीचे), जेपीवाई/आईएनआर 0.5895 (0.35% ऊपर), और जीबीपी/आईएनआर 127.8156 (0.34% नीचे) पर है।

यूएसडी/जेपीवाई विनिमय दर 10 जुलाई को 161.7030 पर आ गई। जापानी येन शुक्रवार को 161.5 प्रति डॉलर से अधिक मजबूत हुआ, सप्ताह की शुरुआत में अपना सारा नुकसान मिटाते हुए, क्योंकि व्यापारी अधिकारिक हस्तक्षेप की संभावना के प्रति सतर्क रहे। जापान के उत्पादक मूल्य जून में 7.1% चढ़े — मार्च 2023 के बाद से सबसे तेज वार्षिक वृद्धि — जो मध्य-पूर्व संघर्ष और येन की तीव्र गिरावट से उपजे लागत दबाव को दर्शाती है।

वैश्विक मुद्रा बाज़ारों में EUR/USD 1.1430, GBP/USD 1.3392 पर रहा। बुधवार के मध्य-सप्ताह तनाव के दौरान सुरक्षित निवेश की मांग और मजबूत अमेरिकी श्रम बाज़ार के बुनियादी कारकों के संयोजन पर डॉलर सूचकांक व्यापक रूप से मजबूत बना रहा।

$95.33–95.58 के स्तर पर डॉलर के मुकाबले रुपये की सापेक्ष स्थिरता इस सप्ताह, यहां तक कि जब कच्चे तेल ने मध्य-सप्ताह में 5% की तेज उछाल लगाई, आरबीआई के सक्रिय प्रबंधन को श्रेय देती है। केंद्रीय बैंक का लगभग $700 अरब का भंडार मुद्रा पर सट्टा हमलों के खिलाफ एक शक्तिशाली निवारक बना हुआ है।

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संदर्भ में सप्ताह : आग में तपी लचीलापन

7–11 जुलाई 2026 के सप्ताह ने शायद संघर्ष शुरू होने के बाद से किसी भी अन्य सप्ताह की तुलना में अधिक शक्तिशाली ढंग से यह प्रदर्शित किया कि भारतीय बाज़ारों ने एक नया संतुलन पा लिया है — एक ऐसा जहां यह आधार अपेक्षा बन चुकी है कि भू-राजनीतिक संकट भड़कते और शांत होते रहेंगे, कच्चा तेल उछलेगा और पीछे हटेगा, और कूटनीतिक घटनाक्रम दोनों दिशाओं में चौंकाते रहेंगे। बुधवार के मध्य-सप्ताह 23,900 के खतरे के बाद 24,200 से ऊपर सप्ताह बंद करने की निफ्टी की क्षमता इस नई बाज़ार परिपक्वता का प्रमाण है।

तीन कारक इस लचीलेपन को आधार देते हैं। पहला, घरेलू संस्थागत निवेशक — मुख्य रूप से व्यवस्थित निवेश योजना प्रवाह से समृद्ध म्युचुअल फंड — लगातार गिरावट पर खरीदारी कर रहे हैं, जो बाज़ार को एक संरचनात्मक आधार देता है। दूसरा, भारत का मैक्रो स्टोरी वास्तव में बेहतर हुई है — संघर्ष के चरम की तुलना में कम औसत कच्चे तेल की कीमतें, उबरता रुपया, उदार आरबीआई, और पहली तिमाही का कमाई का मौसम जो — यदि टीसीएस कोई संकेत है — व्यापक सकारात्मक आश्चर्य दे सकता है। तीसरा, भारत-अमेरिका व्यापार ढांचा, जिसने प्रमुख भारतीय निर्यात क्षेत्रों के लिए शुल्क घटाए, ऑर्डर बुक डेटा और निर्यातक कंपनियों के फॉरवर्ड गाइडेंस में दिखने लगा है।

