कुलगाम में आतंकी हमला

पहलगाम हमले की यादें ताजा: कुलवामा में नाम पूछकर 2 हिंदू मजदूरों को मारी गोली, दोनों छत्तीसगढ़ के

जम्मू-कश्मीर के कुलगाम में आतंकियों ने दो हिंदू मजदूरों को नाम पूछकर गोली मारी, दोनों छत्तीसगढ़ के थे। यह हमला पहलगाम हमले की यादें ताजा करता है।

By : नरेंद्र सिंह
पहलगाम हमले की यादें ताजा: कुलवामा में नाम पूछकर 2 हिंदू मजदूरों को मारी गोली, दोनों छत्तीसगढ़ के

AI

श्रीनगर। जम्मू-कश्मीर में एक बार फिर आतंकियों ने टारगेट किलिंग की वारदात को अंजाम दिया है। दक्षिण कश्मीर के कुलगाम जिले के केलम इलाके में शुक्रवार को आतंकियों ने ईंट-भट्ठे पर काम कर रहे प्रवासी मजदूरों से पहले नाम पूछा और फिर दो हिंदू मजदूरों को अलग कर गोली मार दी। दोनों मजदूर छत्तीसगढ़ के रहने वाले थे। एक की मौके पर ही मौत हो गई, जबकि दूसरे ने अस्पताल में इलाज के दौरान दम तोड़ दिया। इस हमले ने अप्रैल में हुए पहलगाम आतंकी हमले की यादें फिर ताजा कर दी हैं।

छत्तीसगढ़ के दीपक और भूपेंद्र बने आतंकियों का निशाना

मृतकों की पहचान 24 वर्षीय दीपक रात्रे और 28 वर्षीय भूपेंद्र के रूप में हुई है। दोनों छत्तीसगढ़ के रहने वाले थे और कुलगाम के केलम इलाके में स्थित एक ईंट-भट्ठे पर मजदूरी कर रहे थे। प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, हमलावरों ने पहले मजदूरों की पहचान पूछी और फिर दोनों को समूह से अलग कर उन पर ताबड़तोड़ फायरिंग कर दी।

हमले से पहले की रेकी, 3-4 राउंड फायरिंग

प्रारंभिक जांच में सामने आया है कि आतंकियों ने वारदात से पहले इलाके की रेकी की थी। घटना के समय वहां कई प्रवासी मजदूर मौजूद थे, लेकिन हिंदू केवल यही दोनों मजदूर थे। हमलावरों ने करीब तीन से चार राउंड फायरिंग की और घटना को अंजाम देकर फरार हो गए।

इलाके की घेराबंदी, बड़े स्तर पर सर्च ऑपरेशन

हमले की सूचना मिलते ही पुलिस, सेना और अन्य सुरक्षा एजेंसियां मौके पर पहुंच गईं। पूरे केलम इलाके की घेराबंदी कर दी गई है। आने-जाने वाले वाहनों की सघन जांच की जा रही है और संदिग्धों की तलाश में व्यापक सर्च ऑपरेशन चलाया जा रहा है।

एक स्थानीय और एक पाकिस्तानी आतंकी पर शक

सूत्रों के मुताबिक, जांच एजेंसियों को इस हमले में एक स्थानीय आतंकी और एक पाकिस्तानी आतंकी के शामिल होने का संदेह है। शुरुआती जांच का फोकस मोहम्मद लतीफ नामक संदिग्ध पर है, जो पिछले वर्ष लश्कर-ए-तैयबा से जुड़े संगठन द रेजिस्टेंस फ्रंट (TRF) में शामिल हुआ था। हालांकि, सुरक्षा एजेंसियों ने अभी तक किसी भी नाम की आधिकारिक पुष्टि नहीं की है।

