Sheikh Bhrikhari Ansari Jayanti: एक ऐसे गुमनाम नायक जिन्होंने किया अंग्रेजो की नाक में दम!

sheikh-bhrikhari-ansari-freedom-fighter-jayanti

Sheikh Bhrikhari Ansari Jayanti: एक ऐसे गुमनाम नायक जिन्होंने किया अंग्रेजो की नाक में दम!

sheikh bhrikhari ansari jayanti एक ऐसे गुमनाम नायक जिन्होंने किया अंग्रेजो की नाक में दम

Sheikh Bhrikhari Ansari Jayanti: भारत की आजादी की लड़ाई में अनेक ऐसे गुमनाम नायक रहे, जिन्होने अपने साहस और बलिदान से स्वतंत्रता आंदोलन की मजबूत नींव रखी। ऐसे में एक गुमनाम नायक या यूं कहें स्वतंत्रता सेनानी जिनको बहुत कम लोग ही जानते हैं, शेख भिखारी अंसारी, जिनका जन्म 2 अक्टूबर 1819 को रांची जिला के लोटवां खुड़िया गांव में एक अंसारी खानदान में हुआ था। साधारण परिवार में जन्मे शेख अंसारी असाधारण पराक्रम दिखाकर अंग्रेजों के खिलाफ संघर्ष की लौ प्रज्वलित की। Read More: बारिश में बह गई रावण की राखी उम्मीदें: राजस्थान से यूपी तक जलप्रलय का कहर

स्वतंत्रता संग्राम में रही अहम हिस्सेदारी...

1857 का देशव्यापी विद्रोह भारतीय इतिहास का एक निर्णायक मोड़ था, जिसमें शेख अंसारी ने अहम भूमिका निभाई थी। वे टिकैत उमराव सिंह के अधीन 'दिवान' और सेनापति थे। इस जिम्मेदारी के तहत उन्होंने न केवल नेतृत्व किया बल्कि सैनिक रणनीतियों से अंग्रेजों को हैरान कर दिया। रांची क्षेत्र पर अंग्रेजों के कब्जे को रोकने के लिए उन्होंने चुटुपालू घाटी में रणनीति बनाई। उन्होंने घाटी के रास्तों के पेड़ कटवाकर अंग्रेजी फौज की टुकड़ियों की गति रोकी। यह कदम उठाना उस समय की परिस्थितियों में क्रांतिकारियों के सामरिक कौशल और दरदर्शिता को दर्शाता है।

रणनीतिक नेतृत्व...

अंग्रेजी सेना में इस बात की खासी चर्चा थी कि शेख भिखारी अंसारी और टिकैत उमराव सिंह खुले मोर्चे पर डटकर मुकाबला कर रहे हैं। जनरल मैकडोलैंड ने उन्हें विद्रोहियों में “सबसे खतरनाक और कुख्यात” क्रांतिकारी बताया। दरअसल, उनकी योजनाओं ने अंग्रेजी सत्ता को यह एहसास करा दिया था कि छोटानागपुर की धरती भी अब उनके लिए सुरक्षित नहीं रही।

8 जनवरी को मिली शहादत...

8 जनवरी 1858 का दिन भारतीय क्रांति के इस महानायक की शहादत का दिन बना। रांची और रामगढ़ के आसपास अंग्रेजी सेना ने कई दिनों तक संघर्ष चलते रहने के बाद शेख भिखारी अंसारी और टिकैत उमराव सिंह को पकड़ लिया। अंग्रेजों ने क्रूरता दिखाते हुए दोनों को रामगढ़ की चुटुपालू घाटी में एक बरगद के पेड़ पर फांसी दे दी। अंग्रेज उन्हें एक खतरनाक दुश्मन मानते थे, लेकिन असल में वे भारत की स्वतंत्रता की ज्वाला के प्रमुख वाहक थे। अपनी अंतिम सांस तक उन्होंने हार नहीं मानी और फांसी के फंदे पर मुस्कराते हुए मातृभूमि को वंदन किया।

अंसारी का बलिदान प्रेरणादायक...

आज शेख भिखारी अंसारी भले ही इतिहास की किताबों में सीमित नाम बनकर रह गए हों, लेकिन उनकी शहादत नई पीढ़ी को यह संदेश देती है कि स्वतंत्रता की कीमत बलिदान से चुकाई जाती है। झारखंड की धरती पर उनका नाम आज भी गर्व और श्रद्धा से लिया जाता है। वे सिर्फ एक योद्धा नहीं, बल्कि सामूहिक विद्रोह की उस भावना के प्रतीक हैं जिसने भारत को गुलामी की बेड़ियों को तोड़ने की राह दिखाई।

संबंधित सामग्री

ग्लासगो कॉमनवेल्थ 2026 : मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने  अंकुश को ग्लासगो कॉमनवेल्थ में स्वर्ण पदक जीतने पर दी बधाई

राज्य

ग्लासगो कॉमनवेल्थ 2026 : मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने  अंकुश को ग्लासगो कॉमनवेल्थ में स्वर्ण पदक जीतने पर दी बधाई

मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने ग्लासगो कॉमनवेल्थ 2026 में विभिन्न स्पर्धाओं में पदक जीतने वाले भारतीय खिलाड़ियों को बधाई दी।

छत्तीसगढ़ में बड़ा हादसा टला: बिलासपुर-रतनपुर हाईवे का पुल टूटा, यात्री बस बीच में फंसी

राज्य

छत्तीसगढ़ में बड़ा हादसा टला: बिलासपुर-रतनपुर हाईवे का पुल टूटा, यात्री बस बीच में फंसी

बिलासपुर में 35 साल पुराना पुल टूट गया, जिससे यात्री बस फंसी। सभी यात्रियों को सुरक्षित निकाला गया, यातायात प्रभावित हुआ।

सरकार के लिए शिक्षा सर्वोपरि, सीएम डॉ. मोहन बोले- नए युग की शुरुआत है सांदीपनि विद्यालय

राज्य

सरकार के लिए शिक्षा सर्वोपरि, सीएम डॉ. मोहन बोले- नए युग की शुरुआत है सांदीपनि विद्यालय

बैरसिया में नए सांदीपनि विद्यालय का उद्घाटन हुआ जो आधुनिक सुविधाओं और गुणवत्तापूर्ण शिक्षा के साथ विद्यार्थियों को ज्ञान, संस्कार और कौशल प्रदान करेगा।

कर्नाटक में जल्द होगा कैबिनेट विस्तार, दिल्ली में कांग्रेस की अहम बैठक

देश-विदेश

कर्नाटक में जल्द होगा कैबिनेट विस्तार, दिल्ली में कांग्रेस की अहम बैठक

कर्नाटक में नई कांग्रेस सरकार ने अगले सप्ताह मंत्रिमंडल विस्तार की योजना बनाई है, मुख्यमंत्री डीके शिवकुमार की अगुवाई में दिल्ली में चर्चाएँ हुईं।

सांसद पप्पू यादव पर चप्पल से किया हमला, दावा - चाकू लेकर आया था

देश-विदेश

सांसद पप्पू यादव पर चप्पल से किया हमला, दावा - चाकू लेकर आया था

Pappu Yadav was attacked with a shoe while addressing the media at his residence in Delhi, amidst chaos over a controversial statement.