11 साल बाद जेल से बाहर आया रामपाल, जानिए इंजीनियर कैसे बना संत?

sant-rampal-released-from-jail-after-11-years-case-history

11 साल बाद जेल से बाहर आया रामपाल, जानिए इंजीनियर कैसे बना संत?

11 साल बाद जेल से बाहर आया रामपाल जानिए इंजीनियर कैसे बना संत

Sant Rampal Release: सतलोक आश्रम प्रकरण में उम्रकैद की सजा काट रहा रामपाल जेल से बाहर आ गया है। रामपाल 11 साल और 4 महीने 24 दिन बाद हिसार की सेंट्रल जेल-2 से बाहर आया। परिवार के लोग 7 गाड़ियों में उसे लेने जेल में पहुंचे। रामपाल सफेद पर्दे लगी फॉर्च्यूनर में बैठा और फिर निकला गया। 

रामपाल

मुस्कुराता हुआ नजर आया रामपाल

गाड़ी में बैठते हुए वह मुस्कुराता हुआ नजर आया। इसके बाद रामपाल हिसार से सीधा सोनीपत के गोहाना में स्थित धनाना आश्रम के लिए रवाना हुआ है। बता दे  8 अप्रैल को पंजाब एंड हरियाणा हाईकोर्ट ने उम्रकैद की सजा काट रहे रामपाल को जमानत मंजूर की थी। शुक्रवार सुबह ही कोर्ट के आदेश पर रामपाल के वकीलों ने हत्या के 2 मामलों में 5-5 लाख के बेल बांड जमा करवाए।

इकठ्ठा हुए अनुयायी 

पुलिस ने कानून-व्यवस्था बनाए रखने के लिए जेल के बाहर व्यापक सुरक्षा इंतजाम किए थे। रामपाल महाराज के कई अनुयायी उसकी एक झलक पाने के लिए वहां इकठ्ठा हो गए थे। रामपाल ने हिसार की अदालत की ओर से 25 सितंबर 2025 को पारित किए गए आदेश के खिलाफ अपील दायर की थी। जिसके तहत उसकी जमानत खारिज कर दी गई थी। प्राथमिकी में आरोप लगाया गया था कि 2014 में रामपाल ने 900 से ज्यादा समर्थकों के साथ मिलकर हिसार जिले के बरवाला स्थित सतलोक आश्रम में अपनी गिरफ्तारी का विरोध किया था।

[caption id="attachment_146537" align="alignnone" width="1277"]रामपाल के समर्थक रामपाल के समर्थक[/caption]

Sant Rampal Release: क्या है मामला?

बता दे, नवंबर 2014 में पंजाब एवं हरियाणा हाईकोर्ट ने रामपाल को कोर्ट की अवमानना के मामले में पेश होने का आदेश दिया था, लेकिन वह पेश नहीं हुआ। 19 नवंबर 2014 में पुलिस रामपाल को गिरफ्तार करने बरवाला स्थित सतलोक आश्रम में पहुंची। यहां रामपाल समर्थकों और पुलिस के बीच टकराव हुआ। इस दौरान 5 महिलाओं, 1 बच्चे समेत 6 लोगों की मौत हो गई थी। इसके बाद रामपाल को गिरफ्तार किया गया। 2018 में हिसार कोर्ट ने रामपाल को दोषी ठहराया और हत्या सहित अन्य धाराओं में उम्रकैद की सजा सुनाई। इस मामले में रामपाल पर देशद्रोह का केस भी दर्ज किया गया।

कौन है रामपाल?

रामपाल मूल रूप से सोनीपत के धनाना गांव का रहने वाला है। उसने अपने करियर की शुरुआत सिंचाई विभाग में जूनियर इंजीनियर के रूप में की, लेकिन 1995 में उसने नौकरी छोड़ दी और रोहतक के करोंथा में सतलोक आश्रम की स्थापना की। यहां से उसने ‘नामदान’ देना शुरू किया और धीरे-धीरे कबीर पंथी संप्रदाय में बड़े चेहरे के रूप में उभरा। हालांकि, आर्य समाज को लेकर की गई आपत्तिजनक टिप्पणियों के कारण वो हमेशा विवादों में रहा। 12 जुलाई 2006 को रोहतक के करोंथा स्थित उसके आश्रम में हिंसा भड़क गई थी। इस झड़प में 1 व्यक्ति की मौत हो गई, जिसके बाद पुलिस ने रामपाल के खिलाफ हत्या का मामला दर्ज किया था।

संबंधित सामग्री

मानसून सत्र से पहले दिल्ली पहुंचे सीएम भजनलाल, अमित शाह से की अहम मुलाकात

राज्य

मानसून सत्र से पहले दिल्ली पहुंचे सीएम भजनलाल, अमित शाह से की अहम मुलाकात

राजस्थान विधानसभा का मानसून सत्र 20 अगस्त से शुरू होगा, जिसमें विकास और जन-कल्याणकारी योजनाओं पर चर्चा होगी। मुख्यमंत्री ने अमित शाह से मुलाकात की।

भोपाल मेट्रो यात्रियों के लिए खुशखबरी, अब रविवार को मिलेगी ज्यादा सुविधा

राज्य

भोपाल मेट्रो यात्रियों के लिए खुशखबरी, अब रविवार को मिलेगी ज्यादा सुविधा

मध्य प्रदेश मेट्रो रेल कॉर्पोरेशन ने रविवार और छुट्टी के दिनों में मेट्रो संचालन का समय बढ़ाया है, जिससे यात्रियों को देर शाम तक सेवाएं मिल सकेंगी।

बटलर बने टी-20 के रन किंग! पोलार्ड का रिकॉर्ड तोड़ा, वैभव सूर्यवंशी पर कही बड़ी बात

खेल

बटलर बने टी-20 के रन किंग! पोलार्ड का रिकॉर्ड तोड़ा, वैभव सूर्यवंशी पर कही बड़ी बात

जोस बटलर ने टी-20 क्रिकेट में सबसे अधिक रन बनाने का रिकॉर्ड बनाया, कीरोन पोलार्ड को पीछे छोड़ते हुए। उन्होंने भारतीय युवा वैभव सूर्यवंशी की प्रशंसा की।

मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने अधिकारियों को दिए पारदर्शी और समयबद्ध क्रियान्वयन के निर्देश

राज्य

मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने अधिकारियों को दिए पारदर्शी और समयबद्ध क्रियान्वयन के निर्देश

छत्तीसगढ़ सरकार ने PARAS पोर्टल का उपयोग करके योजनाओं की निगरानी और क्रियान्वयन में सुधार के लिए कदम उठाए हैं, जिससे डिजिटल गवर्नेंस को बढ़ावा मिलेगा।

CGPSC SI रिजल्ट पर सियासत तेज, भूपेश बघेल ने सरकार पर कसा तंज

राज्य

CGPSC SI रिजल्ट पर सियासत तेज, भूपेश बघेल ने सरकार पर कसा तंज

CGPSC की प्रारंभिक परीक्षा के परिणामों में असामान्य नामों के सामने आने के बाद भूपेश बघेल ने सोशल मीडिया पर तंज कसते हुए विवाद को हवा दी।