10 दिन पहले भी हुआ था आतंकी हमला

इससे पहले 21 जुलाई को अनंतनाग के लाल चौक इलाके में अमरनाथ यात्रा की सुरक्षा ड्यूटी पर तैनात पुलिसकर्मियों पर आतंकियों ने फायरिंग की थी। इस हमले में हेड कॉन्स्टेबल आशिक हुसैन कुरैशी शहीद हो गए थे। सुरक्षाबलों ने जवाबी कार्रवाई भी की थी, लेकिन हमलावर फरार होने में सफल रहे।

पहलगाम हमले की याद हुई ताजा

कुलगाम की यह घटना अप्रैल में हुए पहलगाम आतंकी हमले की याद दिलाती है, जिसमें आतंकियों ने पर्यटकों की पहचान पूछकर उन्हें निशाना बनाया था। ताजा हमले के बाद एक बार फिर यह सवाल उठने लगा है कि आतंकवादी चुन-चुनकर आम नागरिकों और प्रवासी मजदूरों को निशाना क्यों बना रहे हैं।

संबंधित सामग्री

आर्टिकल 370 हटने के 7 साल पूरे, जम्मू-कश्मीर में मल्टी लेयर सुरक्षा व्यवस्था लागू

आर्टिकल 370 हटने के 7 साल पूरे, जम्मू-कश्मीर में मल्टी लेयर सुरक्षा व्यवस्था लागू

जम्मू-कश्मीर ने अनुच्छेद 370 और 35A की समाप्ति के 7 साल पूरे किये। सुरक्षा कड़ी की गई है, विपक्ष ने 'ब्लैक डे' का आयोजन किया।

देशभर में मानसून का असर: केरल-कर्नाटक में मौतें, जम्मू-कश्मीर में बादल फटा, उत्तराखंड में हाईवे धंसा, तमिलनाडु में बारिश

देशभर में मानसून का असर: केरल-कर्नाटक में मौतें, जम्मू-कश्मीर में बादल फटा, उत्तराखंड में हाईवे धंसा, तमिलनाडु में बारिश

केरल, कर्नाटक, उत्तराखंड और जम्मू-कश्मीर में भारी बारिश और भूस्खलन से जान-माल का खतरा बढ़ा, जबकि तमिलनाडु जल संकट से जूझ रहा है।

सीएम साय की बड़ी घोषणा, आतंकी हमले में मारे गए छत्तीसगढ़ के श्रमिकों को 20-20 लाख देगी सरकार

सीएम साय की बड़ी घोषणा, आतंकी हमले में मारे गए छत्तीसगढ़ के श्रमिकों को 20-20 लाख देगी सरकार

मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने कुलगाम आतंकी हमले में मरनेवाले श्रमिकों के परिवारों को 20 लाख रुपए आर्थिक सहायता देने की घोषणा की।

कुलगाम आतंकी हमले में छत्तीसगढ़ के मजदूर की मौत, CM साय ने जताया शोक

कुलगाम आतंकी हमले में छत्तीसगढ़ के मजदूर की मौत, CM साय ने जताया शोक

जम्मू-कश्मीर के कुलगाम में आतंकी हमले में छत्तीसगढ़ के मजदूर दीपक रात्रे की मौत हो गई। मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने गहरा शोक व्यक्त किया।

कुलगाम में पहलगाम जैसी वारदात: नाम पूछकर 2 हिंदू मजदूरों की हत्या, सुरक्षा व्यवस्था पर फिर उठे सवाल

कुलगाम में पहलगाम जैसी वारदात: नाम पूछकर 2 हिंदू मजदूरों की हत्या, सुरक्षा व्यवस्था पर फिर उठे सवाल

कुलगाम में आतंकियों ने प्रवासी मजदूरों को निशाना बनाया, जिसमें दो हिंदू मजदूरों की मौत हो गई। आतंकी हमले में एक स्थानीय और पाकिस्तानी आतंकी की भूमिका संदिग्ध।

Advertisement

Uk Add यूसीसी-समानता द्वारा समरसता 01 on 23 Aug 2026