सप्ताह ने उन जोखिमों को भी उजागर किया जो बने हुए हैं। अमेरिका और ईरान के बीच युद्धविराम का ढांचा उल्लेखनीय रूप से नाजुक बना हुआ है — नाटो शिखर सम्मेलन में राष्ट्रपति का एक बयान ब्रेंट क्रूड को 5% ऊपर और डाउ को एक ही सत्र में लगभग 600 अंक नीचे भेजने के लिए पर्याप्त था। होर्मुज़ जलडमरूमध्य एक फ्लैशपॉइंट बना हुआ है। और फेडरल रिजर्व का हॉकिश रुझान — जून बैठक के मिनट्स से रेखांकित — इसका मतलब है कि $85–90 से ऊपर कोई भी टिकाऊ तेल मूल्य वापसी दर-वृद्धि की आशंकाओं को तेज़ी से पुनर्जीवित करेगी।

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आगे की राह — 14–18 जुलाई 2026 के लिए प्रमुख उत्प्रेरक

आने वाला सप्ताह बाज़ार-निर्धारक घटनाओं से भरा है। टीएसएमसी सोमवार 13 जुलाई को अपने विलंबित जून बिक्री आंकड़े और गुरुवार 16 जुलाई को दूसरी तिमाही के नतीजे जारी करने वाली है — जो यह तय करेंगे कि वैश्विक सेमीकंडक्टर रैली के पास बुनियादी आधार है या केवल गति पर चल रही है। सप्ताह के दौरान उपभोक्ता मूल्य सूचकांक के रूप में अमेरिकी महंगाई डेटा भी आएगा और यह फेड दर-वृद्धि की उम्मीदों के लिए सबसे महत्वपूर्ण डेटापॉइंट होगा।

भारत में, Q1 FY27 की कमाई का मौसम तेज़ी से आगे बढ़ेगा — एचडीएफसी बैंक, इंफोसिस, एचसीएल टेक्नोलॉजीज, और विप्रो के नतीजे आने वाले हैं, जो सामूहिक रूप से व्यापक आईटी क्षेत्र के री-रेटिंग की संभावना के लिए टोन सेट करेंगे।

भू-राजनीतिक मोर्चे पर, कतरी-मध्यस्थता वाली अमेरिकी और ईरानी प्रतिनिधिमंडलों के बीच तकनीकी चर्चाएं ख़ामेनई के निधन के शोक काल के बाद फिर से शुरू होने की उम्मीद है। एक विश्वसनीय नए ढांचे का कोई भी संकेत — विशेष रूप से जो होर्मुज़ जलडमरूमध्य नियंत्रण प्रश्न को निर्णायक रूप से संबोधित करे — कच्चे तेल में गिरावट और निफ्टी की 24,500–25,000 क्षेत्र की ओर बढ़त का अगला चरण ट्रिगर कर सकता है। इसके विपरीत, इन वार्ताओं के किसी भी पतन से तेल में जोखिम प्रीमियम तेज़ी से फिर से स्थापित होगा और निफ्टी शायद 23,800–23,900 के समर्थन क्षेत्र का परीक्षण करे।

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*सभी डेटा शुक्रवार, 10 जुलाई 2026 को बाज़ार बंद के समय पर आधारित है। अमेरिकी बाज़ार का डेटा, 10 जुलाई 2026 के बंद और शुक्रवार के प्री-मार्केट रुझानों को संदर्भित करता है। एशियाई बाज़ार का डेटा शुक्रवार, 10 जुलाई 2026 के बंद स्तरों को दर्शाता है। सोने, चांदी और कच्चे तेल की कीमतें 10–11 जुलाई 2026 के बाज़ार डेटा को संदर्भित करती हैं। मुद्रा दरें 11 जुलाई 2026 को प्रकाशित डेटा को संदर्भित करती हैं। टीसीएस की कमाई का डेटा 9 जुलाई 2026 को घोषित Q1 FY27 नतीजों को संदर्भित करता है। सभी कीमतें संकेतात्मक हैं और प्रकाशित बाज़ार डेटा प्लेटफॉर्म से ली गई हैं। यह लेख केवल सूचनात्मक उद्देश्यों के लिए है और इसे निवेश सलाह नहीं माना जाना चाहिए।*

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