ईरान में अमेरिका और इजरायल के हमले में मारे गए पूर्व सर्वोच्च नेता अयातुल्ला अली खामेनेई की 1 हफ्ते तक चलने वाली राजकीय अंतिम विदाई शुरू हो चुकी है। ईरानी राष्ट्रपति मसूद पजशकियान समेत देश की टॉप लीडरशिप तेहरान में खामेनेई को श्रद्धांजलि देने पहुंचा था। इस दौरान सुरक्षा कारणों से अयातुल्लाह अली खामेनेई के बेटे मुजतबा खामेनेई शामिल नहीं हुए।
100 से ज्यादा देशों के प्रतिनिधि हुए शामिल
खामेनेई के अंतिम संस्कार के कार्यक्रमों में 100 से ज्यादा देशों के प्रतिनिधि शामिल हुए। हालांकि रूस, चीन, भारत और तुर्किये जैसे देशों के टॉप लीडर्स ने इससे दूरी बनाए रखी। ईरान की तरफ से न्योता भेजे जाने के बावजूद इन्होंने अपने प्रतिनिधियों को भेजा। हालांकि पाकिस्तान, इराक, आर्मेनिया, ताजिकिस्तान, जॉर्जिया जैसे देशों के टॉप लीडर्स समारोह में शामिल हुए। वहीं, भारत की तरफ से आधिकारिक तौर पर विदेश राज्य मंत्री पबित्र मार्गेरिटा और बिहार के राज्यपाल सैयद अता हसनैन शामिल हुए है।

आम जनता के लिए खास इंतजाम
ईरान के पूर्व सुप्रीम लीडर खामेनेई का ताबूत तेहरान के इमाम खुमैनी ग्रैंड मुसल्ला पहुंचाया गया है। यहां उनके अंतिम संस्कार के आयोजन में कई देशों के प्रतिनिधिमंडल शामिल हुए। खामेनेई के साथ उनकी 14 महीने की पोती, बेटी, पत्नी और दामाद को भी अंतिम श्रद्धांजलि दी गई। खामेनेई के अंतिम संस्कार में शामिल आम लोगों के लिए मेट्रो और सरकारी बसें मुफ्त रहीं। साथ ही होटल किराए में 50% की छूट और स्कूलों-मस्जिदों में ठहरने की व्यवस्था की गई है। दूसरे शहरों से लोगों को लाने के लिए स्पेशल ट्रेनें भी चलाई गईं है।
ट्रंप का तंज
इसी बीच अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने तेहरान पर तंज कसते हुए कहा कि अमेरिका ने ईरान को अंतिम संस्कार के लिए एक हफ्ते का वक्त इसलिए दिया क्योंकि वाशिंगटन "अच्छा" देश है। दरअसल अली खामेनेई की मौत 28 फरवरी को हुई थी। यह वो दिन था जब अमेरिका और इजरायल के बीच ईरान के खिलाफ जंग की शुरुआत हुई। खामेनेई एक साझा अमेरिकी इजरायली हवाई हमले में मारे गए थे।